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भारत का स्टार्टअप परिदृश्य (Startup Landscape) दुनिया में सबसे तेजी से विकसित हो रहा है, और इसी गति को और आगे बढ़ाने के लिए गूगल लेकर आया है एक अनोखी पहल- Google for Startups India AI Skilling Program.
इस प्रोग्राम का उद्देश्य है भारतीय स्टार्टअप फाउंडर्स को एआई टेक्नोलॉजी (AI Technology) के सही उपयोग की ट्रेनिंग देना ताकि वे अपने आइडिया को रियलिटी में बदल सकें. यह प्रोग्राम विशेष रूप से नए और शुरुआती फाउंडर्स (Early-stage Founders) के लिए बनाया गया है जो जनरेटिव एआई की मदद से नए प्रोडक्ट या सॉल्यूशन बनाना चाहते हैं.
गूगल का यह स्किलिंग प्रोग्राम 27 नवंबर से 7 दिसंबर 2025 तक चलेगा. यह पूरी तरह ऑनलाइन (Online Training) होगा ताकि देशभर के फाउंडर्स इसमें भाग ले सकें. ट्रेनिंग में प्रतिभागियों को सिखाया जाएगा कि कैसे Google AI Tools जैसे Gemini (जेमिनी), Nano Banana (नैनो बनाना), Imagen (इमेजन), Veo (वेओ). इनका इस्तेमाल कर वह AI Prototypes बना सकते हैं, उन्हें डिजाइन कर सकते हैं और स्केल कर सकते हैं.
गूगल का यह इनिशिएटिव सिर्फ कोडिंग नहीं, बल्कि आइडेशन से लेकर लॉन्च तक (Idea to Deployment) की पूरी प्रक्रिया सिखाएगा. इसमें शामिल होंगे ये मॉड्यूल्स-
| मॉड्यूल | विवरण |
|---|---|
| AI Ideation | कैसे एक इनोवेटिव आइडिया को एआई के जरिए विकसित किया जाए |
| Design Thinking | कैसे उपयोगकर्ता की जरूरत के अनुसार उत्पाद को डिजाइन करें |
| AI Prototype Building | बिना कोडिंग के प्रोटोटाइप बनाना |
| Deployment and Testing | एआई प्रोडक्ट को बाजार में लाने की तैयारी |
| Innovation Showcase | अपने बनाए प्रोडक्ट को पेश करने का अवसर |
इसके अलावा, सभी प्रतिभागियों को Google AI Studio में हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वह रियल-टाइम में टूल्स का प्रयोग कर सकें.
गूगल का यह प्रोग्राम सिर्फ टेक फाउंडर्स के लिए नहीं है. बल्कि यह उन क्रिएटिव और नॉन-टेक्निकल (Non-Technical) उद्यमियों के लिए भी है जो कोडिंग नहीं जानते लेकिन एआई की मदद से नए सॉल्यूशन बनाना चाहते हैं. इन लोगों को “प्रॉम्प्ट-बेस्ड टूल्स (Prompt-based Tools)” की मदद से काम सिखाया जाएगा. यानी कोडिंग नहीं, सिर्फ सही प्रॉम्प्ट देना है और एआई खुद आपका प्रोटोटाइप तैयार करेगा.
प्रोग्राम पूरा करने वाले सभी प्रतिभागियों को गूगल की ओर से ऑफिशियल सर्टिफिकेट (Official Certificate) मिलेगा. इतना ही नहीं, उन्हें अगले साल जनवरी में होने वाले “Build the Future Showcase” इवेंट में अपने इनोवेशन को शोकेस (Showcase) करने का अवसर भी मिलेगा. यानी, अगर किसी स्टार्टअप का आइडिया इस प्रोग्राम में चमक गया, तो उसे आगे गूगल और उसके पार्टनर्स से भी एक्सपोजर मिल सकता है.
Google for Startups India की प्रमुख रागिनी दास (Ragini Das) ने कहा, “हमारा लक्ष्य है हर फाउंडर तक एआई की पावर पहुंचाना, ताकि कोडिंग जैसी पारंपरिक बाधाएं खत्म हो सकें. गूगल का फुल-स्टैक एआई इकोसिस्टम (Full-stack AI Ecosystem) फाउंडर्स को तेजी से आइडिया से प्रोडक्ट की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगा.” उन्होंने कहा कि भारत के पास इनोवेशन की ऊर्जा है, अब जरूरत है सही स्किल्स और सही टूल्स की और यही यह प्रोग्राम प्रदान करेगा.
इस प्रोग्राम को भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics & IT), स्टार्टअप इंडिया (Startup India), IndiaAI Mission, और NASSCOM का पूरा समर्थन प्राप्त है.
MeitY Startup Hub के सीईओ पन्नीरसेल्वम मदनगोपाल (Panneer Selvam Madangopal) ने कहा, “यह पहल डिजिटल इंडिया और विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाती है. यह सिर्फ स्किल डेवलपमेंट नहीं, बल्कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए भारतीय स्टार्टअप्स को तैयार करने की दिशा में एक कदम है.”
भारत में 2025 तक लगभग 1.5 लाख एक्टिव स्टार्टअप्स (Active Startups) होने का अनुमान है. इनमें से ज्यादातर फाउंडर्स को तकनीकी स्किल्स की कमी के कारण अपने आइडिया को स्केल करने में मुश्किल होती है. गूगल का यह प्रोग्राम इन चुनौतियों को खत्म करने और स्टार्टअप्स को ग्लोबल लेवल (Global Level) पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में मदद करेगा.
इच्छुक फाउंडर्स या नए एंटरप्रेन्योर्स startup.google.com वेबसाइट पर जाकर रजिस्टर कर सकते हैं. रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी तरह फ्री है, लेकिन सीटें लिमिटेड (Limited Seats) हैं.
भारत का एआई इकोसिस्टम 2023 में लगभग USD 4.2 बिलियन का था और 2026 तक यह बढ़कर USD 7.8 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है.गूगल जैसे वैश्विक टेक प्लेयर्स की इस तरह की पहलें भारत को इस दिशा में एक लीडिंग हब बना सकती हैं.
गूगल का “AI Skilling Program” सिर्फ एक ट्रेनिंग प्रोग्राम नहीं, बल्कि डिजिटल इंडिया (Digital India) की नई ऊर्जा है. यह उन हजारों फाउंडर्स के लिए अवसर लेकर आया है जिनके पास आइडिया तो है, लेकिन टेक्नोलॉजी की समझ नहीं. अब कोडिंग नहीं, बस क्रिएटिव सोच चाहिए बाकी काम एआई करेगा. यह प्रोग्राम साबित करेगा कि भविष्य उन्हीं का है जो सीखने और अपनाने के लिए तैयार हैं.
यह एक ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम है जो फाउंडर्स को एआई प्रोटोटाइप बनाना सिखाता है.
27 नवंबर से 7 दिसंबर 2025 तक.
नए फाउंडर्स, एंटरप्रेन्योर्स और नॉन-टेक्निकल लोग.
हां, पूरी तरह मुफ्त है.
Gemini, Nano Banana, Imagen और Veo.
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