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कुछ साल पहले तक स्टार्टअप शुरू करने का मतलब साफ था पहले ऑफिस ढूंढो, फिर लंबी लीज साइन करो, लाखों रुपये इंटीरियर में लगाओ और उसके बाद बिजनेस शुरू करने की सोचो, लेकिन अब कहानी पूरी तरह बदल चुकी है.
आज भारत के स्टार्टअप्स बिना किसी भारी निवेश के, शानदार और पूरी तरह तैयार ऑफिस में काम कर रहे हैं. न लंबी लीज का झंझट, न भारी खर्च और न ही भविष्य का डर. इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह है 'फ्लेक्स स्पेस' मॉडल. यही मॉडल आज स्टार्टअप्स के लिए किसी वरदान से कम नहीं है.
फ्लेक्स स्पेस का मतलब है ऐसा ऑफिस, जो आपको किराए पर नहीं बल्कि सब्सक्रिप्शन की तरह मिलता है. इसके तहत आपको
यानि ऑफिस अब बोझ नहीं, बल्कि एक सर्विस बन चुका है.
हर स्टार्टअप की शुरुआत एक ही सवाल से होती है.. पैसा कहां खर्च करें, प्रोडक्ट में या ऑफिस में? पहले के जमाने में:
इन सब में स्टार्टअप का 30-40% फंड शुरू में ही खत्म हो जाता था.
फ्लेक्स स्पेस का सबसे बड़ा फायदा है इसका एसेट-लाइट मॉडल. इस मॉडल में-
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मॉडल से सेटअप कॉस्ट 70-80% तक कम हो जाती है. यानी जो पैसा पहले दीवारों और फर्नीचर में जाता था, अब वही पैसा प्रोडक्ट, टेक्नोलॉजी और मार्केटिंग में लगाया जा रहा है.
आज ऑफिस भी बिल्कुल SaaS प्रोडक्ट की तरह काम कर रहा है. जैसे-
स्टार्टअप फाउंडर्स के लिए यह flexibility किसी सपने से कम नहीं है.
आज के फ्लेक्स स्पेस सिर्फ कुर्सी और टेबल तक सीमित नहीं हैं. यहां मिल रहा है-
यानि छोटे स्टार्टअप्स भी अब बड़े ब्रांड्स जैसे ऑफिस में काम कर पा रहे हैं, वो भी बिना लाखों खर्च किए.
आज की युवा वर्कफोर्स सिर्फ सैलरी नहीं देखती. वह देखती है-
फ्लेक्स स्पेस इन सभी मोर्चों पर स्टार्टअप्स की मदद कर रहे हैं. अच्छा ऑफिस मतलब बेहतर टैलेंट और बेहतर रिटेंशन.
अब स्टार्टअप्स सिर्फ बेंगलुरु या गुरुग्राम तक सीमित नहीं हैं. फ्लेक्स स्पेस की वजह से जयपुर, इंदौर, कोच्चि, कोयंबटूर और नागपुर जैसे शहर स्टार्टअप हब बनते जा रहे हैं. कम किराया, सस्ता टैलेंट और बढ़िया इंफ्रास्ट्रक्चर मिलकर स्टार्टअप्स के लिए परफेक्ट कॉम्बिनेशन बना रहे हैं.
आज निवेशक भी उन्हीं स्टार्टअप को पसंद करते हैं
फ्लेक्स स्पेस इस सोच में बिल्कुल फिट बैठता है.
फ्लेक्स स्पेस मॉडल ने स्टार्टअप्स के लिए ऑफिस का मतलब ही बदल दिया है. अब ऑफिस कोई भारी खर्च नहीं, बल्कि बिजनेस बढ़ाने का एक स्मार्ट टूल बन चुका है. एसेट-लाइट मॉडल, कम सेटअप कॉस्ट, शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर और पूरी flexibility ने फ्लेक्स स्पेस को स्टार्टअप्स का सबसे भरोसेमंद साथी बना दिया है. आने वाले समय में जो स्टार्टअप्स तेजी से आगे बढ़ेंगे, उनकी नींव इसी मॉडल पर टिकी होगी.
रेडी टू यूज ऑफिस जो सब्सक्रिप्शन मॉडल पर मिलता है.
70-80% तक कम सेटअप कॉस्ट और पूरी flexibility.
हां, यही इसका सबसे बड़ा फायदा है.
हां, तेजी से Tier-2 शहरों में विस्तार हो रहा है.
हां, क्योंकि यह एसेट-लाइट और स्केलेबल है.
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