ईवी चार्जिंग स्टार्टअप EVamp Technologies ने जुटाए 7 करोड़ रुपये, जानिए कहां होगा पैसों का इस्तेमाल

EVamp Technologies ने अपने पहले फंडिंग राउंड में 7 करोड़ रुपये जुटाए हैं. यह कंपनी Mobilane नामक EV (Electric Vehicle) चार्जिंग नेटवर्क चलाती है और अब पैन-इंडिया स्तर पर अपनी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) को मजबूत करने के साथ ही AC चार्जर और Light Electric Vehicle (LEV) DC चार्जर के इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग में निवेश करेगी.
ईवी चार्जिंग स्टार्टअप EVamp Technologies ने जुटाए 7 करोड़ रुपये, जानिए कहां होगा पैसों का इस्तेमाल

भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल (Electric Vehicle) मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और इसी रफ्तार के साथ EV चार्जिंग नेटवर्क (Charging Network) का विस्तार भी जरूरी हो गया है. इसी दिशा में EVamp Technologies ने अपनी पहली फंडिंग में 7 करोड़ रुपये जुटाए हैं. कंपनी Mobilane Network के नाम से पूरे भारत में EV चार्जिंग सॉल्यूशंस (Charging Solutions) देती है.

कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल देशभर में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने और अपने खुद के AC चार्जर और Light Electric Vehicle DC चार्जर (LEV DC Charger) बनाने में करेगी. यह निवेश EV सेक्टर (EV Sector) में एक अहम कदम माना जा रहा है क्योंकि इससे भारत का ई-मोबिलिटी (E-Mobility) इकोसिस्टम और मजबूत होगा.

पैन-इंडिया चार्जिंग प्लेटफॉर्म

EVamp Technologies की सबसे बड़ी ताकत इसका Mobilane नेटवर्क है. यह एक पैन-इंडिया प्लेटफॉर्म है जो स्मार्ट चार्जिंग सॉल्यूशंस प्रदान करता है. कंपनी AC चार्जर और LEV DC चार्जर डिज़ाइन और मैन्युफैक्चर भी करती है.

Mobilane नेटवर्क की खासियत यह है कि यह शहरी इलाकों, रेजिडेंशियल सोसाइटीज और हाईवे इन्फ्रास्ट्रक्चर (Highway Infrastructure) में चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध कराता है. यानी शहर हो या हाइवे, यूजर्स को हर जगह भरोसेमंद चार्जिंग विकल्प मिलते हैं.

फाउंडर्स का विजन

EVamp Technologies के फाउंडर देवांश शाह ने कहा कि यह फंडिंग कंपनी के लिए बड़ा माइलस्टोन है. उनका कहना है कि शुरुआत से ही फोकस हाई-परफॉर्मेंस और फ्यूचर-रेडी चार्जिंग नेटवर्क बनाने पर रहा है.

उनके मुताबिक कंपनी ने चार्जर टेक्नोलॉजी और ऑपरेशंस में गहरी क्षमताएं विकसित की हैं. इस निवेश के साथ कंपनी तेजी से AC और LEV DC चार्जर का मैन्युफैक्चरिंग स्केल-अप करेगी और भारत में एक मजबूत EV इंफ्रास्ट्रक्चर की नींव रखेगी.

बिजनेस मॉडल की ताकत

कंपनी के को-फाउंडर गुंजन मेहता ने कहा कि EVamp का बिजनेस मॉडल टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन (Technological Innovation), ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) और फाइनेंशियल सस्टेनेबिलिटी (Financial Sustainability) पर आधारित है.

उन्होंने बताया कि EVamp भारत का इकलौता Charge Point Operator (CPO) है जिसने बाहरी निवेश लेने से पहले ही PAT (Profit After Tax) पॉजिटिविटी हासिल कर ली है. यह उनके मजबूत बिजनेस मॉडल और अनुशासित अप्रोच को दर्शाता है.

EVamp की खास उपलब्धियां

  • पैन-इंडिया EV चार्जिंग नेटवर्क Mobilane का संचालन
  • खुद के AC और LEV DC चार्जर डिज़ाइन और मैन्युफैक्चर
  • बाहरी निवेश से पहले ही PAT पॉजिटिविटी हासिल करना
  • शहरी, रेजिडेंशियल और हाइवे चार्जिंग सॉल्यूशंस पर फोकस
  • फाइनेंशियल और टेक्नोलॉजिकल सस्टेनेबिलिटी पर आधारित बिजनेस मॉडल

फंडिंग का इस्तेमाल कैसे होगा?

EVamp Technologies इस फंडिंग से 2 बड़े लक्ष्य हासिल करना चाहती है:

  • EV चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार: Mobilane नेटवर्क को पूरे भारत में और ज्यादा मजबूत बनाया जाएगा.
  • इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग: कंपनी AC और LEV DC चार्जर खुद बनाएगी, जिससे प्रोडक्शन कॉस्ट कम होगी और क्वालिटी पर बेहतर कंट्रोल रहेगा.

EV सेक्टर के लिए इसका मतलब

भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का बाजार तेजी से बढ़ रहा है. सरकार की नीतियां और लोगों की बढ़ती रुचि इस ग्रोथ को और बढ़ा रही हैं. लेकिन इस ग्रोथ के साथ EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार भी उतना ही जरूरी है. EVamp का यह कदम देश के ई-मोबिलिटी मिशन को मजबूत करेगा और EV अपनाने में मदद करेगा.

EVamp का भविष्य का रोडमैप

कंपनी का कहना है कि वह एक सस्टेनेबल ईकोसिस्टम (Sustainable Ecosystem) तैयार करने पर फोकस कर रही है. इसका मकसद सिर्फ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना ही नहीं बल्कि यूजर्स, पार्टनर्स और इन्वेस्टर्स को लंबे समय का वैल्यू देना है.

Conclusion

EVamp Technologies का यह पहला फंडिंग राउंड EV सेक्टर में एक मजबूत शुरुआत है. PAT पॉजिटिविटी हासिल करने वाली यह कंपनी अब तेजी से स्केल-अप करने की तैयारी में है. आने वाले समय में EVamp का Mobilane नेटवर्क भारत के EV चार्जिंग सेक्टर में एक बड़ा नाम बन सकता है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. EV का मतलब क्या है?

EV का मतलब Electric Vehicle यानी इलेक्ट्रिक वाहन होता है.

2. चार्जिंग नेटवर्क क्या होता है?

चार्जिंग नेटवर्क वह सिस्टम है जो EV को चार्ज करने की सुविधा देता है.

3. AC और DC चार्जर में क्या फर्क है?

AC चार्जर धीमे चार्ज करते हैं, जबकि DC चार्जर फास्ट चार्जिंग उपलब्ध कराते हैं.

4. EV चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर क्यों जरूरी है?

क्योंकि EV के बढ़ते इस्तेमाल के लिए चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता अहम है.

5. फंडिंग राउंड क्या होता है?

फंडिंग राउंड वह प्रक्रिया है जिसमें कंपनी निवेशकों से पूंजी जुटाती है.

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