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स्टार्टअप की दुनिया में फंडिंग लेते समय सबसे बड़ा सवाल यही होता है- Equity दें या Royalty? अगर आप शार्क टैंक इंडिया (Shark Tank India) देखते हैं तो वहां पर भी आपने अक्सर देखा होगा कि निवेशक दोनों तरह की डील ऑफर करते हैं.
दिखने में दोनों फायदेमंद लगती हैं, लेकिन बिजनेस मैथ्स के हिसाब से इनका असर बिल्कुल अलग होता है. अब सवाल ये है कि फाउंडर्स को कौन सी डील लेनी चाहिए और किस डील से किसे ज्यादा फायदा होता है. आइए समझते हैं दोनों को.
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Equity का मतलब है कि आप अपनी कंपनी का एक तय प्रतिशत हिस्सा निवेशक को दे देते हैं. उदाहरण के लिए अगर आपने 10% इक्विटी के बदले ₹1 करोड़ उठाए, तो निवेशक अब कंपनी के 10% हिस्से का मालिक बन गया है.
फायदे
नुकसान
Royalty डील में आप इक्विटी कम या बिल्कुल नहीं देते, बल्कि निवेशक को अपनी कमाई (Revenue) का एक तय प्रतिशत देते हैं, जब तक उसका पैसा + रिटर्न वापस न हो जाए.
उदाहरण के लिए ₹50 लाख निवेश और 5% रॉयल्टी जब तक 2x रिटर्न न मिल जाए.
फायदे
नुकसान
मान लीजिए:
निवेश: ₹50 लाख
कंपनी की ग्रोथ तेज है
Case 1: Equity (5%)
अगर कंपनी 5 साल में ₹100 करोड़ की हो जाती है, तो निवेशक का हिस्सा = ₹5 करोड़
(आपने बहुत बड़ा हिस्सा छोड़ दिया)
Case 2: Royalty (5% till 2x return)
निवेशक को सिर्फ ₹1 करोड़ (2x) वापस मिलेगा, उसके बाद पूरी कमाई आपकी. तेज ग्रोथ वाले स्टार्टअप के लिए Royalty ज्यादा फायदेमंद हो सकती है.
कई बार निवेशक Hybrid Deal देते हैं: Equity + Royalty (सबसे कॉमन मॉडल)
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निवेशक अक्सर “घोड़े नहीं, जॉकी” पर दांव लगाते हैं. अगर उन्हें फाउंडर पर भरोसा होता है, तो वह Equity लेते हैं. अगर बिजनेस कमाई कर रहा है, तो Royalty डील ज्यादा दिखती है. रॉयल्टी के जरिए वह अपना निवेश सुरक्षित करना चाहते हैं. इक्विटी और रॉयल्टी को मिलाकर हुई डील से निवेशकों से सबसे ज्यादा फायदा होता है. निवेश किए गए पैसे भी वापस मिल जाते हैं और बिजनेस में एक छोटी हिस्सेदारी भी हासिल हो जाती है.
अगर आपका स्टार्टअप हाई-ग्रोथ और स्केलेबल है, तो Equity देना लंबे समय में महंगा साबित हो सकता है. वहीं, स्टेबल रेवेन्यू वाले बिजनेस के लिए Royalty डील ज्यादा समझदारी भरा विकल्प हो सकती है. सही चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि आपको तुरंत कैश फ्लो बचाना है या लंबे समय में कंपनी की ओनरशिप.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 Equity और Royalty डील में सबसे बड़ा अंतर क्या है?
A. Equity में कंपनी की हिस्सेदारी दी जाती है, जबकि Royalty में कमाई का प्रतिशत दिया जाता है.
Q2 शार्क टैंक में Royalty डील कब दी जाती है?
A. जब स्टार्टअप के पास पहले से रेवेन्यू और स्थिर बिक्री होती है.
Q3 क्या Royalty डील फाउंडर के लिए ज्यादा सुरक्षित होती है?
A. हां, क्योंकि इसमें कंपनी की ओनरशिप फाउंडर के पास रहती है.
Q4 Equity देने का सबसे बड़ा जोखिम क्या है?
A. समय के साथ फाउंडर की हिस्सेदारी और कंट्रोल कम हो सकता है.
Q5 Hybrid Deal (Equity + Royalty) क्यों दी जाती है?
A. ताकि निवेशक को सुरक्षा मिले और फाउंडर की ओनरशिप भी पूरी तरह कम न हो.