दिमाग में चिप लगा रहा है ये Startup, कंप्यूटर-मोबाइल बिना हाथ लगाए होंगे ऑपरेट, जुटाई 5500 करोड़ की Funding

Elon Musk के ब्रेन-चिप बनाने वाले स्टार्टअप Neuralink ने नए फंडिंग राउंड में 650 मिलियन डॉलर यानी करीब ₹5500 करोड़ जुटाए हैं. यह फंडिंग कंपनी के Series E राउंड का हिस्सा है, जिससे अब Neuralink का वैल्यूएशन 9 बिलियन डॉलर यानी लगभग ₹74,000 करोड़ हो गई है.
दिमाग में चिप लगा रहा है ये Startup, कंप्यूटर-मोबाइल बिना हाथ लगाए होंगे ऑपरेट, जुटाई 5500 करोड़ की Funding

Elon Musk के ब्रेन-चिप बनाने वाले स्टार्टअप Neuralink ने नए फंडिंग राउंड में 650 मिलियन डॉलर यानी करीब ₹5500 करोड़ जुटाए हैं. यह फंडिंग कंपनी के Series E राउंड का हिस्सा है, जिससे अब Neuralink का वैल्यूएशन 9 बिलियन डॉलर यानी लगभग ₹74,000 करोड़ हो गई है.

इस राउंड में ARK Invest, Founders Fund, Sequoia Capital, Thrive Capital जैसे दिग्गज निवेशकों ने हिस्सा लिया है. इससे पहले कंपनी ने अगस्त 2023 में कंपनी ने 280 मिलियन डॉलर की फंडिंग उठाई थी.

क्या है Neuralink का मकसद?

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Neuralink का मकसद है ब्रेन-चिप टेक्नोलॉजी के जरिए दिमाग और मशीन को जोड़ना. ऐलन मस्क इस पर काफी वक्त से काम कर रहे हैं. इस तकनीक की मदद से पैरालिसिस (लकवा) से पीड़ित मरीज बिना हाथ-पैर हिलाए सिर्फ दिमाग से सोच कर ही कंप्यूटर या मोबाइल चला सकते हैं. कंपनी के मुताबिक 5 मरीज फिलहाल इस चिप का इस्तेमाल कर रहे हैं और यह तकनीक उम्मीद से बेहतर काम कर रही है.

क्लीनिकल ट्रायल अब 3 देशों में

Neuralink ने अपने ब्रेन इंप्लांट का क्लिनिकल ट्रायल अमेरिका, कनाडा और अबू धाबी की प्रमुख मेडिकल यूनिवर्सिटीज में शुरू किया है. इसमें शामिल संस्थानों में Barrow Neurological Institute, University of Miami, Toronto's University Health Network और Cleveland Clinic Abu Dhabi जैसे नाम शामिल हैं.

अमेरिका की FDA ने Neuralink को 'ब्रेकथ्रू डिवाइस' का दर्जा दिया है, जो खास और उभरती हुई मेडिकल टेक्नोलॉजी के लिए दिया जाता है. इससे रिव्यू और अप्रूवल प्रक्रिया तेज हो जाती है.

इन पैसों का कहां होगा इस्तेमाल?

Neuralink इस फंड का इस्तेमाल कई कामों के लिए करेगी. कंपनी ज्यादा मरीजों तक चिप की पहुंच बढ़ाना चाहती है और अगली पीढ़ी के डिवाइस तैयार करना चाहती है. इस दिशा में भी फंडिंग का इस्तेमाल होगा. वहीं ज्यादा दिमागी हिस्सों और न्यूरॉन्स के साथ इंटरफेस करने में भी कुछ पैसे इस्तेमाल होंगे. इंसान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बीच मजबूत कनेक्शन बनाना भी कंपनी का मकसद है, जिसे फंडिंग से मजबूती मिलेगी.

मस्क का फोकस Neuralink पर

हाल ही में Elon Musk ने Donald Trump के सलाहकार मंडल से हटने का फैसला किया, ताकि वह अपने बिजनेस जैसे Tesla, SpaceX और Neuralink पर फोकस कर सकें. Neuralink की यह तकनीक भविष्य में बोलने, देखने और चलने में अक्षम लोगों के लिए उम्मीद की किरण बन सकती है.

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