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फंडिंग विंटर (Funding Winter) के इस दौर में एक के बाद एक तमाम स्टार्टअप (Startups) छंटनी (Layoff) कर रहे हैं. इसी बीच एक एडटेक (Edtech) स्टार्टअप Cuemath ने करीब 100 लोगों को नौकरी से निकाल दिया है. मंदी (Recession) की आशंका के बीच तमाम स्टार्टअप्स को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. Cuemath को भी फंडिंग (Funding) नहीं मिल पा रही है और कमाई पर असर दिख रहा है. ऐसे में कॉस्ट कटिंग के मकसद से कंपनी ने छंटनी का कदम उठाया है. इतना ही नहीं, कंपनी की तरफ से कर्मचारियों को इसे लेकर एक लेटर भी भेजा गया है.
ये पहली बार नहीं है जब इस एडटेक स्टार्टअप ने छंटनी का सख्त फैसला लिया है. Cuemath ने इसके पहले मई में भी करीब 100 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था. अब फिर से कंपनी ने 100 कर्मचारियों की छंटनी की है. यानी महज 4 महीने की अवधि में कंपनी ने करीब 200 लोगों के नौकरी से बाहर कर दिया है. बता दें कि इस कंपनी में गूगल और पीक XV पार्टनर्स ने भी निवेश किया हुआ है.
Cuemath के फाउंडर और CEO मनन खुरमा ने एक ईमेल में कर्मचारियों को छंटनी का इशारा किया था. उन्होंने कहा था कि कंपनी का रेवेन्यू और कॉस्ट उम्मीदों के मुताबिक नहीं है. कंपनी की मुश्किलें खराब परिस्थितियों की वजह से और ज्यादा बदतर हो गई हैं. एडटेक के लिए ये दिन बहुत ही मुश्किल भरे हैं. उन्होंने ईमेल में कहा था कि ऐसी स्थिति में हमें छोटी टीम स्ट्रक्चर की ओर बढ़ना पड़ रहा है, जिसके चलते छंटनी का फैसला किया गया है.

एडटेक स्टार्टअप Cuemath ने पिछले ही साल जून में करीब 40 करोड़ डॉलर से भी ज्यादा के वैल्युएशन पर 5.7 करोड़ डॉलर जुटाए थे. अपने ईमेल में खुरमा ने कर्मचारियों से कहा था कि 8 मई की छंटनी के बाद उन्होंने कहा था कि उम्मीद है कंपनी को दोबारा इस तरह का फैसला लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी. उस समय तो सीईओ को इस बात का पूरा भरोसा था, लेकिन कंपनी को बेहतर हालात में लाने के लिए उन्होंने जो अंदाजा लगाया था वह पूरी तरह गलत था. यही वजह है कि एक बार फिर से कंपनी को छंटनी का फैसला लेना पड़ा है.