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पुणे की डीप-टेक स्टार्टअप Without ने देश का पहला FOAK (First of a Kind) डेमोंस्ट्रेशन रीसाइक्लिंग प्लांट लॉन्च किया है. यह प्लांट हर महीने लगभग 5 टन तक उस प्लास्टिक कचरे (Plastic Waste) को प्रोसेस कर सकता है जिसे अब तक "अनरीसायकल" माना जाता था.
कंपनी ने बताया कि यह 1,030 वर्ग मीटर में फैला फुली-इंटीग्रेटेड प्लांट है जिसमें वेस्ट से लेकर प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग तक सब कुछ एक ही जगह होता है. यह स्टेप कंपनी के अगले साल लॉन्च होने वाले बड़े कमर्शियल प्लांट का पहला चरण है. बता दें कि यह स्टार्टअप शार्क टैंक इंडिया में भी आया था. वहां इन्होंने चिप्स के पैकेट को रीसाइकिल कर बनाया हुआ चश्मा दिखाया था, जिससे जज काफी इंप्रेस हुए थे.
Without ने हाल ही में $1.9 मिलियन (₹16.8 करोड़) की सीड फंडिंग (Seed Funding) जुटाई है. इस राउंड को Rewilding Wealth ने लीड किया और इसमें एक्टर दीया मिर्जा, Spectrum Impact, Acko के को-फाउंडर विष्णनाथ रामाराव और पूर्व Unilever एक्सपर्ट वीणा मोरे ने भी हिस्सा लिया.
दीया मिर्जा अब कंपनी की स्ट्रैटेजिक एडवाइजर और इंवेस्टर भी बन गई हैं. उन्होंने कहा, “Without यह साबित कर रहा है कि क्लाइमेट मूवमेंट (Climate Movement) को विज्ञान और न्याय के साथ जोड़ा जा सकता है.”
Without का सबसे बड़ा हथियार इसका पेटेंटेड Chemo-Mechanical Recycling Process है. यह मल्टी-लेयर प्लास्टिक जैसे चिप पैकेट्स, रैपर्स और गंदे कपड़ों (Textile Waste) से रॉ मटीरियल निकालता है और उन्हें दो प्रमुख प्रोडक्ट्स में बदलता है-
यह प्रोसेस पारंपरिक Pyrolysis या Co-processing से अलग है, क्योंकि यह कम ऊर्जा में काम करता है और पूरी तरह स्केलेबल है.
कंपनी B2B मॉडल पर काम करती है और उन ब्रांड्स को सस्टेनेबल मटीरियल (Sustainable Material) उपलब्ध कराती है जो इको-फ्रेंडली प्रोडक्ट्स बनाना चाहते हैं. Without ने अब तक 7.6 लाख से ज्यादा कचरे के टुकड़ों को प्रोसेस किया है और अपने प्रोडक्ट्स जैसे सनग्लासेस और कोस्टर्स को मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु में बेचती है.
Without अगले दो साल में 3 और बड़े रीसाइक्लिंग हब (Recycling Hubs) लॉन्च करेगा. कंपनी का विजन है कि आने वाले 7–10 सालों में भारत में एक Decentralised Recycling Network तैयार हो जो हर तरह के प्लास्टिक और कपड़े के कचरे को रीसायकल कर सके. यह सिस्टम न सिर्फ पर्यावरण बचाएगा बल्कि वेस्ट वर्कर्स (Waste Workers) को भी स्थायी रोजगार देगा.
Without ने यह साबित कर दिया है कि टेक्नोलॉजी, सामाजिक समावेश और पर्यावरण- तीनों को साथ लेकर चलना संभव है. दीया मिर्जा के जुड़ने से कंपनी को न सिर्फ निवेश बल्कि विश्वसनीयता भी मिली है. यह इनोवेशन भारत को "ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग" (Green Manufacturing) की दिशा में आगे बढ़ा सकता है.
जो नई सोच या बिजनेस आइडिया पर काम करने वाली नई कंपनी होती है.
जब कोई कंपनी शुरुआती चरण में निवेश जुटाती है उसे सीड फंडिंग कहते हैं.
ऐसा मटीरियल जो पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाए.
वो टेक्नोलॉजी जो एनवायरनमेंट-फ्रेंडली होती है.
वो इनोवेशन जो जलवायु संकट को कम करने में मदद करे.
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