Zomato के 'किंग' ने दिया इस्तीफा, जानिए अब क्या करेंगे दीपिंदर गोयल? इन दो 'फ्यूचरिस्टिक बिजनेस' पर कर सकते हैं फोकस

भारतीय स्टार्टअप जगत की सबसे बड़ी खबर सामने आई है. जोमैटो (Zomato) के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया है. उनकी जगह अब ब्लिंकइट (Blinkit) के अलबिंदर ढींढसा कमान संभालेंगे. दीपिंदर अब अपने 'फ्यूचरिस्टिक' प्रोजेक्ट्स जैसे 'टेंपल' (Temple) और 'एलएटी एयरोस्पेस' (LAT Aerospace) पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं. उनका लक्ष्य हेल्थ-टेक और अर्बन एयर मोबिलिटी के जरिए दुनिया पर एक बड़ा प्रभाव (Impact) डालना है.
Zomato के 'किंग' ने दिया इस्तीफा, जानिए अब क्या करेंगे दीपिंदर गोयल? इन दो 'फ्यूचरिस्टिक बिजनेस' पर कर सकते हैं फोकस

भारत के ई-कॉमर्स और फूड डिलीवरी सेक्टर के इतिहास में 21 जनवरी 2026 एक अहम तारीख बन गई है. आज के ही दिन जोमैटो के को-फाउंडर दीपिंदर गोयल ने सीईओ के पद से इस्तीफा देने का बड़ा फैसला किया है. दीपिंदर गोयल ने जोमैटो को 'यूनिकॉर्न' और फिर एक सफल लिस्टेड कंपनी बनाया.

जोमैटो ने यह साफ किया है कि अब कंपनी की कमान अलबिंदर ढींढसा के हाथों में होगी. बता दें कि अलबिंदर ने ब्लिंकइट (Blinkit) को तेजी से 'क्विक कॉमर्स' सेक्टर का लीडर बना दिया है. इसी सफलता को देखते हुए कंपनी ने उन्हें अब एक और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है.

तो अब क्या करेंगे दीपिंदर गोयल?

Add Zee Business as a Preferred Source

दीपिंदर गोयल ने कुछ समय पहले ही राज शमानी के पॉडकास्ट में इशारा किया था कि अब वह जिंदगी के उस मोड़ पर हैं, जहां वह सिर्फ पैसे कमाने के पीछे नहीं भागना चाहते. वह कुछ ऐसे काम करना चाहते हैं, जिनसे इंसानियत पर कोई बड़ा असर देखा जा सके. सीईओ की जिम्मेदारियों से फ्री होकर अब दीपिंदर गोयल अपना सारा वक्त उन 'सीक्रेट' और 'फ्यूचरिस्टिक' प्रोजेक्ट्स को दे सकते हैं, जिन पर वह पिछले कुछ समय से काम कर रहे हैं.

'टेंपल' (Temple) है सबसे अहम

दीपिंदर गोयल का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'टेंपल' है. यह डिवाइस कोई मामूली चीज नहीं है, बहुत खास है. इसे खास तौर पर सेरेब्रल ब्लड फ्लो (Cerebral Blood Flow) यानी दिमाग में होने वाले खून के बहाव को नापने के लिए डिजाइन की गई चिप है. इसका नाम टेंपल है, क्योंकि सिर के जिस हिस्से पर इसे लगाया गया है, उसे कनपटी कहते हैं, जिसे अंग्रेजी में Temple कहा जाता है. यह डिवाइस हर वक्त ये ट्रैक करता रहता है कि आपके दिमाग तक कितनी ऑक्सीजन पहुंच रही है.

'ग्रैविटी एजिंग हाइपोथेसिस'

दीपिंदर गोयल इस डिवाइस के जरिए एक अनोखी थ्योरी पर रिसर्च कर रहे हैं, जिसे उन्होंने 'ग्रैविटी एजिंग हाइपोथेसिस' नाम दिया है.इस थ्योरी का मानना है कि इंसान ज्यादातर समय सीधे (खड़े होकर या बैठकर) बिताता है. धरती का गुरुत्वाकर्षण (Gravity) लगातार हमारे खून को नीचे की ओर खींचता है, जिससे दिमाग तक खून पहुंचना 'चढ़ाई चढ़ने' जैसा मुश्किल हो जाता है.

LAT Aerospace: आसमान में उड़ेंगी 'कैब'

तेजी से बढ़ते ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए दीपिंदर गोयल LAT Aerospace पर दांव लगा रहे हैं. ट्रैफिक की वजह से लोगों का बहुत सारा वक्त ट्रैफिक में ही गुजर जाता है. यह प्रोजेक्ट अर्बन एयर मोबिलिटी (Urban Air Mobility) के क्षेत्र में काम कर रहा है.

दीपिंदर ने बताया था कि अभी एविएशन सेक्टर में सिर्फ लंबी दूरी की फ्लाइट्स हैं. यह फ्लाइट्स एक शहर को दूसरे शहर से जोड़ती हैं. अब उनका फोकस एक ही शहर के अंदर अलग-अलग इलाकों को आपस में जोड़ने की है, ताकि ट्रैफिक में लोगों को समय बर्बाद ना हो.

Continue Research: कभी ना रुकने वाली रिसर्च

यह दीपिंदर गोयल का निजी रिसर्च प्रोजेक्ट है, जिसका नाम 'Continue Research' है. दीपिंदर गोयल ने इस रिसर्च के लिए खुद के पास से करीब $25 मिलियन (यानी लगभग ₹225 करोड़) का निवेश करने की बात कही है. जब-जब इस प्रोजेक्ट को पैसों की जरूरत होगी, इसमें से उतने पैसे रिसर्च के पास पहुंचते चले जाएंगे. इसके बारे में दीपिंदर गोयल ने खुद ही एक पॉडकास्ट में कहा था.

कितना बड़ा है दीपिंदर गोयल का बिजनेस पोर्टफोलियो?

दीपिंदर गोयल के बिजनेस पोर्टफोलियो में कंई कंपनियां हैं. ये रही उनकी लिस्ट

  • Zomato- फूड डिलीवरी सर्विस कंपनी है, जो खाने-पीने की चीजें रेस्टोरेंट और क्लाउड किचन से लोगों तक पहुंचाती है.
  • Blinkit- क्विक कॉमर्स कंपनी, जो 10 मिनट में ग्रॉसरी डिलीवर करती है.
  • Hyperpure- यह सप्लाई चेन कंपनी है, जो जोमैटो का बी2बी वर्टिकल है. इसके जरिए जोमैटो के वेंडर्स को कई सारी तरह का रॉ मटीरियल मुहैया कराया जाता है.
  • District- यह कंपनी का इवेंट/टिकटिंग बिजनेस है, जिसे जोमैटो ने पेटीएम से खरीदा था.
  • Temple- हेल्थ-टेक सेक्टर में हो रहा यह पर्सनल रिसर्च प्रोजेक्ट है, जो अभी रिसर्च फेज में है, इससे वह कोई कमाई नहीं कर रहे.
  • LAT Aerospace- एविएशन सेक्टर का ये फ्यूचरिस्टिक स्टार्टअप भी अभी रिसर्च के दौर से गुजर रहा है.
  • Continue Research- दीपिंदर गोयल ने कंटिन्यू रिसर्च नाम से एक रिसर्च प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसके तहत वह लगातार कुछ ना कुछ रिसर्च करते ही रहेंगे. यही वजह है कि इसका नाम कंटिन्यू रखा है, जो कभी रुकेगा नहीं.
  • Angel Investor- दीपिदंर गोयल ने कई बिजनेस में पैसा लगाया है. वह शार्क टैंक इंडिया में भी जज की भूमिका में आ चुके हैं और कई स्टार्टअप्स में निवेश कर चुके हैं.

deepinder business

Conclusion

दीपिंदर गोयल का जोमैटो छोड़ना एक अंत नहीं, बल्कि एक नई और साहसी शुरुआत है. जहां अलबिंदर ढींढसा जोमैटो को मुनाफे की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे, वहीं दीपिंदर 'टेंपल' और 'LAT Aerospace' के जरिए भारत को भविष्य की तकनीक में लीडर बनाने की कोशिश करेंगे. यह देखना रोमांचक होगा कि क्या दीपिंदर आसमान में उड़ने वाली टैक्सियों और दिमाग को पढ़ने वाली मशीनों को हकीकत में बदल पाते हैं.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1- क्या दीपिंदर गोयल अब जोमैटो से पूरी तरह अलग हो गए हैं?

नहीं, उन्होंने केवल सीईओ पद छोड़ा है. वह कंपनी के संस्थापक और शेयरधारक बने रहेंगे.

2- अलबिंदर ढींढसा कौन हैं?

अलबिंदर ब्लिंकइट (पुराना नाम ग्रोफर्स) के संस्थापक हैं और अब जोमैटो ग्रुप के नए सीईओ होंगे.

3- दीपिंदर गोयल का 'टेंपल' प्रोजेक्ट क्या है?

यह एक रिसर्च प्रोजेक्ट है जिसके तहत माथे पर पहनने वाली एक डिवाइस बनाई जा रही है, जो ट्रैक करता रहता है कि आपके दिमाग तक कितनी ऑक्सीजन पहुंच रही है.

4- LAT Aerospace क्या भारत में फ्लाइंग टैक्सी शुरू करेगी?

हां, इस स्टार्टअप का मकसद शहरी इलाकों में कम दूरी के लिए छोटे विमानों को टैक्सी की तरह इस्तेमाल करना है.

5- क्या जोमैटो के शेयरों पर इसका असर पड़ेगा?

शुरुआती उतार-चढ़ाव संभव है, लेकिन अलबिंदर के नेतृत्व और कंपनी के मजबूत बिज़नेस मॉडल के कारण लंबी अवधि में स्थिरता रहने की उम्मीद है.

(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6