कोयंबटूर के स्टार्टअप TABP ने जुटाए ₹26 करोड़, अब देसी ड्रिंक बनेगी इंटरनेशनल ब्रांड! जानिए कहां होगा पैसों का इस्तेमाल

कोयंबटूर (Coimbatore) स्थित TABP Snacks and Beverages ने $3 मिलियन (करीब ₹26 करोड़) की नई फंडिंग (Funding) हासिल की है, जिसका नेतृत्व LC Nueva ने किया. यह कंपनी देसी स्ट्रीट ड्रिंक्स (Street Drinks) को हाइजीनिक और सस्ते पैकेज्ड बेवरेज (Packaged Beverage) में बदलती है. कंपनी का लक्ष्य है आने वाले तीन साल में ₹800 करोड़ की बिक्री (Sales) हासिल करना और देशभर में विस्तार करना.
कोयंबटूर के स्टार्टअप TABP ने जुटाए ₹26 करोड़, अब देसी ड्रिंक बनेगी इंटरनेशनल ब्रांड! जानिए कहां होगा पैसों का इस्तेमाल

भारत के स्ट्रीट ड्रिंक्स यानी ठंडी बर्फीली शरबत, नारियल पानी, नींबू सोडा जैसे पेय अब नए रूप में पिए जाएंगे, पैकेज्ड और हाइजीनिक बोतल में. कोयंबटूर के स्टार्टअप TABP Snacks and Beverages ने अपने इस अनोखे आइडिया से बाजार में तहलका मचा दिया है.

कंपनी ने हाल ही में $3 मिलियन (₹26 करोड़) की फंडिंग हासिल की है, जिसमें LC Nueva लीड इन्वेस्टर रहा. इसके साथ ही Entrust Family Office, अरुण मुखर्जी और सौम्या मलानी ने भी निवेश किया है. इस फंडिंग से कंपनी अपने मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को बढ़ाने जा रही है.

स्ट्रीट ड्रिंक से पैकेज्ड बेवरेज तक का सफर

TABP की शुरुआत 2018 में इंजीनियर कपल प्रभु गांधीकुमार (Prabhu Gandhikumar) और ब्रिंधा विजयकुमार (Brindha Vijayakumar) ने की थी. दोनों का आइडिया था भारत की गलियों में मिलने वाले पारंपरिक पेय जैसे जूस, नींबू पानी, और कुल्फी ड्रिंक को साफ-सुथरे, स्टैंडर्ड और अफोर्डेबल पैकिंग फॉर्मेट (Affordable Packaged Format) में लाना.

यह आइडिया इसलिए खास है क्योंकि भारत के छोटे शहरों और गांवों में लोग आज भी सस्ते, लोकल फ्लेवर वाले ड्रिंक पसंद करते हैं, लेकिन स्वच्छता और क्वालिटी बड़ी चिंता होती है.
TABP ने इस कमी को पहचान कर उसे अपने बिजनेस मॉडल में बदल दिया.

किसने किया निवेश और क्यों?

LC Nueva ने TABP में प्रमुख निवेश किया है. कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, “हमने TABP के विजन पर पहले दिन से भरोसा किया था. यह ब्रांड भारत के असली उपभोक्ताओं यानी ‘Bharat Consumers’ के लिए काम कर रहा है. इसकी ग्रोथ कहानी दिखाती है कि ‘वैल्यू फॉर मनी’ ब्रांड्स का युग शुरू हो गया है.” इसके अलावा, Entrust Family Office, निवेशक अरुण मुखर्जी, और सौम्या मलानी ने भी कंपनी में निवेश कर विश्वास जताया है.

5 साल में ₹4 करोड़ से ₹212 करोड़ तक की छलांग

TABP की ग्रोथ कहानी किसी बॉलीवुड फिल्म से कम नहीं है. FY2019 में कंपनी की सेल्स सिर्फ ₹4 करोड़ थी, जो बढ़कर FY2024-25 में ₹212 करोड़ पहुंच गई. अब कंपनी का अगला लक्ष्य है अगले 3 साल में ₹800 करोड़ की बिक्री (Revenue Target) छूना और उसके बाद पब्लिक लिस्टिंग (IPO) लाना.

दक्षिण और पूर्व भारत पर फोकस

कंपनी इस नई फंडिंग से अपने प्रोडक्ट्स को दक्षिण भारत (South India) और पूर्वी भारत (East India) के राज्यों में पहुंचाने की योजना बना रही है. TABP की टीम नए फ्लेवर और बेवरेज फॉर्मेट्स पर भी काम कर रही है, जो खासतौर पर भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों के उपभोक्ताओं के स्वाद और बजट को ध्यान में रखकर तैयार किए जा रहे हैं.

TABP का मानना है कि भारत का असली “बेवेरेज रेवोल्यूशन (Beverage Revolution)” मेट्रो सिटीज़ नहीं, बल्कि भारत के अंदरूनी इलाकों से शुरू होगा.

CEO प्रभु गांधीकुमार कहते हैं, “हमारा फोकस उन लोगों पर है जो सस्ते लेकिन क्वालिटी ड्रिंक चाहते हैं. भारत के टियर-2, इंडस्ट्रियल बेल्ट्स और ग्रामीण बाजारों में स्वाद, स्वच्छता और कीमत के बीच अभी भी बड़ा गैप है TABP उसे भर रहा है.”

TABP क्या बनाता है और कैसे अलग है?

TABP भारत का पहला ऐसा ब्रांड है जो लोकल फ्लेवर्स (Local Flavours) को पैकेज्ड फॉर्म में ला रहा है. कंपनी के पास कई तरह के प्रोडक्ट्स हैं जो भारत की “देसी ड्रिंक कल्चर” से प्रेरित हैं. TABP के मुख्य प्रोडक्ट्स ये रहे-

ठंडा जूस (Flavoured Juices)

लेमन सोडा (Lemon Soda)

पुदीना ड्रिंक (Mint Cooler)

नारीयल बेस्ड ड्रिंक (Coconut-Based Beverage)

फलों पर आधारित एनर्जी ड्रिंक (Fruit Energy Drink)

ये सभी पेय हाइजीनिक, सस्ते और टिकाऊ पैकिंग (Eco-Friendly Packaging) में उपलब्ध हैं.

क्यों बढ़ रही है ‘देसी ड्रिंक’ की मांग?

भारत का बेवरेज मार्केट (Beverage Market) लगातार तेजी से बढ़ रहा है. ग्रामीण और छोटे शहरों में लोग अब कोला ड्रिंक के बजाय लोकल फ्लेवर पसंद कर रहे हैं. Statista की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में नॉन-अल्कोहॉलिक ड्रिंक्स मार्केट 2025 तक ₹1.2 लाख करोड़ का हो जाएगा. इसमें से लगभग 45% डिमांड टियर-2 और टियर-3 शहरों से आएगी. TABP इस मार्केट को ही टारगेट कर रहा है जहां स्वाद, कीमत और विश्वास सबसे ज्यादा मायने रखता है.

“भारत के लिए, भारत से”, यही है TABP का मंत्र

TABP का कहना है कि उनकी कंपनी सिर्फ एक ब्रांड नहीं, बल्कि एक मिशन है, “भारत के लिए भारत से बना ड्रिंक.” कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को पूरी तरह भारतीय सप्लायर्स और रॉ मटेरियल से चला रही है. यह स्टार्टअप Make in India और Vocal for Local की भावना को भी बढ़ावा दे रहा है.

Conclusion

TABP की कहानी यह साबित करती है कि भारत के छोटे शहरों से भी बड़े ब्रांड बन सकते हैं. एक इंजीनियर कपल का देसी ड्रिंक को पैकेज्ड फॉर्म में लाने का सपना अब हकीकत बन गया है.
नए निवेश, बढ़ती बिक्री और देशभर में विस्तार की योजना के साथ TABP आने वाले वर्षों में भारत का “Amul of Beverages” बन सकता है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. TABP क्या है?

यह कोयंबटूर स्थित स्मार्ट स्नैक्स और बेवरेज कंपनी है.

2. कंपनी के फाउंडर्स कौन हैं?

प्रभु गांधीकुमार और ब्रिंधा विजयकुमार.

3. TABP को हाल में कितनी फंडिंग मिली है?

$3 मिलियन यानी लगभग ₹26 करोड़.

4. TABP का बिजनेस मॉडल क्या है?

देसी स्ट्रीट ड्रिंक्स को हाइजीनिक और अफोर्डेबल पैकेज्ड ड्रिंक में बदलना.

5. कंपनी की मौजूदा बिक्री कितनी है?

FY2024-25 में ₹212 करोड़.

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