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दिल्ली के क्लीनटेक स्टार्टअप चक्र इनोवेशन (Chakr Innovation) ने सीरीज C फंडिंग राउंड में 23 मिलियन डॉलर (लगभग 200 करोड़ रुपये) जुटाए हैं. इस राउंड का नेतृत्व Iron Pillar ने किया. वहीं, SBI Cap Ventures, ONGC, IAN और Inflexor जैसे मौजूदा निवेशकों ने भी इस फंडिंग में हिस्सा लिया है.
कंपनी ने कहा कि यह पैसा मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ाने, बैकवर्ड इंटीग्रेशन को मजबूत करने, अंतरराष्ट्रीय विस्तार (International Expansion) और खासकर इंडिजीनस एनर्जी स्टोरेज टेक्नोलॉजी पर R&D में इस्तेमाल किया जाएगा. इसका मकसद भारत की Lithium-Ion Battery पर निर्भरता को कम करना है.
2016 में IIT दिल्ली के ग्रेजुएट्स ने Chakr Innovation की शुरुआत की थी. कंपनी ने Chakr Shield बनाया, जो भारत का पहला सर्टिफाइड रेट्रोफिट इमीशन कंट्रोल डिवाइस (Emission Control Device) है. इसे डीजल जेनरेटर में लगाकर 80% से ज्यादा पार्टिकुलेट इमीशन कम किया जा सकता है. आज कंपनी के पास 5000 से ज्यादा इंस्टॉलेशन और 2000 से ज्यादा ग्राहक हैं. कंपनी दावा करती है कि अब तक उसने 2.5 मिलियन टन CO₂ उत्सर्जन कम किया है.
Chakr Innovation सिर्फ उत्सर्जन कम करने तक सीमित नहीं है. कंपनी ने कई और टेक्नोलॉजी पर काम शुरू किया है, जैसे:
Chakr Innovation के को-फाउंडर और CEO कुशाग्र श्रीवास्तव ने कहा, “यह फंडिंग हमारे विजन को हकीकत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. अब हम ग्लोबली एक्सपैंड करेंगे, R&D पर और ध्यान देंगे और भारत का पहला डेडिकेटेड मटेरियल साइंस सेंटर (Material Science Center) स्थापित करेंगे.”
कंपनी में इस वक्त 450 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं, जिनमें 200 इंजीनियर और साइंटिस्ट शामिल हैं. इसका मैन्युफैक्चरिंग सेटअप गुरुग्राम और पुणे (Pune) में है. अब तक कंपनी 42 पेटेंट एप्लिकेशन भी दाखिल कर चुकी है.
Chakr Innovation ने नवंबर 2021 में अपना सीरीज B राउंड उठाया था, जिसका नेतृत्व SBICap Ventures’ Neev Fund II ने किया था. वहीं, Iron Pillar ने अप्रैल 2023 में 129 मिलियन डॉलर का Global Cloud Fund II क्लोज किया था, जो सीरीज B और C स्टार्टअप्स को सपोर्ट करने पर फोकस्ड था.
Chakr Innovation ने अपने इनोवेशन और इंडिजिनस टेक्नोलॉजी से भारत के क्लीनटेक सेक्टर (Cleantech Sector) में बड़ी पहचान बनाई है. ताजा फंडिंग से कंपनी सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि ग्लोबल मार्केट में भी अपनी पकड़ मजबूत करेगी. आने वाले वक्त में एनर्जी स्टोरेज और बैटरी टेक्नोलॉजी में इसका योगदान भारत को आत्मनिर्भर बनाने में अहम साबित हो सकता है.
स्टार्टअप एक नई कंपनी होती है जो किसी खास समस्या का इनोवेटिव समाधान देती है.
फंडिंग राउंड अलग-अलग चरण होते हैं जिसमें निवेशक स्टार्टअप को पैसा लगाकर बढ़ने में मदद करते हैं.
यह स्टार्टअप की तीसरी बड़ी फंडिंग होती है, जब कंपनी एक्सपैंशन और मुनाफे की ओर बढ़ रही होती है.
क्लीनटेक ऐसे इनोवेशन और टेक्नोलॉजी को कहते हैं जो प्रदूषण कम करें और पर्यावरण के अनुकूल हों.
पेटेंट किसी इनोवेशन पर कानूनी अधिकार देता है ताकि कोई और उसे कॉपी न कर सके.
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