Operation Sindoor में इस Startup के Drones ने किया था कमाल, अब कंपनी ने उठाई बड़ी Funding

Zuppa भारत में पूरी तरह से देश में बनी ड्रोन टेक्नोलॉजी तैयार कर रहा है, जो खासतौर पर उन जगहों के लिए बनाई गई है जहां GPS नहीं चलता या नेटवर्क बहुत कमजोर होता है.
Operation Sindoor में इस Startup के Drones ने किया था कमाल, अब कंपनी ने उठाई बड़ी Funding

चेन्नई के ड्रोन स्टार्टअप Zuppa ने हाल ही में 1.5 मिलियन डॉलर यानी करीब 12.5 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाई है. यह फंड ब्रिज राउंड के तहत जुटाया गया है, जिसमें कई दिग्गज ऑप्रेन्योर्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने हिस्सा लिया.

इस फंडिंग से Zuppa अपने रिसर्च और डेवलपमेंट पर ज्यादा जोर देगा और भारतीय सेना की आधुनिक तकनीकी जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने सिस्टम को और बेहतर बनाएगा. Zuppa भारत में पूरी तरह से देश में बनी ड्रोन टेक्नोलॉजी तैयार कर रहा है, जो खासतौर पर उन जगहों के लिए बनाई गई है जहां GPS नहीं चलता या नेटवर्क बहुत कमजोर होता है.

घरेलू तकनीक से बने हैं ड्रोन सिस्टम

Zuppa की शुरुआत एक दशक पहले एयरोस्पेस इंजीनियर्स साई पट्टाभीराम और वेंकटेश साई ने की थी. यह स्टार्टअप पूरी तरह देसी टेक्नोलॉजी पर आधारित ड्रोन नेविगेशन सिस्टम बनाता है. इसकी खास बात ये है कि इसके ड्रोन ऐसे माहौल में भी काम करते हैं जहां न GPS है और न इंटरनेट कनेक्शन.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस सिस्टम

ज़ुपा की तकनीक में विजन-बेस्ड गाइडेंस सिस्टम, साइबर सिक्योर इंफ्रास्ट्रक्चर और AI पावर्ड टारगेटिंग टूल्स शामिल हैं. ये सिस्टम खासतौर पर भारतीय सेना के लिए बनाए गए हैं, ताकि किसी भी ऑपरेशन में ये भरोसेमंद साबित हों.

‘ये सिर्फ पैसा नहीं, भरोसे की मुहर है’

ज़ुपा के फाउंडर साई पट्टाभीराम ने कहा, “ये सिर्फ फंडिंग नहीं है, ये हमारे मिशन और टेक्नोलॉजी पर भरोसे की मुहर है.” उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने फंड किया है, वो खुद सक्सेसफुल एंटरप्रेन्योर रहे हैं और उन्हें समझ है कि ग्राउंड लेवल से कैसे कुछ बड़ा बनाया जाता है.

ऑपरेशन सिंदूर में दिखाया दम

हाल ही में हुए एक सैन्य ऑपरेशन ‘सिंदूर’ में जुपा की टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया. इस मिशन के दौरान कई मौजूदा ड्रोन सिस्टम फेल हो गए, लेकिन ज़ुपा के सिस्टम ने वहां काम किया और यह साबित कर दिया कि भारत को अब विदेशी तकनीक पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है.

एआई-फर्स्ट युग की तैयारी

टेक्निकल डायरेक्टर वेंकटेश साई का कहना है कि हम अब AI-फर्स्ट दौर में प्रवेश कर रहे हैं. नया फंड हमें और तेज, स्मार्ट और सिक्योर सिस्टम बनाने की ताकत देगा, जो भारत की अगली पीढ़ी की डिफेंस जरूरतों को पूरा करेगा.

सरकार और संस्थानों से मिल रहा साथ

ज़ुपा भारत की ड्रोन पॉलिसी और स्टैंडर्ड सेट करने में भी सरकार और अकादमिक संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहा है. ये साझेदारी भारत के आत्मनिर्भर भारत मिशन को और आगे बढ़ाने में मदद करेगी, खासकर ऐसे समय में जब देश को सुरक्षा के मोर्चे पर तकनीक की सबसे ज्यादा जरूरत है.

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