अहमदाबाद से उठी आवाज गूंजेगी अंतरिक्ष तक, Catalyx Space ने जुटाए ₹47 करोड़, जानिए कहां होगा पैसों का इस्तेमाल

स्पेसटेक (SpaceTech) सेक्टर में एक और भारतीय स्टार्टअप ने बड़ी छलांग लगाई है. सैन फ्रांसिस्को और अहमदाबाद से ऑपरेट करने वाले Catalyx Space ने अपने सीड फंडिंग राउंड (Seed Funding Round) में $5.4 मिलियन (करीब ₹47.4 करोड़) जुटाए हैं. इस राउंड का नेतृत्व Outlander VC ने किया, जिसमें कई ग्लोबल इन्वेस्टर्स ने भाग लिया. कंपनी इस फंड का इस्तेमाल अपने फुल-स्टैक स्पेस लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म (Full-Stack Space Logistics Platform) को स्केल करने और नए स्पेस मिशन (Space Missions) को लॉन्च करने में करेगी.
अहमदाबाद से उठी आवाज गूंजेगी अंतरिक्ष तक, Catalyx Space ने जुटाए ₹47 करोड़, जानिए कहां होगा पैसों का इस्तेमाल

भारत के स्पेसटेक सेक्टर (Spacetech Sector) में इन दिनों गजब की हलचल है. ऐसे ही एक नए इनोवेटिव स्टार्टअप Catalyx Space ने $5.4 मिलियन (₹47.4 करोड़) जुटाकर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.

इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Outlander VC ने किया है, जबकि अन्य निवेशकों में Arka Venture Labs, Together Fund, Higher Life Ventures, Techstars और Nivesha Ventures जैसे नाम शामिल हैं. कंपनी का उद्देश्य है- “स्पेस एक्सेस को आसान, सस्ता और कुशल बनाना.”

फाउंडर्स का विजन- स्पेस को बनाना ‘डेमोक्रेटिक’

Catalyx Space की स्थापना 2024 में चार भारतीय इंजीनियर्स- रिफ़ाथ शारूक (Rifath Shaarook), साकिब हुसैन (Saqib Hussain), कीर्तन चंद अलुवाला (Keerthan Chand Aluvala) और क्लिंटन डी एंटोनी (Clinton D Antony) ने की थी. ये सभी पहले Space Kidz India के साथ काम कर चुके हैं. उनका मिशन है-“Democratising Access To Space”, यानी हर शोधकर्ता और संस्था के लिए अंतरिक्ष को सुलभ बनाना.

स्टार्टअप अनमैन्ड स्पेस लैब्स (Unmanned Space Labs) और री-एंट्री कैप्सूल्स (Re-entry Capsules) तैयार करता है, जिससे स्पेस रिसर्च और सैटेलाइट डिप्लॉयमेंट को आसान बनाया जा सके.

क्या करेगा ये नया फंड?

Catalyx Space ने कहा कि जुटाई गई रकम का इस्तेमाल 3 कामों के लिए किया जाएगा-

  1. री-एंट्री और लैंडिंग टेक्नोलॉजी (Re-entry & Landing Technology) को स्केल करना.
  2. GTM (Go-To-Market) ऑपरेशंस को मजबूत बनाना.
  3. आने वाले स्पेस मिशन (Upcoming Space Missions) को सफलतापूर्वक पूरा करना.

कंपनी के सीईओ रिफ़ाथ शारूक ने कहा, “यह फंड हमें अगली पीढ़ी की री-एंट्री और लैंडिंग टेक्नोलॉजी दिखाने, नए मिशनों को एक्सिक्यूट करने और हमारे GTM को स्केल करने में मदद करेगा.”

अहमदाबाद से अंतरिक्ष तक का सफर

कंपनी का हेडक्वार्टर San Francisco में है, लेकिन इसका ऑपरेशनल बेस Ahmedabad में है. कंपनी भारत से अपने इंजीनियरिंग और टेस्टिंग मिशन चला रही है. Catalyx Space भारत के स्पेस मिशन नेटवर्क (Space Mission Network) के साथ मिलकर काम कर रही है और अब तक 26 से ज्यादा मिशनों में पार्टनर रही है.

दूसरे राउंड से पहले भी जुटाई थी फंडिंग

Catalyx Space ने इससे पहले जनवरी 2025 में $1.7 मिलियन की प्री-सीड फंडिंग (Pre-Seed Funding) जुटाई थी. उसके बाद कंपनी ने REX Capsule का दूसरा ड्रॉप टेस्ट (Drop Test) 14,000 फीट की ऊंचाई से सफलतापूर्वक पूरा किया. इस टेस्ट ने कंपनी की रिकवरी और री-एंट्री सिस्टम्स (Recovery & Re-entry Systems) को रियल वर्ल्ड कंडीशन में वैलिडेट किया.

कंपनी की टेक्नोलॉजी कैसे काम करती है?

Catalyx Space एक वर्टिकली इंटीग्रेटेड (Vertically Integrated) प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है जो अपमास और डाउनमास (Upmass & Downmass) के जरिए अंतरिक्ष में लॉजिस्टिक्स (Space Logistics) को आसान बनाता है. यह Cosmotron Satellite Bus (50 kg-class) के जरिए क्लाइंट्स को अपना पेलोड इंस्टॉल करने की सुविधा देता है,
ताकि वे सीधे वेब पोर्टल और ग्राउंड स्टेशन नेटवर्क से डेटा एक्सेस कर सकें.

कंपनी के मुताबिक, 2026 की शुरुआत में यह अपने Cosmotron सैटेलाइट बस का डेमो करेगी, जो भारत की नई पीढ़ी की स्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी साबित होगी.

भारतीय स्पेस इकोनॉमी में बढ़ता निवेश

Catalyx Space की यह फंडिंग ऐसे समय में आई है जब भारत सरकार (Indian Government) खुद स्पेसटेक इकोनॉमी (Spacetech Economy) को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है. पिछले साल सरकार ने ₹1,000 करोड़ का VC फंड लॉन्च किया था ताकि स्पेस स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन मिले. अब तक कई नए स्टार्टअप्स- जैसे SatLeo, OmSpace Rockets, और Manatsu- ने भी फंडिंग हासिल कर इस क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है.

स्पेसटेक में भारत की भूमिका

भारत पहले ही ISRO के माध्यम से दुनिया के लिए विश्वसनीय स्पेस लॉन्च हब बन चुका है. अब निजी क्षेत्र (Private Sector) के आने से इस इकोसिस्टम में तेजी से नवाचार (Innovation) और निवेश (Investment) बढ़ रहा है. Catalyx Space जैसी कंपनियां दिखा रही हैं कि “भारत अब सिर्फ लॉन्च नहीं, बल्कि स्पेस लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर में भी नेतृत्व करेगा.”

Conclusion

Catalyx Space की यह फंडिंग भारत के स्पेसटेक सेक्टर में एक बड़ा मोड़ है. भारतीय इंजीनियर्स और साइंटिस्ट्स अब वैश्विक स्तर पर स्पेस टेक्नोलॉजी को दिशा दे रहे हैं. $5.4 मिलियन का यह निवेश न सिर्फ कंपनी के लिए, बल्कि भारत की नई स्पेस इकॉनमी (Space Economy) के लिए एक बड़ा कदम है. अब अंतरिक्ष में भारत की उपस्थिति और भी मजबूत होती जा रही है. कह सकते हैं, “Made in India, Launched for the World.”

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1- Catalyx Space क्या करती है?

यह स्पेस लॉजिस्टिक्स और री-एंट्री टेक्नोलॉजी पर काम करने वाला स्टार्टअप है.

2- कंपनी ने कितनी फंडिंग जुटाई है?

$5.4 मिलियन यानी करीब ₹47.4 करोड़.

3- किसने लीड किया फंडिंग राउंड को?

Outlander VC ने.

4- Catalyx Space के फाउंडर्स कौन हैं?

रिफ़ाथ शारूक, साकिब हुसैन, कीर्तन चंद अलुवाला और क्लिंटन डी एंटोनी.

5- कंपनी कहां से ऑपरेट करती है?

सैन फ्रांसिस्को से मुख्यालय और अहमदाबाद से ऑपरेशंस.

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