E-Commerce के इस Startup ने जुटाए ₹970 करोड़, इन पैसों से होगी छोटे दुकानदारों की मदद, अगले साल आ सकता है IPO

भारत के बी2बी ई-कॉमर्स सेक्टर से स्टार्टअप Udaan ने अपने मौजूदा निवेशकों M&G Investments और Lightspeed Venture Partners से एक नए फंडिंग राउंड के तहत 114 मिलियन डॉलर यानी करीब ₹970 करोड़ रुपये जुटाए हैं.
E-Commerce के इस Startup ने जुटाए ₹970 करोड़, इन पैसों से होगी छोटे दुकानदारों की मदद, अगले साल आ सकता है IPO

भारत के बी2बी ई-कॉमर्स सेक्टर से स्टार्टअप Udaan ने अपने मौजूदा निवेशकों M&G Investments और Lightspeed Venture Partners से एक नए फंडिंग राउंड के तहत 114 मिलियन डॉलर यानी करीब ₹970 करोड़ रुपये जुटाए हैं. कंपनी अब तक करीब 2 अरब डॉलर यानी करीब ₹16,500 करोड़ जुटा चुकी है.

Udaan ने इस फंडिंग राउंड के वैल्यूएशन का अभी खुलासा नहीं किया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी का वैल्यूएशन अभी भी $1.8 बिलियन के आसपास बना हुआ है. यह निवेश इसी साल की शुरुआत में हुए $75 मिलियन के निवेश के बाद आया है.

क्या करती है Udaan?

Add Zee Business as a Preferred Source

Udaan की शुरुआत 2016 में हुई थी. यह एक B2B प्लेटफॉर्म है जो मैन्युफैक्चरर और थोक विक्रेताओं को देश भर के छोटे दुकानदारों से जोड़ता है. कंपनी FMCG, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, एग्री प्रोडक्ट्स और लाइफस्टाइल जैसे सेक्टर में काम करती है. कंपनी ने कहा है कि यह फंड FMCG और HoReCa (होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग) जैसे बड़े और मुनाफे वाले सेक्टरों में अपनी पकड़ मजबूत करने में लगाया जाएगा.

प्राइवेट लेबल और फायदे में बढ़त

Udaan अब स्टेपल (दाल, चावल जैसे जरूरी सामान) में अपने प्राइवेट लेबल प्रोडक्ट्स बढ़ाने पर जोर दे रही है. 2024 में कंपनी का कॉंट्रिब्यूशन मार्जिन 60% से ज्यादा बढ़ा है और 2025 की शुरुआत में इसमें 100 बेसिस पॉइंट की और बढ़त हुई है.

कंपनी के CEO वैभव गुप्ता ने कहा कि पिछले 3 सालों में कंपनी ने अपना EBITDA लॉस 40% तक कम किया है. वहीं कंपनी अगले 18 महीनों में प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करने का टारगेट लेकर चल रही है. कंपनी ने 2024 में ₹5,706 करोड़ की ऑपरेशन से कमाई की, जबकि नेट लॉस ₹1674 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 19% कम है.

VIDEO: UPCOMING IPO LIST 2025

फिनटेक और IPO की तैयारी

Udaan की फिनटेक शाखा UdaanCapital छोटे व्यापारियों और निर्माताओं को वर्किंग कैपिटल लोन और क्रेडिट प्रोडक्ट्स देती है. जनवरी 2025 में कंपनी को NCLT से मंजूरी मिली है, जिससे इसकी अलग-अलग यूनिट्स को Hiveloop E-Commerce में मर्ज किया जाएगा. इससे कंपनी की IPO की राह आसान होगी.

RECOMMENDED

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6