स्पेसटेक स्टार्टअप SpaceFields ने जुटाई ₹44 करोड़ की Funding, कंपनी ने खुद बताया इन पैसों से क्या करने का है प्लान

बेंगलुरु (Bengaluru) के स्पेस से जुड़े डीपटेक स्टार्टअप (Deeptech Startup) SpaceFields ने प्री-सीरीज ए फंडिंग (Pre-Series A Funding) राउंड में 44 करोड़ रुपये (5 मिलियन डॉलर) जुटाए हैं. यह निवेश (Investment) कंपनी को मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing) बढ़ाने, रेगुलेटरी सर्टिफिकेशन (Regulatory Certification) हासिल करने और टीम एक्सपैंशन (Team Expansion) में मदद करेगा. कंपनी डिफेंस (Defence), एयरोस्पेस (Aerospace) और स्पेस (Space) के लिए रॉकेट प्रपल्शन सिस्टम (Rocket Propulsion System) बनाती है.
स्पेसटेक स्टार्टअप SpaceFields ने जुटाई ₹44 करोड़ की Funding, कंपनी ने खुद बताया इन पैसों से क्या करने का है प्लान

बेंगलुरु के स्टार्टअप SpaceFields ने प्री-सीरीज ए फंडिंग राउंड में 5 मिलियन डॉलर यानी करीब 44 करोड़ रुपये जुटाए हैं. इस राउंड का नेतृत्व Globaz Technologies, Rockstud Capital और Venture Catalysts ने किया. इसके अलावा नितिन कामत की Rainmatter, Faad Capital, SIDBI, O2 Angels और MeitY Startup Hub जैसी संस्थाओं ने भी निवेश किया.

कंपनी का कहना है कि इस फंडिंग का इस्तेमाल वह मैन्युफैक्चरिंग को स्केल अप करने, जरूरी रेगुलेटरी सर्टिफिकेशन लेने और इंजीनियरिंग और ऑपरेशंस टीम को मजबूत करने में करेगी.

कंपनी की शुरुआत और सफर

SpaceFields की शुरुआत 2021 में अपूर्व मसूक, रौनक अग्रवाल और सुदर्शन समल ने मिलकर की थी. यह स्टार्टअप डिफेंस, एयरोस्पेस और स्पेस सेक्टर के लिए रॉकेट प्रपल्शन सिस्टम डिजाइन और मैन्युफैक्चर करता है. कंपनी को अब तक रक्षा मंत्रालय की iDEX पहल के तहत 4 कॉन्ट्रैक्ट मिल चुके हैं. इसके अलावा कंपनी ने 10 पेटेंट के लिए आवेदन किया है, जिनमें से 5 पेटेंट पहले ही ग्रांट हो चुके हैं.

फंडिंग का इस्तेमाल कहां होगा?

कंपनी ने साफ कहा है कि नई फंडिंग का इस्तेमाल इन क्षेत्रों में किया जाएगा:

  • मैन्युफैक्चरिंग स्केल बढ़ाना
  • रेगुलेटरी सर्टिफिकेशन हासिल करना
  • इंजीनियरिंग और बिजनेस टीम का विस्तार
  • डिफेंस और स्पेस सेक्टर के लिए नई टेक्नोलॉजी पर काम

निवेशकों की बड़ी लिस्ट

पिछले साल कंपनी ने सीड राउंड में 1.3 मिलियन डॉलर जुटाए थे, जिसमें Jamwant Ventures और HVB 88 Angels ने निवेश किया था. इस बार के फंडिंग राउंड में कई बड़े नाम शामिल रहे.

  • लीड इन्वेस्टर्स: Globaz Technologies, Rockstud Capital, Venture Catalysts
  • अन्य इन्वेस्टर्स: Rainmatter (Nithin Kamath), Burla Angel Network, Faad Capital, SIDBI, O2 Angels, MeitY Startup Hub

स्पेसफील्ड्स के को-फाउंडर और सीईओ अपुर्व मसूक ने कहा, "सॉलिड प्रपल्शन डिफेंस और स्पेस मिशनों की रीढ़ है. हमारे कस्टम-बेस्ड सिस्टम्स की मांग सशस्त्र बलों (Armed Forces), DRDO, टैक्टिकल ड्रोन कंपनियों और कई एयरोस्पेस OEMs में लगातार बढ़ रही है."

भारत के डिफेंस और स्पेस सेक्टर में अहम भूमिका

स्पेसफील्ड्स और ग्लोबाज टेक्नोलॉजीज अब मिलकर भारत के डिफेंस और एयरोस्पेस वैल्यू चेन के लिए डुअल-यूज़ टेक्नोलॉजीज पर काम करेंगे. दिल्ली-एनसीआर स्थित Globaz एयरोस्पेस और डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स के डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग में माहिर है.

क्यों अहम है यह निवेश?

  • भारत का डिफेंस और स्पेस सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है
  • स्टार्टअप्स के लिए नए मौके बन रहे हैं
  • इंडिजिनस टेक्नोलॉजी से भारत की निर्भरता कम होगी
  • एक्सपोर्ट की संभावनाएं भी बढ़ेंगी

Conclusion

स्पेसफील्ड्स का यह फंडिंग राउंड भारत के डिफेंस और स्पेस सेक्टर की बढ़ती ताकत को दिखाता है. यह स्टार्टअप न सिर्फ नई टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर और मजबूत बना रहा है. आने वाले समय में इस कंपनी का योगदान भारत की सुरक्षा और स्पेस मिशनों के लिए बेहद अहम होगा.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. स्टार्टअप क्या होता है?

नई और इनोवेटिव बिजनेस कंपनी जो तेजी से बढ़ना चाहती है, उसे स्टार्टअप कहते हैं.

2. फंडिंग का मतलब क्या है?

किसी कंपनी में निवेशकों द्वारा पैसे लगाना ताकि वह बिजनेस बढ़ा सके.

3. प्री-सीरीज ए फंडिंग क्या है?

यह शुरुआती निवेश के बाद का अगला चरण होता है, जब कंपनी एक्सपैंशन की तैयारी करती है.

4. पेटेंट क्या होता है?

किसी नई खोज या टेक्नोलॉजी पर कानूनी हक देना पेटेंट कहलाता है.

5. निवेशक (Investor) कौन होते हैं?

जो लोग या संस्थाएं किसी कंपनी में पैसे लगाकर मुनाफा कमाना चाहते हैं उन्हें निवेशक कहते हैं.

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