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भारत में स्टार्टअप्स की लहर पूरे जोश में है. Startup India के मुताबिक देश में अब तक करीब 1.97 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स रजिस्टर हो चुके हैं. लेकिन जहां हर दिन नए स्टार्टअप शुरू हो रहे हैं, वहीं बड़ी संख्या में कई बंद भी हो रहे हैं.
स्टार्टअप बंद होने की एक बड़ी वजह ये है कि ज्यादातर फाउंडर्स कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो धीरे-धीरे उनके बिजनेस को खत्म कर देती हैं. आइए जानते हैं ऐसी 5 बड़ी गलतियां, जिनसे बचना हर फाउंडर के लिए जरूरी है.
अगर आप कोई स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं, तो सिर्फ आज नहीं, बल्कि अगले 3 से 5 साल की प्लानिंग जरूर होनी चाहिए. अगर आपके पास आने वाले सालों की रणनीति नहीं है, तो आपका स्टार्टअप बीच रास्ते में रुक सकता है. कई फाउंडर्स शुरुआत में जोश में आते हैं, लेकिन लॉन्ग-टर्म गोल (Long-term Goal) तय नहीं करते, यही उनकी सबसे बड़ी गलती होती है.
बहुत से लोग नौकरी जाने या आर्थिक संकट के कारण स्टार्टअप शुरू कर देते हैं, लेकिन उनके अंदर पैशन (Passion) नहीं होता. कोविड के दौरान ऐसे कई स्टार्टअप शुरू हुए जो कुछ ही महीनों में बंद हो गए. अगर आपका स्टार्टअप सिर्फ मजबूरी में शुरू हुआ है और उसमें आपकी दिलचस्पी नहीं है, तो वो आगे नहीं बढ़ पाएगा. स्टार्टअप चलाने के लिए सिर्फ पैसा नहीं, दिल से लगाव भी जरूरी होता है.
अगर आपके पास कोई नया आइडिया या यूनिक प्रोडक्ट नहीं है, तो बड़ी कंपनियों से मुकाबला करना बेकार है. उदाहरण के लिए जब रिलायंस जियो (Reliance Jio) ने बाजार में फ्री डेटा देकर एंट्री की, तो छोटी टेलिकॉम कंपनियां टिक ही नहीं पाईं. कई स्टार्टअप्स ऐसी गलती कर देते हैं, जो पहले से भरे मार्केट में उतर जाते हैं बिना किसी इनोवेशन (Innovation) के. ऐसे में उनका बिजनेस टिक नहीं पाता और उन्हें बंद करना पड़ता है.
कई बार स्टार्टअप्स कर्ज और घाटे में फंस जाते हैं और लगातार फंडिंग (Funding) के पीछे भागते रहते हैं. लेकिन सिर्फ पैसा जुटाने से समस्या नहीं सुलझती, बल्कि बिजनेस और जटिल हो जाता है. बायजूज़ (Byju’s) इसका बड़ा उदाहरण है- तेजी से बढ़ने के चक्कर में उसने अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग खो दी. अगर आप फाउंडर हैं, तो क्राइसिस से निकलने के तरीके पर फोकस करें, न कि सिर्फ नए निवेश पर.
एक मजबूत सेल्स टीम (Sales Team) किसी भी स्टार्टअप की रीढ़ होती है. भले ही आपका प्रोडक्ट कितना भी अच्छा क्यों न हो, अगर उसे बेचने वाली टीम अच्छी नहीं है, तो बिजनेस नहीं टिकेगा. सेल्स टीम न केवल कस्टमर से जुड़ाव बनाती है, बल्कि राजस्व (Revenue) का सबसे अहम स्रोत होती है. अगर आप एक सक्षम सेल्स टीम नहीं बना पा रहे हैं, तो स्टार्टअप को बचाना मुश्किल है.
स्टार्टअप सिर्फ एक आइडिया नहीं होता, बल्कि वह एक पूरा सफर होता है, जिसमें रणनीति, जुनून और धैर्य की जरूरत होती है. अगर फाउंडर अपने बिजनेस की दिशा, फाइनेंस और टीम पर शुरू से फोकस करे, तो असफलता से बच सकता है. हर स्टार्टअप जो बंद होता है, वो एक सबक छोड़ जाता है कि सिर्फ शुरुआत करना काफी नहीं, टिके रहना भी उतना ही जरूरी है.
नहीं, लेकिन बिना प्लानिंग और इनोवेशन के स्टार्टअप टिकना मुश्किल होता है.
एक मजबूत आइडिया, मार्केट रिसर्च और 3-5 साल की बिजनेस प्लानिंग.
हां, अगर बिजनेस मॉडल प्रॉफिटेबल है तो कम निवेश में भी चल सकता है.
पैशन जरूरी है, लेकिन उसके साथ प्लानिंग और टीम भी जरूरी है.
अच्छी टीम, प्रोडक्ट-मार्केट फिट और स्पष्ट विजन.
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