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AI पर फोकस करने वाला SaaS स्टार्टअप Astra आखिरकार बंद हो गया है. यह स्टार्टअप 2023 में शुरू हुआ था और सिर्फ 4 महीने पहले ही Perplexity के फाउंडर भारतीय मूल के अरविंद श्रीनिवास से फंडिंग (Funding) हासिल की थी. हालांकि, अब कंपनी ने अपने ऑपरेशन बंद करने का ऐलान कर दिया है.
Astra के को-फाउंडर और CEO सुप्रीत हेगड़े ने इस फैसले की जानकारी LinkedIn पोस्ट के जरिए दी. उन्होंने बताया कि को-फाउंडर रंजन राजगोपालन के साथ ग्रोथ की दिशा और रफ्तार को लेकर मतभेद हो गए थे. इसी कारण दोनों ने अलग होने और स्टार्टअप को बंद करने का निर्णय लिया.
हेगड़े ने बताया कि बड़े एंटरप्राइज क्लाइंट्स से काम लेना आसान नहीं था. स्टार्टअप के शुरुआती स्टेज में जब आप Salesforce, Slack, G-Drive जैसे टूल्स के डेटा तक एक्सेस मांगते हैं, तो भरोसा पाना मुश्किल हो जाता है.
इसके अलावा, AI एजेंट्स की भीड़ ने स्थिति और उलझा दी. क्लाइंट्स तय नहीं कर पा रहे थे कि किस AI समाधान पर भरोसा किया जाए और कैसे उनकी उपयोगिता को परखा जाए.
सुप्रीत हेगड़े का अगला कदम अभी साफ नहीं है, लेकिन रंजन राजगोपालन पहले ही एक नया स्टार्टअप शुरू कर चुके हैं, जो फिलहाल stealth mode में है. दोनों ही फाउंडर्स IIT मद्रास से ग्रेजुएट हैं. Astra शुरू करने से पहले हेगड़े HyperVerge में VP थे, जबकि राजगोपालन Proshort और Google में काम कर चुके हैं.
Astra खुद को हर सेल्स अकाउंट एग्जीक्यूटिव के लिए 'Chief of Staff' के रूप में पेश करता था. इसका दावा था कि वह AE के 80% काम को ऑटोमेट करके क्वार्टर में ज्यादा डील क्लोज करने में मदद करता है. कंपनी ने दावा किया था कि उसके पास 2 बड़े क्लाइंट्स थे और उसका कोई सीधा कॉम्पिटिटर नहीं था. हालांकि, यह प्रोडक्ट बीटा मोड से आगे नहीं बढ़ सका.
Astra की तरह ही इस महीने की शुरुआत में एक और AI SaaS स्टार्टअप subtl.ai भी बंद हो गया. वजह वही फंड की कमी और इन्वेस्टर्स का कम होता भरोसा रहा. AI, EV और क्विक कॉमर्स जैसे नए सेक्टर में बहुत से नए स्टार्टअप्स कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इनमें से कुछ ही टिक पा रहे हैं.