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भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम (Startup Ecosystem) अब सिर्फ देश की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की नजर में है. इसी कड़ी में आज यानी 23 सितंबर से गुजरात (Gujarat) के महात्मा मंदिर (Mahatma Mandir) में दो दिवसीय Startup Conclave 2025 की शुरुआत हुई.
इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत के युवा अब Job-Seeker से Job-Creator बनने की ओर बढ़ रहे हैं. उन्होंने निवेशकों से अपील की कि शुरुआती दौर के स्टार्टअप्स को ज्यादा से ज्यादा समर्थन दें, ताकि भारत इनोवेशन (Innovation) और रोजगार (Employment) दोनों में मजबूती से आगे बढ़े.
अमित शाह ने बताया कि आज स्टार्टअप्स ने भारत में लगभग 1.79 मिलियन लोगों को रोजगार दिया है. खास बात यह है कि 48% नए स्टार्टअप्स महिलाओं द्वारा शुरू किए गए हैं. यह भारत में सामाजिक और आर्थिक बदलाव का मजबूत संकेत है. उन्होंने कहा कि Startup Conclave ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो भारत की नॉलेज और इनोवेशन को बिजनेस और नौकरियों में बदलने का काम कर रहा है.
इस दो दिवसीय कार्यक्रम में 170+ स्टार्टअप्स अपने प्रोडक्ट्स और सर्विसेज प्रदर्शित कर रहे हैं.
ये स्टार्टअप्स अलग-अलग सेक्टर्स से आए हैं:
कार्यक्रम में प्रोटोटाइप और डेमो एग्ज़ीबिशन, राउंड-टेबल कॉन्फ्रेंस और 7 स्पेशल थीम सेशंस आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें स्केलिंग इनोवेशन, फाइनेंसिंग मॉडल और यूनिवर्सिटी-इंडस्ट्री लिंक पर चर्चा होगी.
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि यह सम्मेलन गुजरात को एक Entrepreneurial Hub के रूप में और मजबूत बनाएगा. वहीं, उच्च शिक्षा मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बताया कि विश्वविद्यालय और रिसर्च संस्थान शुरुआती स्टार्टअप्स को मेंटरिंग और कमर्शियल वेंचर्स में बदलने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.
कई प्रतिभागियों ने माना कि यह कॉन्क्लेव उन्हें अच्छी विजिबिलिटी और नेटवर्किंग का मौका देता है. लेकिन साथ ही उन्होंने चुनौतियों की तरफ भी ध्यान दिलाया, जिनमें शुरुआती दौर में कैपिटल की कमी, पायलट कस्टमर्स तक पहुंच में दिक्कत और सेक्टर-स्पेसिफिक इनक्यूबेशन की जरूरत अहम हैं. निवेशकों ने भी कहा कि खासतौर पर क्लाइमेट टेक और हेल्थ टेक स्टार्टअप्स के लिए और क्लियर पॉलिसी रोडमैप की जरूरत है.
साइडलाइन पर हुई राउंड-टेबल चर्चाओं में कई सुझाव आए:
आयोजकों का कहना है कि यह कॉन्क्लेव सिर्फ चर्चा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यहां से निकलने वाले सुझावों को राज्य और केंद्र सरकार की नीतियों तक पहुंचाया जाएगा.
कई फाउंडर्स ने कहा कि उनके लिए सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि उन्हें इस प्लेटफॉर्म से फंडिंग, कस्टमर्स और कॉन्ट्रैक्ट्स मिल सकें. उनका कहना है कि अगर यहां से प्रैक्टिकल रिजल्ट्स निकलते हैं तो यह सम्मेलन उनके प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट से आगे बढ़ने में मदद करेगा.
Startup Conclave 2025 ने दिखा दिया है कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अब वैश्विक स्तर पर अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार है. यह मंच सिर्फ नेटवर्किंग और पॉलिसी डायलॉग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाले समय में नई नौकरियों, इनोवेशन और निवेश का बड़ा जरिया बनेगा. अब देखना यह है कि यहां से निकले आइडिया कितने प्रैक्टिकल नतीजे लेकर आते हैं.
कोई भी नया इनोवेटिव बिजनेस, जिसे स्केलेबल मॉडल में बढ़ाया जा सके, उसे स्टार्टअप कहते हैं.
बिजनेस बढ़ाने, रिसर्च करने और नए मार्केट में जाने के लिए स्टार्टअप्स फंडिंग लेते हैं.
A. खेती-बाड़ी और फूड सप्लाई चेन को बेहतर बनाने वाले टेक सॉल्यूशंस से.
A. ऊर्जा को पर्यावरण-फ्रेंडली तरीके से बनाने और इस्तेमाल करने पर काम करते हैं.
A. शुरुआती दौर में फंडिंग और कस्टमर तक पहुंच बनाना.
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