Startup Conclave 2025 की धमाकेदार शुरुआत, गृह मंत्री अमित शाह ने किया उद्घाटन, 170 से ज्यादा स्टार्टअप ले रहे हिस्सा

गुजरात के महात्मा मंदिर में दो दिवसीय Startup Conclave 2025 की शुरुआत हो गई है. गृह मंत्री अमित शाह ने उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत का युवा अब "नौकरी खोजने वाला नहीं, नौकरी देने वाला" बन रहा है. इस सम्मेलन में 170 से ज्यादा स्टार्टअप्स अपने इनोवेशन दिखा रहे हैं और निवेशक-नीति निर्माता मिलकर नए अवसरों पर चर्चा कर रहे हैं.
Startup Conclave 2025 की धमाकेदार शुरुआत, गृह मंत्री अमित शाह ने किया उद्घाटन, 170 से ज्यादा स्टार्टअप ले रहे हिस्सा

भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम (Startup Ecosystem) अब सिर्फ देश की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की नजर में है. इसी कड़ी में आज यानी 23 सितंबर से गुजरात (Gujarat) के महात्मा मंदिर (Mahatma Mandir) में दो दिवसीय Startup Conclave 2025 की शुरुआत हुई.

इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत के युवा अब Job-Seeker से Job-Creator बनने की ओर बढ़ रहे हैं. उन्होंने निवेशकों से अपील की कि शुरुआती दौर के स्टार्टअप्स को ज्यादा से ज्यादा समर्थन दें, ताकि भारत इनोवेशन (Innovation) और रोजगार (Employment) दोनों में मजबूती से आगे बढ़े.

स्टार्टअप्स के आंकड़े और अहमियत

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अमित शाह ने बताया कि आज स्टार्टअप्स ने भारत में लगभग 1.79 मिलियन लोगों को रोजगार दिया है. खास बात यह है कि 48% नए स्टार्टअप्स महिलाओं द्वारा शुरू किए गए हैं. यह भारत में सामाजिक और आर्थिक बदलाव का मजबूत संकेत है. उन्होंने कहा कि Startup Conclave ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो भारत की नॉलेज और इनोवेशन को बिजनेस और नौकरियों में बदलने का काम कर रहा है.

170 से ज्यादा स्टार्टअप्स की भागीदारी

इस दो दिवसीय कार्यक्रम में 170+ स्टार्टअप्स अपने प्रोडक्ट्स और सर्विसेज प्रदर्शित कर रहे हैं.
ये स्टार्टअप्स अलग-अलग सेक्टर्स से आए हैं:

  • टेक्नोलॉजी (Technology)
  • हेल्थकेयर (Healthcare)
  • एग्रीटेक (AgriTech)
  • फिनटेक (Fintech)
  • ग्रीन एनर्जी (Green Energy)

कार्यक्रम में प्रोटोटाइप और डेमो एग्ज़ीबिशन, राउंड-टेबल कॉन्फ्रेंस और 7 स्पेशल थीम सेशंस आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें स्केलिंग इनोवेशन, फाइनेंसिंग मॉडल और यूनिवर्सिटी-इंडस्ट्री लिंक पर चर्चा होगी.

गुजरात को स्टार्टअप हब बनाने का टारगेट

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि यह सम्मेलन गुजरात को एक Entrepreneurial Hub के रूप में और मजबूत बनाएगा. वहीं, उच्च शिक्षा मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बताया कि विश्वविद्यालय और रिसर्च संस्थान शुरुआती स्टार्टअप्स को मेंटरिंग और कमर्शियल वेंचर्स में बदलने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.

चुनौतियां भी हैं सामने

कई प्रतिभागियों ने माना कि यह कॉन्क्लेव उन्हें अच्छी विजिबिलिटी और नेटवर्किंग का मौका देता है. लेकिन साथ ही उन्होंने चुनौतियों की तरफ भी ध्यान दिलाया, जिनमें शुरुआती दौर में कैपिटल की कमी, पायलट कस्टमर्स तक पहुंच में दिक्कत और सेक्टर-स्पेसिफिक इनक्यूबेशन की जरूरत अहम हैं. निवेशकों ने भी कहा कि खासतौर पर क्लाइमेट टेक और हेल्थ टेक स्टार्टअप्स के लिए और क्लियर पॉलिसी रोडमैप की जरूरत है.

पॉलिसी और निवेश की नई राह

साइडलाइन पर हुई राउंड-टेबल चर्चाओं में कई सुझाव आए:

  • बेनेफिशियरी रजिस्ट्री में सुधार
  • क्लाइमेट टेक के लिए ब्लेंडेड फाइनेंस मैकेनिज्म
  • स्टार्टअप्स से सरकारी खरीद को बढ़ावा देने के लिए इंसेंटिव्स

आयोजकों का कहना है कि यह कॉन्क्लेव सिर्फ चर्चा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यहां से निकलने वाले सुझावों को राज्य और केंद्र सरकार की नीतियों तक पहुंचाया जाएगा.

स्टार्टअप्स की उम्मीदें

कई फाउंडर्स ने कहा कि उनके लिए सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि उन्हें इस प्लेटफॉर्म से फंडिंग, कस्टमर्स और कॉन्ट्रैक्ट्स मिल सकें. उनका कहना है कि अगर यहां से प्रैक्टिकल रिजल्ट्स निकलते हैं तो यह सम्मेलन उनके प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट से आगे बढ़ने में मदद करेगा.

Conclusion

Startup Conclave 2025 ने दिखा दिया है कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अब वैश्विक स्तर पर अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार है. यह मंच सिर्फ नेटवर्किंग और पॉलिसी डायलॉग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाले समय में नई नौकरियों, इनोवेशन और निवेश का बड़ा जरिया बनेगा. अब देखना यह है कि यहां से निकले आइडिया कितने प्रैक्टिकल नतीजे लेकर आते हैं.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. स्टार्टअप क्या होता है?

कोई भी नया इनोवेटिव बिजनेस, जिसे स्केलेबल मॉडल में बढ़ाया जा सके, उसे स्टार्टअप कहते हैं.

Q2. फंडिंग राउंड क्यों जरूरी होते हैं?

बिजनेस बढ़ाने, रिसर्च करने और नए मार्केट में जाने के लिए स्टार्टअप्स फंडिंग लेते हैं.

Q3. एग्रीटेक स्टार्टअप्स किससे जुड़े होते हैं?

A. खेती-बाड़ी और फूड सप्लाई चेन को बेहतर बनाने वाले टेक सॉल्यूशंस से.

Q4. ग्रीन एनर्जी स्टार्टअप्स क्या करते हैं?

A. ऊर्जा को पर्यावरण-फ्रेंडली तरीके से बनाने और इस्तेमाल करने पर काम करते हैं.

Q5. स्टार्टअप्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती क्या होती है?

A. शुरुआती दौर में फंडिंग और कस्टमर तक पहुंच बनाना.

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