भारतीय दिमाग से बना है ये ग्लोबल AI स्टार्टअप Giga, अब जुटाए ₹540 करोड़, जानिए कैसे करता है काम

सैन फ्रांसिस्को (San Francisco) स्थित AI स्टार्टअप Giga (गिगा) ने Series A फंडिंग राउंड में $61 मिलियन (करीब ₹540 करोड़) जुटाए हैं. यह राउंड Redpoint Ventures की अगुवाई में हुआ, जिसमें Y Combinator और Nexus Venture Partners ने भी भाग लिया. कंपनी की स्थापना IIT खड़गपुर (IIT Kharagpur) के दो पूर्व छात्रों वरुण वुम्मादी और एशा मणदीप ने 2023 में की थी. Giga ऐसे वॉइस-बेस्ड AI एजेंट्स (Voice-Based AI Agents) बना रही है, जो कंपनियों के कस्टमर सर्विस (Customer Service) को और अधिक स्मार्ट, तेज और मानव-समान बनाते हैं.
भारतीय दिमाग से बना है ये ग्लोबल AI स्टार्टअप Giga, अब जुटाए ₹540 करोड़, जानिए कैसे करता है काम

टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक और भारतीय स्टार्टअप ने झंडा गाड़ दिया है. Giga, जो सैन फ्रांसिस्को में स्थित है, ने अपने Series A फंडिंग राउंड में $61 मिलियन (लगभग ₹540 करोड़) जुटाए हैं.

यह फंडिंग राउंड Redpoint Ventures की अगुवाई में हुआ है, जबकि Y Combinator और Nexus Venture Partners ने भी इसमें निवेश किया है. कंपनी की शुरुआत 2023 में IIT खड़गपुर (IIT Kharagpur) के दो इंजीनियरों वरुण वुम्मादी (Varun Vummadi) और एशा मणदीप (Esha Manideep) ने की थी.

क्या करती है Giga?

Giga एक AI टेक्नोलॉजी फर्म (Artificial Intelligence Firm) है जो बड़े संगठनों के लिए वॉइस-बेस्ड AI एजेंट्स (Voice-Based AI Agents) बनाती है. ये एजेंट्स ग्राहकों से बात करते हैं, सवालों का जवाब देते हैं और कंपनियों की कस्टमर सर्विस (Customer Support) को पूरी तरह ऑटोमेट करते हैं.

Giga के AI एजेंट्स की खासियत यह है कि ये नेचुरल (Natural) आवाज में बात करते हैं. साथ ही बेहद तेजी से जवाब देते हैं. इतना ही नहीं, ये कई भाषाओं (Multilingual) में काम कर सकते हैं. इन एजेंट्स की मदद से कंपनियां रोजाना लाखों बातचीत (Conversations) बिना किसी इंसान की मदद के हैंडल करती हैं.

Giga की ग्रोथ स्टोरी

फाउंडर्स का कहना है कि उनके AI सिस्टम्स हर दिन “लाखों ग्राहकों से बात करते हैं”. Giga के प्रोडक्ट्स फिलहाल बड़ी कंपनियों के साथ कस्टमर सपोर्ट (Customer Support Automation), टेलीकॉम (Telecom) और ई-कॉमर्स (E-commerce) क्षेत्रों में इस्तेमाल हो रहे हैं.

कंपनी के सीईओ एशा मणदीप ने X पर लिखा, “हम $61 मिलियन जुटाने को लेकर नहीं, बल्कि आने वाले वक्त में जो हम करेंगे, उसे लेकर ज्यादा उत्साहित हैं.” वहीं को-फाउंडर वरुण वुम्मादी ने कहा, “यह तो सिर्फ शुरुआत है, हमें खुशी है कि Giga अब ग्लोबल लेवल पर अपनी तकनीक से फर्क ला रहा है.”

भारतीय स्टार्टअप्स के लिए प्रेरणा

Giga की कहानी भारत के लिए भी खास है. दो भारतीय इंजीनियरों ने सिर्फ दो साल में एक ऐसी कंपनी खड़ी की जो अब ग्लोबल AI इंडस्ट्री (Global AI Industry) में पहचान बना रही है. आज Giga के ग्राहक अमेरिका (US) से लेकर यूरोप (Europe) और एशिया (Asia) तक फैले हुए हैं. इस सफलता ने एक बार फिर साबित किया है कि भारतीय टेक टैलेंट अब दुनिया की AI क्रांति (AI Revolution) में अहम भूमिका निभा रहा है.

निवेशक क्यों हैं उत्साहित?

Redpoint Ventures के पार्टनर ने कहा, “Giga सिर्फ एक चैटबॉट नहीं है, बल्कि यह AI-आधारित संवाद तकनीक (Conversational AI) में नई परिभाषा गढ़ रहा है. इसके एजेंट्स की गति, सटीकता और प्राकृतिकता इसे बाकी सब से अलग बनाती है.” Nexus Venture Partners ने भी कहा कि Giga के प्रोडक्ट्स “एंटरप्राइज-ग्रेड एआई सर्विसेज का भविष्य हैं”.

Conclusion

Giga ने यह साबित कर दिया है कि AI का भविष्य सिर्फ चैटबॉट्स तक सीमित नहीं है. अब यह तकनीक मानव जैसी बातचीत, इमोशन अंडरस्टैंडिंग और कस्टमर अनुभव सुधारने तक जा चुकी है. यह फंडिंग सिर्फ Giga के विस्तार का नहीं, बल्कि भारत के AI इनोवेशन की बढ़ती ताकत का भी सबूत है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. Giga क्या करती है?

यह वॉइस-बेस्ड AI एजेंट्स बनाती है जो कंपनियों के कस्टमर सर्विस को ऑटोमेट करते हैं.

2. Giga के फाउंडर कौन हैं?

IIT खड़गपुर के वरुण वुम्मादी और एशा मणदीप.

3. कंपनी की शुरुआत कब हुई?

साल 2023 में.

4. Giga ने कितनी फंडिंग जुटाई है?

$61 मिलियन यानी करीब ₹540 करोड़.

5. किसने इस फंडिंग का नेतृत्व किया?

Redpoint Ventures ने.

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