एक्टिंग ही नहीं, बिजनेस के भी धुरंधर हैं रणबीर कपूर! इस Startup में लगाया पैसा

मशहूर बॉलीवुड एक्टर और बिजनेसमैन रणबीर कपूर ने सप्लाई चेन प्लेटफॉर्म 'प्रोजो' (Prozo) में निवेश किया है. प्रोजो एक ऐसी कंपनी है जो भारत के तेजी से बढ़ते ब्रांड्स को वेयरहाउसिंग (गोदाम), सामान ढुलाई और ऑर्डर पूरा करने जैसी सेवाएं एक ही टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म पर देती है. रणबीर के इस कदम से ई-कॉमर्स और कंज्यूमर ब्रांड्स के लिए एक मजबूत बैकएंड सिस्टम के महत्व का पता चलता है.
एक्टिंग ही नहीं, बिजनेस के भी धुरंधर हैं रणबीर कपूर! इस Startup में लगाया पैसा

बॉलीवुड के 'एनिमल' यानी रणबीर कपूर सिर्फ पर्दे पर ही नहीं, बल्कि बिजनेस की दुनिया में भी बड़े दांव खेल रहे हैं. फिल्मों में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाने के बाद अब रणबीर ने एक टेक-इनेबल्ड सप्लाई चेन प्लेटफॉर्म 'प्रोजो' (Prozo) में बड़ा निवेश किया है. इससे पहले भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने भी निवेश किया है. यह खबर इसलिए बड़ी है क्योंकि रणबीर ने किसी ग्लैमरस स्टार्टअप की जगह एक ऐसी कंपनी को चुना है जो पर्दे के पीछे रहकर भारत के बड़े-बड़े ब्रांड्स की रीढ़ की हड्डी का काम करती है. रणबीर का यह कदम दिखाता है कि आने वाला दौर उन्हीं कंपनियों का है जिनका बैकएंड यानी सप्लाई चेन का मैनेजमेंट मजबूत होगा.

आप जब भी The Minimalist, Neemans, Beardo, Snitch या PhonePe जैसी कंपनियों से कुछ ऑर्डर करते हैं, तो क्या आपने कभी सोचा है कि आपका सामान इतने कम समय में, सही-सलामत आप तक कैसे पहुंच जाता है? इस पूरे प्रोसेस के पीछे प्रोजो जैसी कंपनियों का हाथ होता है. ये कंपनियां ब्रांड्स के लिए गोदाम (वेयरहाउस) मैनेज करने से लेकर, सामान की पैकिंग, ढुलाई और उसे आप तक पहुंचाने (फुलफिलमेंट) तक का सारा काम संभालती हैं. रणबीर कपूर का इस सेक्टर में आना यह बताता है कि वे भविष्य की नब्ज को कितनी अच्छी तरह पहचानते हैं.

Prozo आखिर है क्या और यह काम कैसे करता है?

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आसान भाषा में समझें तो प्रोजो एक 'फुल-स्टैक सप्लाई चेन' प्लेटफॉर्म है. 'फुल-स्टैक' का मतलब है कि यह ब्रांड्स को A से Z तक सारी सुविधाएं एक ही जगह पर देता है. कंपनियों को अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग वेंडर के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ती. प्रोजो के अपने टेक्नोलॉजी टूल्स हैं, जैसे:

ProWMS: यह एक वेयरहाउस मैनेजमेंट सिस्टम है जो गोदाम में रखे लाखों प्रोडक्ट्स का हिसाब-किताब रखता है.

ProShip: यह सामान की ढुलाई (फ्रेट) को मैनेज करता है, ताकि ऑर्डर तेजी से और कम लागत में डिलीवर हो सकें.

कंट्रोल टावर: यह एक डैशबोर्ड की तरह है, जहां से ब्रांड्स अपने पूरे सप्लाई चेन पर रियल-टाइम में नजर रख सकते हैं.

इन टूल्स की मदद से प्रोजो यह सुनिश्चित करता है कि चाहे ब्रांड अपना सामान सीधे अपनी वेबसाइट (D2C) से बेचे, दुकानदारों (B2B) को भेजे या फिर अमेजन-फ्लिपकार्ट जैसे मार्केटप्लेस पर, हर जगह डिलीवरी की स्पीड और क्वालिटी एक जैसी रहे.

रणबीर कपूर ने क्यों लगाया पैसा?

रणबीर कपूर बिजनेस को लेकर अपनी गहरी समझ के लिए जाने जाते हैं. फुटबॉल टीम 'मुंबई सिटी एफसी' में उनका निवेश इसका एक बड़ा उदाहरण है. प्रोजो में निवेश पर रणबीर ने कहा, "आज हर ब्रांड को स्पीड, भरोसेमंद सर्विस और समय के साथ ढलने की क्षमता चाहिए. प्रोजो का सिस्टम ब्रांड्स को यही ताकत देता है. मैंने देखा है कि कैसे बेहतरीन एक्जीक्यूशन ग्राहकों का भरोसा बनाता है और प्रोजो पर्दे के पीछे रहकर यही काम कर रहा है." रणबीर का मानना है कि किसी भी ब्रांड की सफलता सिर्फ अच्छे प्रोडक्ट पर ही नहीं, बल्कि उसे ग्राहक तक पहुंचाने की काबिलियत पर भी निर्भर करती है.

कंपनी के फाउंडर ने क्या कहा?

नेवी में डॉक्टर और मैकिन्से में कंसल्टेंट रह चुके प्रोजो के फाउंडर और सीईओ डॉ. अश्विनी जाखड़ ने रणबीर के जुड़ने पर खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा, "रणबीर अपने साथ क्रिएटिव गहराई और रणनीतिक सोच लेकर आए हैं. भरोसेमंद ऑपरेशन में उनका विश्वास हमारे सिद्धांतों से मेल खाता है, और हम उनके समर्थन से आगे बढ़ने के लिए उत्साहित हैं."

आगे का क्या है प्लान?

रणबीर कपूर के निवेश के बाद प्रोजो अब और तेजी से अपने पंख फैलाने की तैयारी में है. कंपनी का अगला लक्ष्य है-

  • नए शहरों में अपने वेयरहाउस का नेटवर्क बढ़ाना.
  • ऑटोमेशन और प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स (भविष्य का अनुमान लगाने वाली टेक्नोलॉजी) पर ज्यादा फोकस करना.
  • छोटे और मझोले उद्योगों (MSMEs) और क्विक कॉमर्स (10-20 मिनट में डिलीवरी) करने वाले ब्रांड्स के लिए खास समाधान तैयार करना.
  • उसी दिन और अगले दिन डिलीवरी (Same-Day and Next-Day Delivery) की क्षमता को और मजबूत करना.
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