यूपी के मिडिल क्लास को बड़ी राहत, सरकार के इस फैसले से घर बनाना हुआ सस्ता, 100 मीटर प्लॉट पर 50% छूट

यूपी सरकार के हाउसिंग एंड अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट ने नई नियमावली जारी की है. इसके तहत डेवलपमेंट चार्ज को कम किया गया है, जिससे घर बनाना सस्ता होगा.
यूपी के मिडिल क्लास को बड़ी राहत, सरकार के इस फैसले से घर बनाना हुआ सस्ता, 100 मीटर प्लॉट पर 50% छूट

यूपी में डेवलपमेंट चार्ज में कटौती की गई है (प्रतिकात्मक फोटो/Gemini)

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेशभर के घर खरीदारों को बड़ी राहत दी है. हाउसिंग एंड अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट द्वारा जारी नोटिफिकेशन के तहत नई नियमावली लागू हो गई है. इस नए नियम के लागू होने से पूरे प्रदेश में विकास शुल्क यानी डेवलपमेंट चार्ज में भारी संशोधन किया है. इसके बाद लखनऊ, प्रयागराज, अयोध्या, वाराणसी समेत अवध और पूर्वी यूपी के प्रमुख शहरों में घर बनाना सस्ता हो जाएगा. इसके अलावा मिडिल क्लास को राहत देते हुए 100 वर्ग मीटर तक छोटे प्लॉट घर बनाने वालों को विकास शुल्क में 50% की छूट मिलेगी.

इस दिन से लागू हुई नई दरें

उत्तर प्रदेश में भवन निर्माण के लिए डेवलपमेंट चार्ज की नई दरें और शर्तें 24 अप्रैल 2026 को गजट में पब्लिश होने के साथ ही लागू हो गई हैं.

2462 रुपए प्रति वर्ग मीटर

  • लखनऊ विकास क्षेत्र में घर बनाने वालों के लिए विकास शुल्क 2475 रुपए प्रति वर्ग मीटर से घटाकर 2462 रुपए प्रति वर्ग मीटर कर दिया है.
  • प्रयागराज और वाराणसी विकास क्षेत्र में घर बनाने वालों को प्रति वर्ग मीटर काफी ज्यादा बचत होगी, यहां पर दर 1510 रुपए से घटाकर 1450 रुपए हो गई है.
  • गोरखपुर में डेवलपमेंट चार्ज 1070 रुपए से कम होकर 1020 रुपए हो गया है.

लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी में विकास शुल्क (रुपये प्रति वर्ग मीटर)

शहर का नामपुराना विकास शुल्कनया विकास शुल्क
लखनऊ24752462
प्रयागराज15101450
वाराणसी15101450

अयोध्या, आजमगढ़ में विकास शुल्क

पूर्वी यूपी और अवध के इलाके अयोध्या, आजमगढ़, बस्ती और मिर्जापुर में डेवलपमेंट फीस की दर 755 रुपए से घटाकर महज 603 रुपए प्रति वर्ग मीटर कर दी गई है.

मल्टीप्लायर का नियम

  • नियमावली के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति नगर निकाय जैसे नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत सीमा के बाहर अनिर्मित क्षेत्र में घर बनाता है तो उसे लोकेशन मल्टीप्लायर 0.8 लगेगा. वहीं, शहर के अंदर निर्मित क्षेत्र में यह 1.0 है.
  • किफायती रेजिडेंशियल योजनाओं के लिए डेंसिटी आधारित कैलकुलेशन लागू नहीं होगी, जिससे इन योजनाओं में घर खरीदना पहले की तरह ही किफायती रहेगा.
  • 10 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्रफल वाले बड़े भूखंडों के लिए भूमि क्षेत्रफल मल्टीप्लायर केवल 0.4 रखा गया है, जिससे बड़े प्रोजेक्ट्स की लागत घटेगी.

पूर्वी यूपी के अन्य प्रमुख शहरो में विकास शुल्क (रुपये प्रति वर्ग मीटर)

शहर का नामपुराना विकास शुल्कनया विकास शुल्क
गोरखपुर10701020
अयोध्या755603
आजमगढ़755603
बस्ती755603
मिर्जापुर755603

Zee Business Live TV यहां पर देखें

डेवलपमेंट फीस का कैलकुलेशन

नोटिफिकेशन के मुताबिक अगर आवेदक की जमीन का कोई हिस्सा मास्टर प्लान में सड़क, पार्क, खुली जगह या ग्रीन बेल्ट के लिए चिन्हित है, और आवेदक खुद उसे अपनी लागत पर विकसित करने की जिम्मेदारी लेता है, तो उस हिस्से के क्षेत्रफल को कुल जमीन के क्षेत्रफल से घटाकर डेवलपमेंट फीस का कैलकुलेशन किया जाएगा. इसके अलावा ऐसे नए नोटिफाइड डेवलपमेंट एरिया जहां अभी तक लैंड यूज साफ रूप से परिभाषित नहीं हुआ है, वहां घर या बिल्डिंग बनाने पर लैंड यूज मल्टीप्लायर केवल 0.5 लगेगा, जिससे फीस काफी कम हो जाएगा.

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 डेवलपमेंट चार्ज क्या होता है?

डेवलपमेंट चार्ज वह शुल्क है जो विकास क्षेत्र में निर्माण या लेआउट की मंजूरी के लिए आवेदन पेश करने अथॉरिटी द्वारा जमीन के कुल क्षेत्रफल और तय फॉर्मूल के आधार पर लिया जाता है.

Q2 डेवलपमेंट चार्ज कौन वसूलता है?

यह संबंधित अथॉरिटी द्वारा लिया जाता है. कोई आवेदक बिल्डिंग प्लान के मुताबिक निर्माण परमिट के लिए आवेदन करता है, तब यह चार्ज देना पड़ता है.

Q3 डेवलपमेंट चार्ज घटने से घर बनाना कैसे सस्ता होता है?

घर बनाने की कुल लागत में एक अहम हिस्सा विकास प्राधिकरण को दिए जाने वाले शुल्क का होता है. जब यह घटता है तो कुल राशि सीधे कम हो जाती है, जिससे घर बनाने का बजट कम हो जाता है.

Q4 प्राधिकरण द्वारा डेवलपमेंट चार्ज का इस्तेमाल कहां पर किया जाता है?

राशि का इस्तेमाल खास तौर पर शहर के मास्टर प्लान के मुताबिक नई सड़कें बनाने, ग्रीन बेल्ट विकसित करने, ड्रेनेज सिस्टम ठीक करने और पब्लिक से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने में किया जाता है.

Q5 मल्टीप्लायर क्या होता है?

मल्टीप्लायर तय करता है कि आपकी जमीन की लोकेशन, साइज और इस्तेमाल के हिसाब से आपको बेसिक चार्ज का कितना हिस्सा देना होगा. यह घटक 1 से कम (जैसे 0.8) है तो चार्ज कम हो जाएगा. मान लें अगर आप नगर निकाय की सीमा के बाहर घर बनाते हैं वह मल्टीपलायर 0.8 लगाता है तो मतलब है उस जगह के बेसिक रेट का केवल 80 फीसदी बतौर डेवलमेंट चार्ज चुकाना होगा.

Add Zee Business as a Preferred Source
  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6