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यूपी में डेवलपमेंट चार्ज में कटौती की गई है (प्रतिकात्मक फोटो/Gemini)
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेशभर के घर खरीदारों को बड़ी राहत दी है. हाउसिंग एंड अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट द्वारा जारी नोटिफिकेशन के तहत नई नियमावली लागू हो गई है. इस नए नियम के लागू होने से पूरे प्रदेश में विकास शुल्क यानी डेवलपमेंट चार्ज में भारी संशोधन किया है. इसके बाद लखनऊ, प्रयागराज, अयोध्या, वाराणसी समेत अवध और पूर्वी यूपी के प्रमुख शहरों में घर बनाना सस्ता हो जाएगा. इसके अलावा मिडिल क्लास को राहत देते हुए 100 वर्ग मीटर तक छोटे प्लॉट घर बनाने वालों को विकास शुल्क में 50% की छूट मिलेगी.
उत्तर प्रदेश में भवन निर्माण के लिए डेवलपमेंट चार्ज की नई दरें और शर्तें 24 अप्रैल 2026 को गजट में पब्लिश होने के साथ ही लागू हो गई हैं.
2462 रुपए प्रति वर्ग मीटर
लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी में विकास शुल्क (रुपये प्रति वर्ग मीटर)
| शहर का नाम | पुराना विकास शुल्क | नया विकास शुल्क |
| लखनऊ | 2475 | 2462 |
| प्रयागराज | 1510 | 1450 |
| वाराणसी | 1510 | 1450 |
पूर्वी यूपी और अवध के इलाके अयोध्या, आजमगढ़, बस्ती और मिर्जापुर में डेवलपमेंट फीस की दर 755 रुपए से घटाकर महज 603 रुपए प्रति वर्ग मीटर कर दी गई है.
मल्टीप्लायर का नियम
पूर्वी यूपी के अन्य प्रमुख शहरो में विकास शुल्क (रुपये प्रति वर्ग मीटर)
| शहर का नाम | पुराना विकास शुल्क | नया विकास शुल्क |
| गोरखपुर | 1070 | 1020 |
| अयोध्या | 755 | 603 |
| आजमगढ़ | 755 | 603 |
| बस्ती | 755 | 603 |
| मिर्जापुर | 755 | 603 |
नोटिफिकेशन के मुताबिक अगर आवेदक की जमीन का कोई हिस्सा मास्टर प्लान में सड़क, पार्क, खुली जगह या ग्रीन बेल्ट के लिए चिन्हित है, और आवेदक खुद उसे अपनी लागत पर विकसित करने की जिम्मेदारी लेता है, तो उस हिस्से के क्षेत्रफल को कुल जमीन के क्षेत्रफल से घटाकर डेवलपमेंट फीस का कैलकुलेशन किया जाएगा. इसके अलावा ऐसे नए नोटिफाइड डेवलपमेंट एरिया जहां अभी तक लैंड यूज साफ रूप से परिभाषित नहीं हुआ है, वहां घर या बिल्डिंग बनाने पर लैंड यूज मल्टीप्लायर केवल 0.5 लगेगा, जिससे फीस काफी कम हो जाएगा.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 डेवलपमेंट चार्ज क्या होता है?
डेवलपमेंट चार्ज वह शुल्क है जो विकास क्षेत्र में निर्माण या लेआउट की मंजूरी के लिए आवेदन पेश करने अथॉरिटी द्वारा जमीन के कुल क्षेत्रफल और तय फॉर्मूल के आधार पर लिया जाता है.
Q2 डेवलपमेंट चार्ज कौन वसूलता है?
यह संबंधित अथॉरिटी द्वारा लिया जाता है. कोई आवेदक बिल्डिंग प्लान के मुताबिक निर्माण परमिट के लिए आवेदन करता है, तब यह चार्ज देना पड़ता है.
Q3 डेवलपमेंट चार्ज घटने से घर बनाना कैसे सस्ता होता है?
घर बनाने की कुल लागत में एक अहम हिस्सा विकास प्राधिकरण को दिए जाने वाले शुल्क का होता है. जब यह घटता है तो कुल राशि सीधे कम हो जाती है, जिससे घर बनाने का बजट कम हो जाता है.
Q4 प्राधिकरण द्वारा डेवलपमेंट चार्ज का इस्तेमाल कहां पर किया जाता है?
राशि का इस्तेमाल खास तौर पर शहर के मास्टर प्लान के मुताबिक नई सड़कें बनाने, ग्रीन बेल्ट विकसित करने, ड्रेनेज सिस्टम ठीक करने और पब्लिक से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने में किया जाता है.
Q5 मल्टीप्लायर क्या होता है?
मल्टीप्लायर तय करता है कि आपकी जमीन की लोकेशन, साइज और इस्तेमाल के हिसाब से आपको बेसिक चार्ज का कितना हिस्सा देना होगा. यह घटक 1 से कम (जैसे 0.8) है तो चार्ज कम हो जाएगा. मान लें अगर आप नगर निकाय की सीमा के बाहर घर बनाते हैं वह मल्टीपलायर 0.8 लगाता है तो मतलब है उस जगह के बेसिक रेट का केवल 80 फीसदी बतौर डेवलमेंट चार्ज चुकाना होगा.