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UP Building Bylaws: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों घर मालिकों को बड़ी राहत दी है. नए बिल्डिंग बायलॉज 2025 को लागू किया गया है. इन नए नियमों के तहत, अब रिहायशी मकानों में छोटे लेवल पर कमर्शियल गतिविधियां चलाना पहले से काफी ज्यादा आसान हो गया है. इन बायलॉज में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब लोग घर के 25 फीसदी हिस्से तक का इस्तेमाल होम-स्टे, पीजी या फिर प्रोफेशनल ऑफिस के तौर पर बिना किसी अलग परमिशन के कर सकेंगे.
उत्तर प्रदेश बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट बायलॉज 2025 के मुताबिक सर्विस प्रोफेशनल्स जैसे डॉक्टर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और आर्किटेक्ट अब अपने घरे के 25 फीसदी फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) का इस्तेमाल ऑफिस के लिए कर सकते हैं.
बिल्डिंग बायलॉज में इस छूट का फायदा उठाने के लिए एक अहम शर्त भी जोड़ी गई है. इसके तहत घर मालिकों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि इन कमर्शियल गतिविधियों के लिए पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था हो.
मरम्मत के काम की परमिशन खत्म
| गतिविधि | शर्त |
| होम-स्टे, पेइंग गेस्ट (PG) | 25% FAR तक, पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था जरूरी |
| प्रोफेशनल ऑफिस (डॉक्टर, वकील, CA, आर्किटेक्ट) | 25% FAR तक, पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था जरूरी |
| प्लास्टरिंग और पैच रिपेयर | परमिट की आवश्यकता नहीं |
| पेंटिंग और व्हाइट-वॉशिंग | परमिट की आवश्यकता नहीं |
सरकार का यह कदम ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने और स्वरोजगार को अवसर पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इससे न केवल कई प्रोफेशनल्स को अपने घर से काम करने में सुविधा होगी, बल्कि टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा. क्योंकि लोग आसानी से अपने घरों को होम-स्टे में बदल सकेंगे. इसके अलावा पीजी खोलने की परमिशन में ढील देने से जहां किराये के घरों की उपलब्धता बढ़ेगी. वहीं, प्रॉपर्टी से कमाई के भी रास्ते खुलेंगे.