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घर खरीदने के लिए आम आदमी अपनी जीवनभर की जमा पूंजी को खर्च कर देता है. हालांकि, घर खरीदने से पहले मन में यह डर बना रहता है कि कही बिल्डर दिवालिया तो नही हो जाए या फिर फंड की कमी से प्रोजेक्ट ही अटक जाए. हालांकि, घर खरीदारों के लिए बड़ी राहत आई है. ब्रोकरेज फर्म एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक देश के ज्यादातर बड़े डेवलपर्स आर्थिक तौर से मजबूत हो चुके हैं. इनमें कई नामी डेवलपर्स कर्ज मुक्त होने की कगार पर है, जो घर खरीदारों के लिए सुरक्षा की गारंटी है.
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले चार साल में टॉप रियल एस्टेट कंपनियों ने अपने कुल नेट डेट में लगभग 14,000 करोड़ रुपए की भारी कमी की है.
अपनी कमाई में बना रहें प्रोजेक्ट
नेट कैश की स्थिति में आई कंपनी
स्टॉक ब्रोकिंग की रिपोर्ट के मुताबिक DLF लिस्ट में सबसे ऊपर है, जिसके पास करीब 7720 करोड़ रुपए का सरप्लस कैश है. इसके अलावा ओबरॉय रियल्टी और सोभा रियल्टी जैसी कंपनियां भी कर्ज मुक्त होकर सरप्लस कैश पर बैठी हैं.
इन कंपनियों का बढ़ा कर्ज
बिल्डर्स का वित्तीय रिपोर्ट कार्ड (1HFY26)
| कंपनी (बिल्डर) | वित्तीय स्थिति | नेट कैश/कर्ज (करोड़ में) |
| डीएलएफ (DLF) | कैश सरप्लस (मुनाफे में) | + ₹7,720 करोड़ |
| शोभा (Sobha) | कैश सरप्लस (मुनाफे में) | + ₹750 करोड़ |
| ओबेरॉय रियल्टी | कैश सरप्लस (मुनाफे में) | + ₹330 करोड़ |
| लोढ़ा (मैक्रोटेक) | नेट डेब्ट (कर्ज में) | - ₹5,370 करोड़ |
| गोदरेज प्रॉपर्टीज | नेट डेब्ट (कर्ज में) | - ₹5,570 करोड़ |
| प्रेस्टीज एस्टेट्स | नेट डेब्ट (कर्ज में) | - ₹7,320 करोड़ |
ब्रोकरेज की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में घरों की बंपर बिक्री के कारण बिल्डर्स की तिजोरी जमकर भरी है. H1FY26 में 11 रियल एस्टेट कंपनियों ने कुल 73100 करोड़ रुपए के घर बेचे हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 47 फीसदी ज्यादा है. यह इन कंपनियो के इतिहास की भी सबसे बेहतरीन कमाई है. इसके अलावा देश के 28 बड़े लिस्टेड डेवलपर्स ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में लगभग 92,500 करोड़ रुपए की संपत्तियां बेचीं है.
सवाल: क्या बड़े बिल्डर्स अब पूरी तरह कर्ज मुक्त हो रहे हैं?
जवाब: रिपोर्ट के मुताबिक 11 में से 5 बड़े बिल्डर्स अब 'नेट कैश पॉजिटिव' हैं, यानी उन पर कर्ज का बोझ नहीं है और उनके पास सरप्लस पैसा है.
सवाल: एक घर खरीदार के रूप में 'नेट कैश' वाली कंपनी का क्या फायदा है?
जवाब: जिस कंपनी के पास 'नेट कैश' है, उसके प्रोजेक्ट फंड की कमी के कारण रुकने की संभावना ना के बराबर होती है. आपको समय पर घर मिलने की गारंटी बढ़ जाती है.
सवाल: इस समय सबसे ज्यादा कैश किस रियल एस्टेट कंपनी के पास है?
जवाब: रिपोर्ट के अनुसार, DLF सबसे मजबूत स्थिति में है। कंपनी के पास कर्ज चुकाने के बाद भी लगभग 7,720 करोड़ रुपये का कैश सरप्लस है.
सवाल: क्या गोदरेज और लोढ़ा जैसे बड़े नाम कर्ज में हैं?
जवाब: गोदरेज प्रॉपर्टीज और लोढ़ा (Macrotech) पर कर्ज है, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार यह कर्ज 'आरामदायक स्तर' पर है और जोखिम भरा नहीं है.
सवाल: किन कंपनियों पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है?
जवाब: प्रेस्टीज एस्टेट्स और आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट का कर्ज बढ़ा है। इसका कारण नए प्रोजेक्ट्स में भारी निवेश करना है.