2026 में छोड़ दें दिल्ली-मुंबई में प्रॉपर्टी का मोह, इन छोटे शहरों से मिलेगा मोटा मुनाफा, 15% रिटर्न पक्का

साल 2026 दहलीज पर है. नए साल में यदि आप रियल एस्टेट में निवेश करने की सोच रहे हैं तो साल 2026 में टियर II और टियर 3 शहर देश के ग्रोथ इंजन बन रहे हैं.
2026 में छोड़ दें दिल्ली-मुंबई में प्रॉपर्टी का मोह, इन छोटे शहरों से मिलेगा मोटा मुनाफा, 15% रिटर्न पक्का

साल 2025 अपनी आखिरी पड़ाव में है और 2026 दहलीज पर है. यदि आप नए साल में रियल एस्टेट में निवेश करने की सोच रहे हैं तो दिल्ली एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु जैसे मेट्रो सिटीज का मोह छोड़ने का वक्त आ गया है. साल 2026 में भारत के टियर-2, टियर-3 शहरों के नाम रहने वाला है. कॉलियर्स (Colliers) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, छोटे शहर अब देश के नए ग्रोथ इंजन बन रहे हैं, जहां प्रॉपर्टी की कीमतें सालाना 10 फीसदी से 15 फीसदी तक बढ़ने की उम्मीद है.

टियर II शहर निवेश के लिहाज से आगे

Colliers की 2026 आउटलुक रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर, इंदौर, कोयंबटूर, नागपुर और वडोदरा जैसे टियर II शहर निवेश के लिहाज से फिलहाल सबसे आगे बने हुए हैं.

Add Zee Business as a Preferred Source

नामी-गिरामी बिल्डर्स ला रहे प्रोजेक्ट

  • कॉलियर्स की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इन शहरों में अब केवल स्थानीय बिल्डर नहीं, बल्कि देश के नामी-गिरामी डेवलपर्स अपने प्रोजेक्ट ला रहे हैं.
  • बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, नए एक्सप्रेस-वे, मेट्रो कनेक्टिविटी और उड़ना योजना के तहत शुरू हुए नए एयरपोर्ट ने इन शहरों को तस्वीर बदल रही है.

निवेश के लिए टॉप टियर-2 शहर और विकास दर (अनुमानित)

शहरप्रमुख आकर्षणअनुमानित मूल्य वृद्धि (2026)
जयपुरपर्यटन, DMIC कॉरिडोर, IT हब

10-12%

इंदौरसाफ शहर, सुपर कॉरिडोर, मेट्रो12-15%
कोयंबटूरटेक्सटाइल, मैन्युफैक्चरिंग, रिटायरमेंट लिविंग10-12%
नागपुरलॉजिस्टिक्स हब, मेट्रो कनेक्टिविटी

8-10%

अयोध्या/वाराणसी धार्मिक पर्यटन, होटल और होम-स्टे डिमांड15% से अधिक

सोर्स: Colliers Outlook 2026 and Industry Trends

आध्यात्मिक शहरों में भी प्रॉपर्टी की मांग

टियर II और रिहायशी ही नहीं, अयोध्या, वाराणसी, तिरुपति और अमृतसर जैसे देश के आध्यात्मिक केंद्रो में भी प्रॉपर्टी की मांग फिलहाल आसमान छू रही है.

2047 तक बनेंगे ग्रोथ इंजन

  • CII और कॉलियर्स की जॉइंट रिपोर्ट के मुताबिक 2047 तक देश की ग्रोथ में इन छोटे शहरों का योगदान सबसे ज्यादा होने जा रहा है.
  • Prop Equity की रिपोर्ट के आंकड़े भी बताते हैं कि बीते कुछ साल में टियर-2 शहरों में प्रॉपर्टी के दाम तेजी से बढ़े हैं.
  • साल 2025 की तीसरी तिमाही में सप्लाई में थोड़ी कमी आई थी, लेकिन कीमतों में बढ़ोतरी का ट्रेंड 2026 में जोरदार वापसी करेगा.

Tier-1 Vs Tier-2: एक नजर

पैरामीटरटियर-1 शहर (दिल्ली/मुंबई आदि)टियर-2 शहर (इंदौर/जयपुर आदि)
प्रॉपर्टी की कीमतबहुत ज्यादा किफायती
मूल्य वृद्धि स्थिर (5-7% औसत)तेज (10-15% अनुमानित)
इंफ्रास्ट्रक्चरपहले से विकसित लेकिन भीड़भाड़तेजी से विकसित हो रहा (मेट्रो/एयरपोर्ट)
कंपटीशनबहुत ज्यादामध्यम

कंपनियां और स्टार्टअप का टियर 2 पर फोकस

Colliers की रिपोर्ट में एक और अहम पहलू पर जोर दिया है. बड़ी कंपनियां और स्टार्टअप्स अब टियर 2 शहरों की तरफ रुख कर रहे हैं. इसे कॉस्ट आर्बिट्राज और टैलेंट की उपलब्धता का फायदा माना जा रहा है. कॉस्ट आर्बिट्राज यानी दो जगहों के खर्च में जो अंतर है, उसका फायदा उठाकर मुनाफा कमाना है. ऐसे में जब नौकरियां वहां पहुंचेंगी, तो जाहिर है कि घर की डिमांड की बढ़ेगी. कुल मिलाकर 2026 में यदि आपको कम निवेश में ज्यादा रिटर्न चाहिए तो इन उभरते हुए शहरों में अपनी छत तलाशान एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल: 2026 में टियर-2 शहरों में प्रॉपर्टी के दाम कितने बढ़ेंगे?

जवाब: रिपोर्ट के मुताबिक, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और बढ़ती मांग के चलते 2026 में कीमतें सालाना 10-15% तक बढ़ने की उम्मीद है.

सवाल: निवेश के लिए टॉप 5 टियर-2 शहर कौन से हैं?

जवाब: जयपुर, इंदौर, कोयंबटूर, नागपुर और वडोदरा निवेश के लिए सबसे बेहतरीन विकल्प बनकर उभरे हैं.

सवाल: क्या छोटे शहरों में बड़े डेवलपर्स आ रहे हैं?

जवाब: गोदरेज, DLF और टाटा जैसे बड़े ब्रांडेड डेवलपर्स टियर-2 शहरों में तेजी से अपने प्रोजेक्ट्स लॉन्च कर रहे हैं.

सवाल: 'आध्यात्मिक शहरों' में निवेश क्यों करें?

जवाब: अयोध्या और वाराणसी जैसे शहरों में धार्मिक पर्यटन बढ़ने से होटल्स और होम-स्टे की भारी मांग है, जिससे शानदार रेंटल इनकम मिलती है.

सवाल: क्या टियर-2 शहरों में ऑफिस/कमर्शियल निवेश सही है?

जवाब: कंपनियां लागत कम करने के लिए छोटे शहरों का रुख कर रही हैं, जिससे ऑफिस स्पेस की मांग बढ़ रही है.

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6