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साल 2025 अपनी आखिरी पड़ाव में है और 2026 दहलीज पर है. यदि आप नए साल में रियल एस्टेट में निवेश करने की सोच रहे हैं तो दिल्ली एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु जैसे मेट्रो सिटीज का मोह छोड़ने का वक्त आ गया है. साल 2026 में भारत के टियर-2, टियर-3 शहरों के नाम रहने वाला है. कॉलियर्स (Colliers) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, छोटे शहर अब देश के नए ग्रोथ इंजन बन रहे हैं, जहां प्रॉपर्टी की कीमतें सालाना 10 फीसदी से 15 फीसदी तक बढ़ने की उम्मीद है.
Colliers की 2026 आउटलुक रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर, इंदौर, कोयंबटूर, नागपुर और वडोदरा जैसे टियर II शहर निवेश के लिहाज से फिलहाल सबसे आगे बने हुए हैं.
निवेश के लिए टॉप टियर-2 शहर और विकास दर (अनुमानित)
| शहर | प्रमुख आकर्षण | अनुमानित मूल्य वृद्धि (2026) |
| जयपुर | पर्यटन, DMIC कॉरिडोर, IT हब | 10-12% |
| इंदौर | साफ शहर, सुपर कॉरिडोर, मेट्रो | 12-15% |
| कोयंबटूर | टेक्सटाइल, मैन्युफैक्चरिंग, रिटायरमेंट लिविंग | 10-12% |
| नागपुर | लॉजिस्टिक्स हब, मेट्रो कनेक्टिविटी | 8-10% |
| अयोध्या/वाराणसी | धार्मिक पर्यटन, होटल और होम-स्टे डिमांड | 15% से अधिक |
सोर्स: Colliers Outlook 2026 and Industry Trends
टियर II और रिहायशी ही नहीं, अयोध्या, वाराणसी, तिरुपति और अमृतसर जैसे देश के आध्यात्मिक केंद्रो में भी प्रॉपर्टी की मांग फिलहाल आसमान छू रही है.
2047 तक बनेंगे ग्रोथ इंजन
Tier-1 Vs Tier-2: एक नजर
| पैरामीटर | टियर-1 शहर (दिल्ली/मुंबई आदि) | टियर-2 शहर (इंदौर/जयपुर आदि) |
| प्रॉपर्टी की कीमत | बहुत ज्यादा | किफायती |
| मूल्य वृद्धि | स्थिर (5-7% औसत) | तेज (10-15% अनुमानित) |
| इंफ्रास्ट्रक्चर | पहले से विकसित लेकिन भीड़भाड़ | तेजी से विकसित हो रहा (मेट्रो/एयरपोर्ट) |
| कंपटीशन | बहुत ज्यादा | मध्यम |
Colliers की रिपोर्ट में एक और अहम पहलू पर जोर दिया है. बड़ी कंपनियां और स्टार्टअप्स अब टियर 2 शहरों की तरफ रुख कर रहे हैं. इसे कॉस्ट आर्बिट्राज और टैलेंट की उपलब्धता का फायदा माना जा रहा है. कॉस्ट आर्बिट्राज यानी दो जगहों के खर्च में जो अंतर है, उसका फायदा उठाकर मुनाफा कमाना है. ऐसे में जब नौकरियां वहां पहुंचेंगी, तो जाहिर है कि घर की डिमांड की बढ़ेगी. कुल मिलाकर 2026 में यदि आपको कम निवेश में ज्यादा रिटर्न चाहिए तो इन उभरते हुए शहरों में अपनी छत तलाशान एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है.
सवाल: 2026 में टियर-2 शहरों में प्रॉपर्टी के दाम कितने बढ़ेंगे?
जवाब: रिपोर्ट के मुताबिक, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और बढ़ती मांग के चलते 2026 में कीमतें सालाना 10-15% तक बढ़ने की उम्मीद है.
सवाल: निवेश के लिए टॉप 5 टियर-2 शहर कौन से हैं?
जवाब: जयपुर, इंदौर, कोयंबटूर, नागपुर और वडोदरा निवेश के लिए सबसे बेहतरीन विकल्प बनकर उभरे हैं.
सवाल: क्या छोटे शहरों में बड़े डेवलपर्स आ रहे हैं?
जवाब: गोदरेज, DLF और टाटा जैसे बड़े ब्रांडेड डेवलपर्स टियर-2 शहरों में तेजी से अपने प्रोजेक्ट्स लॉन्च कर रहे हैं.
सवाल: 'आध्यात्मिक शहरों' में निवेश क्यों करें?
जवाब: अयोध्या और वाराणसी जैसे शहरों में धार्मिक पर्यटन बढ़ने से होटल्स और होम-स्टे की भारी मांग है, जिससे शानदार रेंटल इनकम मिलती है.
सवाल: क्या टियर-2 शहरों में ऑफिस/कमर्शियल निवेश सही है?
जवाब: कंपनियां लागत कम करने के लिए छोटे शहरों का रुख कर रही हैं, जिससे ऑफिस स्पेस की मांग बढ़ रही है.