सुपरटेक के घर खरीदारों को बड़ी राहत! सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश, 14 प्रोजेक्ट्स पर NCLAT देगा फैसला

रियल एस्टेट डेवलपर सुपरटेक के घर खरीदारों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाल्य बाग्ची की बेंच ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल को निर्देश दिए कि सुपरटेक के बचे हुए 14 हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के भविष्य पर जल्द से जल्द फैसला लें.
सुपरटेक के घर खरीदारों को बड़ी राहत! सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश, 14 प्रोजेक्ट्स पर NCLAT देगा फैसला

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दिवालिया हो चुके रियल एस्टेट डेवलपर सुपरटेक के घर खरीदारों को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाल्य बागची की बेंच ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) को निर्देश दिया है कि वह सुपरटेक के बचे हुए 14 हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के भविष्य पर जल्द से जल्द फैसला लें. बेंच के निर्णय का मकसद है कि कोर्ट अपनी निगरानी में इन रुके हुए प्रोजेक्ट्स का काम पूरा करवा सके, जिससे कई साल से परेशान होम बायर्स की तकलीफें खत्म हो सके.

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, NCLAT तुरंत करें सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की बेंच ने कहा है कि NCLAT सुपरटेक मामले की तुरंत सुनवाई करें. इसमें ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी और किसान समेत हर एक पक्ष की राय सुनें.

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इन्सॉल्वेंसी प्रोफेशनल दो साल के लिए सस्पेंड

  • सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए यह भी इशारा किया है कि जरूरत पड़ने पर सुपरटेक के फंसे हुए प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की जिम्मेदारी किसी दूसरे बिल्डर या एजेंसी को सौंपी जा सकती है, जो सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में काम करेगी.
  • 10 अप्रैल को कोर्ट द्वारा नियुक्त न्याय मित्र ने अदालत को जानकारी दी कि इन्सॉल्वेंस बोर्ड (IBBI) ने सुपरटेक के इन्सॉल्वेंसी प्रोफेशनल (IRP) हितेश गोयल को दो साल के लिए सस्पेंड कर दिया है.
  • सुपरटेक के प्रोजेक्ट्स की देखरेख करने वाली दोनों कमेटियों के चीफ हितेश गोयल ही थे, ऐसे में कोर्ट ने सुझाव दिया कि अब सभी मौजूदा प्रोजेक्ट्स की निगरानी के लिए कोर्ट अपनी तरफ से एक्सपर्ट्स की एक नई कमेटी बनाए.

सुपरटेक ने किया था सुझाव का विरोध

सुप्रीम कोर्ट के नए एक्सपर्ट कमेटी बनाने के सुझाव का फाइनेंशियल क्रेडिटर्स, जमीन का मालिकाना हक रखने वाले अथॉरिटीज और खुद सुपरटेक ने कोर्ट के इस सुझाव का विरोध किया.

NBCC को दी थी जानकारी

  • सभी पक्षों की अलग-अलग राय को देखते हुए जजों की बेंच ने कहा है कि, "सभी प्रोजेक्ट्स को मिलाकर एक कमेटी बनाने के हमारे 10 अप्रैल के प्रस्ताव पर होम बायर्स, कमर्शियल बायर्स, NBCC और बैंकों के वकीलों का कहना है कि NCLAT इस मुददे पर ज्याबाद बेतर ढंग से सुनवाई कर सकता है."
  • कोर्ट ने कहा है कि 10 अप्रैल के आदेश को मामले पर कोई अंतिम राय नहीं माना जाना चाहिए. कोर्ट ने NCLAT को सभी पक्षों को सुनकर फैसला लेने की छूट दी है.
  • कोर्ट ने जमीन का मालिकान हक रखने वाले अथॉरिटी नोएडा, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी और यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी को NCLAT के सामने अपना पक्ष रखने की इजाजत दी है. वे फिलहाल चल रही इस कानूनी कार्यवाही में सीधे तौर पर पार्टी नहीं है.

NBCC को सौंपे थे 16 प्रोजेक्ट्स

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाल्य बाग्ची ने इससे पहले फरवरी 2026 में अपना फैसला सुनाते हुए सुपरटेक के 16 प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की जिम्मेदारी NBCC को दी थी. साल 2010 से लेकर 2012 के दौरान लगभग 51000 रेजिडेंशियल यूनिट्स की बुकिंग की थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि क्रेडिटर्स के पैसों का निपटारा तब होगा जब खरीदारों को पूरी तरह से घर सौंप दिया जाएगा.

16 रुके हुए सुपरटेक प्रोजेक्ट्स

प्रोजेक्टजगह
इको-विलेज -2सेक्टर-168, ग्रेटर नोएडा (यूपी)
रोमानोसेक्टर-118, नोएडा (यूपी)
केपटाउनसेक्टर-74, नोएडा (यूपी)
जार सुइट्सग्रेटर नोएडा (यूपी)
इको-विलेज 3सेक्टर-16बी, ग्रेटर नोएडा (यूपी)
स्पोर्ट्स विलेजसेक्टर-10, ग्रेटर नोएडा (यूपी)
इको-सिटीसेक्टर-137, नोएडा (यूपी)
नॉर्थ आईसेक्टर-74, नोएडा (यूपी)
अपकंट्रीसेक्टर-17ए, यमुना एक्सप्रेसवे (यूपी)
इको-विलेज 1सेक्टर-1, ग्रेटर नोएडा (यूपी)
मेरठ स्पोर्ट्स सिटीमेरठ (यूपी)
ग्रीन विलेज मेरठमेरठ (यूपी)
हिलटाउनगुरुग्राम (हरियाणा)
अरावेलगुरुग्राम (हरियाणा)
रिवरक्रेस्टरुद्रपुर (उत्तराखंड)
मिकासाबैंगलोर (कर्नाटक)

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स्टे ऑर्डर देने पर भी लगाई थी रोक

सुप्रीम कोर्ट ने किसी भी ट्रिब्यूनल और हाई कोर्ट को NBCC के निर्माण काम के बाधा डालने या कोई स्टे ऑर्डर देने से रोक दिया था. सुपरटेक के इन अटके हुए प्रोजेक्ट्स के लिए फंड जुटाने के लिए बिना बिके हुए फ्लैट्स को बेचकर और खरीदारों से मिलने वाली बकाया राशि और NBCC की फंडिंग से किया जाएगा. NCLAT ने निर्देश दिया था कि सभी प्रोजेक्ट्स के निर्माण को 12 से 36 महीने के अंदर पूरा किया जाना चाहिए. निर्माण के बाद घरों का थर्ड पार्टी ऑडिट भी किया जाना चाहिए.

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