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उत्तर प्रदेश के रेवेन्यू केलेक्शन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट ने मुहिम शुरू की है. इसके तहत रजिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट उन प्रॉपर्टीज की रजिस्ट्री कर रही है, जिनका अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया है. इसके अलावा स्टांप ड्यूटी से जुड़े रुके हुए मामलों का निपटारा किया जा रहा है. साथ ही अलग-अलग संस्थाओं से भी बकाया वसूल किया जा रहा है. मुहिम का मकसद सरकार की कमाई बढ़ाना और प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त की प्रोसेस को ज्यादा पारदर्शी बनाना है.
यूपी सरकार पूरे राज्य में डेवलपमेंट अथॉरिटी, आवास विकास परिषद, UPSIDC और दूसरी सरकारी संस्थाओं की उन संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है, जिनकी अभी तक रजिस्ट्री नहीं हुई थी.
स्टाम्प डिपार्टमेंट ने कमाई को बढ़ाने के लिए अलग-अलग जिलों के लिए खास प्लान तैयार किए हैं. मुरादाबाद की गोविंदपुर और दूसरी रेजिडेंशियल योजनाओं से करीब 22 करोड़ रुपए की कमाई की उम्मीद है.
200 करोड़ रुपए की कमाई की उम्मीद
यूपी सरकार कई जिलों में प्राइवेट बिल्डर्स और अथॉरिटी की बिना रजिस्ट्री वाली संपत्तिया का रजिस्ट्रेशन करवाकर भी कमाई को बढ़ाएगी. इसमें यमुना अथॉरिटी और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी से जुड़े मामलों से लगभग 93 करोड़ रुपए की कमाई की उम्मीद है.
मेरठ से 252 करोड़ रुपए की कमाई की उम्मीद
स्टांप ड्यूटी डिपार्टपेमेंट नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) के टोल प्लाजा से जुड़े मामलों की भी बारीकी से जांच कर रहा है. यूपी में 123 टोल प्लाजा और एजेंसियों के बीच हुए एग्रीमेंट की जांच में सामने आया है कि इन पर लगभग 72 करोड़ रुपए की स्टांप ड्यूटी बकाया है. इन मामलों में अदालतों में मुकदमे भी दर्ज कराए गए हैं और सख्त एक्शन लिया जा रहा है. गाजियाबाद में एक मामले का निपटारा कर 70 लाख रुपए वसूले गए हैं. कुशीनगर के दो मामलों में 52 लाख रुपए की वसूली की प्रक्रिया चल रही है.