प्रॉपर्टी बेचने का झंझट नहीं, साउथ दिल्ली में यह है 6 लाख करोड़ का सीक्रेट खजाना, 1 तरीके से 30% बढ़ गई कमाई

साउथ दिल्ली में असली खजाना प्रॉपर्टी बेचने में नहीं है बल्कि एक खास तरीके से है. इस तरीके से किराये से कमाई 30 फीसदी तक बढ़ गई है. जानिए क्या है ये सीक्रेट कमाई का फॉर्मूला.
प्रॉपर्टी बेचने का झंझट नहीं, साउथ दिल्ली में यह है 6 लाख करोड़ का सीक्रेट खजाना, 1 तरीके से 30% बढ़ गई कमाई

साउथ दिल्ली में प्रॉपर्टी की कीमतें आसमान छू रही हैं, लेकिन असली खजाना खरीदने और बेचने में नहीं, बल्कि पुराने घरों को नया बनाने यानी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में छिपा है. रियल एस्टेट पर केंद्रित अल्टेरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) गोल्डन ग्रोथ फंड (GGF) की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, साउथ दिल्ली में रीडेवलपमेंट (पुनर्विकास का एक नया ट्रेंड चल रहा है. इस एक तरीके से प्रॉपर्टी मालिक न सिर्फ अपने घर की कीमत बढ़ा रहे हैं, बल्कि किराये में होने वाले आमदनी में भी से 20 से 30% तक का जबरदस्त इजाफा कर रहे हैं.

6 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा रीडेवलपमेंट क्षमता

गोल्ड गोल्ड फंड (GGF) की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, साउथ दिल्ली की कॉलोनियों में रीडवेलपमेंट की कुल क्षमता 6 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा है.

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क्या होता है रीडवेलपमेंट मॉडल

  • गोल्डन ग्रोथ फंड के सीईओ अंकुर जालान के मुताबिक साउथ दिल्ली के स्थानीय निवासी या तो अपनी जमीन बेचकर पैसा कमा रहे हैं या फिर उसे खुद ही 'रीडेवलप' कर रहा है.
  • रीडेवलपमेंट का मतलब है पुराने बने मकान को तोड़कर, नए नियमों (FSI) के हिसाब से ज्यादा एरिया, नई सुविधाएं और मॉडर्न लाइफस्टाइल वाली इमारत बनाना.

प्रॉपर्टी की बढ़ जाती है कैपिटल वैल्यू

गोल्डन गोल्ड फंड के मुताबिक रीडेवलपमेंट की प्रक्रिया से न केवल प्रॉपर्टी की कुल कीमत यानी कैपिटल वैल्यू बढ़ती है, बल्कि नए जमाने के किरायेदार के मुताबिक घर तैयार होने से उसका किराया बढ़ जाता है.

20% से 30% औसत किराया

  • GGF की रिपोर्ट के अनुमान के मुताबिक रीडेवलपमेंट के बाद औसत किराया 20 फीसदी से 30 फीसदी तक बढ़ जाता है. गौरतलब है कि यह नया ट्रेंड ऐसे वक्त में आया जब दिल्ली का प्रॉपर्टी मार्केट पहले से शानदार प्रदर्शन कर रहा है.
  • GGF की रिपोर्ट के मुताबिक 2025 की तीसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) में साउथ दिल्ली के इंडिपेंडेंट फ्लोर्स की कीमतों में 17 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है.

किन कलौनियों में कितनी बढ़ोतरी

रिपोर्ट के मुताबिक साउथ दिल्ली की कैटेगरी A कॉलोनियों जैसे वसंत विहार, गोल्फ लिंक्स और शांति निकेतन में कीमतों में औसतन 17 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी देखी गई है. कैटेगरी B कॉलोनियों जैसे ग्रेटर कैलाश, डिफेंस कॉलोनी, गुलमोहर पार्क में भी कीमतें 12 से 15 फीसदी तक बढ़ी है. अंकुर जालान का कहना है कि साउथ दिल्ली का बाजार दूसरे NCR मार्केट्स से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है क्योंकि यहां डिमांड हमेशा सप्लाई से ज्यादा रहती है. यह एक भरोसेमंद और सुरक्षित निवेश है जहां अच्छा रिटर्न मिलता है.

साउथ दिल्ली में फ्लोर्स की कीमतों में बदलाव (Q3 2024 vs Q3 2025)

कॉलोनी कैटेगरीफ्लोर साइज़ (sq. ft.)औसत कीमत (Q3 2024)औसत कीमत (Q3 2025)सालाना बदलाव
कैटेगरी A2500₹14.5 करोड़₹17 करोड़17%
कैटेगरी A6000₹32 करोड़₹37.5 करोड़17%
कैटेगरी B2500₹8.5 करोड़₹9.5 करोड़12%
कैटेगरी B3200₹13.5 करोड़₹15.5 करोड़15%

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल: साउथ दिल्ली में घरों की कीमतें कितनी बढ़ी हैं?

जवाब: कैटेगरी A कॉलोनियों में औसतन 17% और कैटेगरी B कॉलोनियों में 12% से 15% के बीच कीमतें बढ़ी हैं.

सवाल: रीडेवलपमेंट (पुनर्विकास) क्या है?

जवाब: इसका मतलब है कि स्थानीय मालिक अपनी पुरानी प्रॉपर्टी को दोबारा बनवा रहे हैं ताकि उसकी कीमत और किराये से आमदनी बढ़ाई जा सके.

सवाल: रीडेवलपमेंट से किराया कितना बढ़ सकता है?

जवाब: रिपोर्ट के मुताबिक, रीडेवलपमेंट के बाद नए और बेहतर घर का औसत किराया 20 से 30% तक बढ़ सकता है.

सवाल: साउथ दिल्ली में रीडेवलपमेंट की कुल क्षमता कितनी है?

जवाब: GGF के अनुसार, साउथ दिल्ली की कॉलोनियों में रीडेवलपमेंट की क्षमता 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है.

सवाल: कैटेगरी A और B कॉलोनियां क्या हैं?

जवाब: दिल्ली नगर निगम (MCD) द्वारा तय की गई सबसे पॉश और महंगी कॉलोनियां हैं, जो ज्यादातर साउथ दिल्ली में स्थित हैं.