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रियल एस्टेट कंपनी सत्वा ग्रुप आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 1,500 करोड़ रुपये के निवेश से 30 एकड़ में कार्यालय स्थल के साथ रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट विकसित करेगी. बेंगलुरु के सत्वा ग्रुप ने मंगलवार को आंध्र प्रदेश सरकार में सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार मंत्री नारा लोकेश के साथ विस्तृत चर्चा के बाद इस परियोजना को विकसित करने का फैसला किया है. आपको बता दें कि पिछले दिनों रियल्टी कंपनी ने वाटर्स एज II नाम से अपना नया रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट भी लॉन्च किया था.
कंपनी ने बुधवार को एक बयान में कहा कि वह 30 एकड़ की मिक्स्ड यूज वाली प्रोजेक्ट ‘सत्वा वैंटेज विजाग कैंपस’ विकसित करेगी. बयान के अनुसार, “इस प्रोजेक्ट में कुल 1,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. इसमें ऑफिस स्पेस, प्रीमियम रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट और इंटीग्रेटेड शहरी बुनियादी ढांचा शामिल होगा. ये सभी परियोजनाएं पर्यावरण अनुकूल और वैश्विक मानकों के अनुरूप होंगी.’’एक बार ऑपरेशनल होने पर, इस कैंपस से 25,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
सत्वा ग्रुप ने कहा, ‘‘कंपनी को आंध्र प्रदेश की वृद्धि गाथा में योगदान देने पर गर्व है और उसे विश्वास है कि यह साझेदारी राज्य में विकास और अवसर के नए आयाम खोलेगी.’’ कंपनी आंध्र प्रदेश में पहले से ही एक एकीकृत टाउनशिप विकसित कर रही है. दक्षिण भारत के अलावा, सत्वा ग्रुप की पुणे, गोवा और कोलकाता के बाजारों में भी दमदार उपस्थिति है और यह देश की आर्थिक राजधान मुंबई में दस्तक देने की योजना बना रही है.
सत्वा ग्रुप ने इससे पहले कहा था कि वह गोवा में करीब 800 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. कंपनी ने ‘सत्वा वाटर एज’ का पहला चरण पहले ही विकसित कर लिया है और हाल ही में विला और अपार्टमेंट वाले दूसरे चरण की शुरुआत की है. समूह गोवा में दो और परियोजनाओं की योजना बना रहा है. सत्वा समूह के मैनेजिंग डायरेक्टर बिजय अग्रवाल ने पीटीआई-भाषा को बताया कि गोवा में पहले और दूसरे घरों की भारी मांग है. उन्होंने कहा कि गोवा के बाजार में प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) की भारी दिलचस्पी है.