मिडिल क्लास घर खरीदारों को जिस खबर का था इंतजार, वो आ गई! थम गई प्रॉपर्टी की बेतहाशा महंगाई, स्थिर रहेंगे दाम

प्रॉपर्टी की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि ने मिडिल क्लास के घर का सपना तोड़ दिया है. हालांकि, प्रॉपर्टी की अंधाधुंध बढ़ोतरी पर अब ब्रेक लगता नजर आ रहा है. जानिए क्या कहती है ताजा रिपोर्ट.
मिडिल क्लास घर खरीदारों को जिस खबर का था इंतजार, वो आ गई! थम गई प्रॉपर्टी की बेतहाशा महंगाई, स्थिर रहेंगे दाम

मिडिल क्लास को प्रॉपर्टी के दाम में मिल सकती है राहत (प्रतीकात्मक इमेज/AI/Gemini )

कोविड महामारी के बाद से प्रॉपर्टी की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि ने मिडिल क्लास से अपनी छत का सपना दूर कर दिया है. हालांकि, अब मिडिल क्लास के लिए एक राहत भरी खबर आई है. वित्त वर्ष 2023 से 2025 के बीच प्रॉपर्टी की कीमतों में जो डराने वाला उछाल देखा गया था, उस पर अब ब्रेक लगने जा रहा है. ब्रोकरेज फर्म Emkay और रियल एस्टेट टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म PropTiger ने अपनी ताजा रिपोर्ट में इशारा किया है कि रियल एस्टेट मार्केट अब ठहराव और स्थिरता की तरफ बढ़ रहा है. देश के कई बड़े शहरों में कीमतों की वृद्धि दर या तो घट रही है या फिर स्थिर हो रही है.

आगे कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद

ब्रोकरेज हाउस Emkay की रियल एस्टेट सेक्टर पर रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023 से 2025 के बीच प्रॉपर्टी की कीमतों में भारी उछाल के मुकाबले अब आगे कीमत के स्थिर रहने की उम्मीद है.

नॉर्मलाइजेशन के दौर में बाजार

  • Emkay के मुताबिक प्रॉपर्टी की कीमतों में होने वाली बढ़ोतरी अब बेहद संतुलित होगी. इससे लगातार बढ़ती कीमतों के कारण घर खरीदने का फैसला टालने वाले मिडिल क्लास को बड़ी राहत मिलेगी.
  • बेतहाशा प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ने से अफोर्डेबिलिटी प्रभावित होती है. इससे घर खरीदने का फैसला लंबा खिंच सकता है.
  • रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2022 से 2025 के तेजी के दौर (अपसाइकिल) के बाद अब बाजार में नॉर्मलाइजेशन यानी सामान्य स्थिति की वापसी हो रही है.

Emkay Research

सोर्स: Emkay Research

लिस्टेड डेवलपर्स की प्री-सेल्स में 17 फीसदी की ग्रोथ

Emkay की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 में 18 लिस्टेड रियल्टी कंपनियों की प्री-सेल्स में 17% की सालाना ग्रोथ देखी गई है. हालांकि, यह ग्रोथ पिछले कुछ सालों जैसे वित्त वर्ष 2023 में 43%, वित्त वर्ष 2024 में 39% के मुकाबले सीमित रही है.

टॉप 8 शहरों में नरमी के संकेत

  • Proptiger की रिपोर्ट के मुताबिक, टॉप 8 शहरों में कीमतों की रफ्तार में नरमी के साफ संकेत हैं.
  • कीमतों में नरमी का सबसे बड़ा उदाहरण दिल्ली-एनसीआर का है. 2025 की पहली तिमाही में औसत कीमतों में 43% की सालाना बढ़ोतरी हुई थी, जो 2026 की पहली तिमाही में भारी गिरावट के साथ 18% पर आ गई है.
  • Proptiger के सीईओ प्रकाश तेजवानी के मुताबिक, "भारतीय रेजिडेंशियल मार्केट अब संरचनात्मक तौर से ज्यादा अनुशासित हो गया है. बाजार की ग्रोथ स्पेक्युलेशन के बजाय डिमांड की क्वालिटी, इन्वेंट्री के अनुशासन और खरीदारों के भरोसे पर चल रही है."

टॉप 8 शहरों में प्रॉपर्टी की औसत कीमतें (Q1 2026 vs Q1 2025)

शहरऔसत कीमत Q1 2026 (Rs/sqft)औसत कीमत Q1 2025 (Rs/sqft)सालाना ग्रोथ (Q1 2026 YoY)पिछले साल की ग्रोथ (Q1 2025 YoY)
NCR9,5348,10618%43%
MMR15,12012,60020%20%
पुणे7,9577,10924%14%
बेंगलुरु9,7857,88124%14%
अहमदाबाद4,9494,5688%10%
कोलकाता6,2225,8397%16%
चेन्नई7,4167,1733%18%
हैदराबाद8,2407,41211%10%

सोर्स: Proptiger

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H2 2026 में ये है बड़ी चुनौती

प्रॉपटाइगर की रिपोर्ट के मुताबिक डेवलपर्स अब केवल वॉल्यूम बढ़ाकर प्रॉपर्टी बेचने की होड़ में नहीं हैं. इसके बजाय, उनका पूरा फोकस अब प्रॉपर्टी की सही कीमत बनाए रखने और प्रोजेक्ट को ऐसा बनाने पर है जिसे बिना किसी रुकावट के पूरा किया जा सके. रिपोर्ट साफ तौर पर इशारा करती है कि 2026 की दूसरी छमाही में सबसे बड़ी चुनौती प्रीमियम इन्वेंट्री की बिक्री और मिडिल क्लास अफोर्डेबिलिटी के बीच बैलेंस बनाए रखने की होगी.

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