घर कम बिके, फिर भी लबालब भर रही है बिल्डर्स की तिजोरी, जानिए डेवलपर्स ने क्या पकड़ा मुनाफे का नया फॉर्मूला

Real Estate Trends: देश के रियल एस्टेट मार्केट में इन दिनों एक अलग ट्रेंड देखने को मिल रहा है. जहां एक तरफ घरों की बिक्री में कमी आई है. दूसरी तरफ बिल्डर्स की कमाई में इजाफा हुआ है. जानिए क्यों हुआ है ऐसा.
घर कम बिके, फिर भी लबालब भर रही है बिल्डर्स की तिजोरी, जानिए डेवलपर्स ने क्या पकड़ा मुनाफे का नया फॉर्मूला

Real Estate Trends: देश के रियल एस्टेट बाजार में इन दिनों एक दिलचस्प और चौंकाने वाला ट्रेंड सामने आ रहा है. दिग्गज प्रॉपर्टी कंसल्टेंट Anarock की रिपोर्ट क मुताबिक, देश के 7 अहम शहरों में इस साल की तीसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर 2025) में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 9 फीसदी कम घर बिके हैं. हालांकि, हैरानी वाली बात है कि कम सेल्स के बावजूद बिल्डर्स की कुल कमाई में 14 फीसदी का इजाफा हुआ है. इस गणित से साफ पता चलता है कि बाजार का फोकस आम अदमी से हटकर केवल अमीर खरीदारों की तरफ हो गया है.

97,080 हुई घरों की बिक्री

Anarock के आंकड़ों के मुताबिक साल 2025 की तीसरी तिमाही में लगभग 97,080 घरों की बिक्री हुई है. साल 2024 की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 1.07 लाख से ज्यादा था.

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बिक्री मूल्य हुआ 1.52 लाख करोड़ रुपए

  • कुल बिक्री मूल्य की बात करें तो यह पिछले साल के 1.33 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर इस साल 1.52 लाख करोड़ रुपए हो गया है. इस विरोधाभास का सीधा कारण है लग्जरी फ्लैट की बंपर मांग.
  • रिपोर्ट के मुताबिक बिल्डर अब छोटे और सस्ते घरों के बजाय महंगे और बड़े लग्जरी फ्लैट्स बनाने पर अमादा हैं. इस तिमाही में लॉन्च हुए नए प्रोजेक्ट्स में 38% हिस्सेदारी 1.5 करोड़ रुपए से अधिक कीमत वाले लग्जरी घरों की थी.

बिक्री का विरोधाभास (Q3 2025 vs Q3 2024)

मीट्रिकQ3 2024Q3 2025बदलाव (%)
बिकी कुल यूनिट्स1,07,06097,080-9%
कुल बिक्री मूल्य (₹ Cr)₹1,33,000₹1,52,000+14%

अफोर्डेल घरों की हिस्सेदारी सबसे कम

रिपोर्ट के मुताबिक 40 लाख रुपए से कम कीमत वाले सस्ते यानी अफोर्डेबल घरों की हिस्सेदारी सबसे कम, केवल 16 फीसदी रह गई है. इसका मतलब है कि बिल्डर्स ने कम फ्लैट बेचे हैं, लेकिन हर फ्लैट की कीमत ज्यादा होने के कारण कुल कमाई बढ़ गई है.

मुंबई, पुणे की 48 फीसदी हिस्सेदारी

  • मुंबई और पुणे मिलकर देश में बिकने वाले कुल घरों में 48 फीसदी की हिस्सेदारी रखते हैं. हालांकि, सालाना आधार पर लगभग सभी बड़े शहरों में बिक्री में गिरावट देखी गई है.

चेन्नई, कोलकाता की सेल्स में बढ़ोतरी

  • चेन्नई और कोलकाता ऐसे शहर रहे जहां सेल्स में क्रमशः 33% और 4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, प्रॉपर्टी की औसत कीमतों में भी देशभर में 9 फीसदी का उछाल आया है.
  • NCR में सबसे ज्यादा 24 फीसदी की बढ़ती में दर्ज की गई है.

नए लॉन्च में किस बजट के घरों का दबदबा?

बजट सेगमेंट

नए लॉन्च में हिस्सेदारी (%)

लग्जरी (> ₹1.5 करोड़)38%
प्रीमियम (₹80 लाख - ₹1.5 करोड़)24%
मिड-सेगमेंट (₹40 - ₹80 लाख)23%
अफोर्डेबल (< ₹40 लाख)16%

असमान रिकवरी के संकेत

रिपोर्ट से साफ पता चलता है कि रियल एस्टेट मार्केट आज एक अहम मोड़ पर खड़ा है, जहां घरों की कुल बिक्री संख्या में गिरावट के बावजूद बिल्डर्स की कमाई में बढ़ोतरी हुई है. इससे पता चलता है कि रियल एस्टेट मार्केट अमीर खरीदारों पर ध्यान केंद्रित हो गया है, जिससे मिडिल क्लास के लिए घर खरीदना एक बड़ी चुनौती बन गया है. चेन्नई और कोलकाता में बिक्री का बढ़ना और एनसीआर में कीमतों में 24 फीसदी का उछाल दिखाता है कि यह अलग-अलग शहरों का परफॉर्मेंस अलग-अलग है, जो मार्केट में असमान रिकवरी का संकेत देता है.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

सवाल: कम फ्लैट बिकने पर भी बिल्डरों की कमाई क्यों बढ़ गई?

जवाब: क्योंकि बिल्डर अब सस्ते घरों की जगह महंगे लग्जरी घर ज्यादा बना और बेच रहे हैं. एक महंगे फ्लैट की कीमत कई सस्ते फ्लैटों के बराबर होती है, जिससे कुल कमाई बढ़ गई.

सवाल: इस रिपोर्ट में 'लग्जरी' घर का क्या मतलब है?

जवाब: ANAROCK की रिपोर्ट के अनुसार, 1.5 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले घरों को लग्जरी सेगमेंट में रखा गया है.

सवाल: देश में सबसे ज्यादा घर कहां बिक रहे हैं?

जवाब: संख्या के हिसाब से सबसे ज्यादा घर मुंबई (MMR) और पुणे में बिक रहे हैं, जो कुल बिक्री का लगभग 48% हिस्सा हैं.

सवाल: क्या अब प्रॉपर्टी की कीमतें कम होंगी?

जवाब: रिपोर्ट के मुताबिक, औसत कीमतों में 9% की बढ़ोतरी हुई है. लग्जरी घरों की मांग को देखते हुए कीमतों में तत्काल बड़ी गिरावट की उम्मीद कम है.

सवाल: आम आदमी के लिए सस्ते घरों का क्या हाल है?

जवाब: नए लॉन्च में सस्ते घरों (अफोर्डेबल सेगमेंट) की हिस्सेदारी सबसे कम (16%) है, जो दिखाता है कि बिल्डरों का फोकस इस सेगमेंट पर कम हो गया है.

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