घर खरीदने की है जल्दबाजी? 6 महीने रुकना है क्यों है समझदारी का फैसला! जानिए वेट एंड वॉच में कैसे होगा फायदा

पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और कच्चे तेल पर दबाव से रियल एस्टेट सेक्टर भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है. ऐसे में यदि घर खरीदने का सोच रहे है तो फिलहाल वक्त जल्दबाजी में कोई फैसला लेने का नहीं बल्कि वेट एंड वॉच का है. जानिए क्या कहती है ताजा रिपोर्ट.
घर खरीदने की है जल्दबाजी? 6 महीने रुकना है क्यों है समझदारी का फैसला! जानिए वेट एंड वॉच में कैसे होगा फायदा

वेट एंड वॉच की रणनीति अपना रहे हैं घर खरीदार (प्रतीकात्मक इमेज/Gemini)

पश्चिम एशिया युद्ध के कारण उपजी आर्थिक अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और बढ़ती महंगाई का असर देश के रियल एस्टेट सेक्टर पर भी दिखने लगा है. डेवलपर के संघ नेशनल रियल एस्टेट डेवलपर्स काउंसिल (NAREDCO) और नाइट फ्रैंक द्वारा जारी 2026 की पहली तिमाही के रियल एस्टेट सेंटिमेंट इंडेक्स के मुताबिक, पिछले कुछ साल से चल रही तेजी के बाद अब बाजार ठहराव के दौर से गुजर हा है. इस कारण ही घर खरीदार जल्दीबाजी में फैसला लेने के बजाए वेट एंड वॉच की रणनीति अपना रहे हैं.

ऊंचे स्तर पर बनी हुई है निर्माण लागत

NAREDCO और नाइट फ्रैंक इंडिया की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक घरों की डिमांड और बिक्री नरम हुई है, लेकिन निर्माण लागत बढ़ने से घरों की कीमत अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है.

सेंटिमेंट स्कोर में आई गिरावट

  • रिपोर्ट के मुताबिक जो लोग निवेश या रहने के लिए नया घर खासकर इंडिपेंडेंट फ्लोर खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह बात समझना काफी जरूरी है कि मार्केट का रुख क्या है.
  • सेंटिमेंट इंडेक्स रिपोर्ट के मुताबिक रियल एस्टेट का करंट सेंटीमेंट स्कीर 2025 के चौथी तिमाही के 60 से गिरकर 2026 की पहली तिमाही 49 पर आ गया है.
  • सेंटिमेंट में गिरावट सीधे तौर पर इशारा कर रहा है कि फिलहाल निराशाजनक स्थिति को दर्शाता है. यही नहीं, फ्यूचर सेंटीमेंट स्कोर भी 61 से घटकर 50 हो गया है, जो दिखाता है कि स्थिति न्यूट्रल रहेगी.

रियल एस्टेट सेंटीमेंट स्कोर में गिरावट

क्वार्टरकरंट सेंटीमेंट स्कोरफ्यूचर सेंटीमेंट स्कोर
Q1 20255661
Q2 20255961
Q3 20256061
Q4 20256061
Q1 20264950

रेजिडेंशियल बिक्री में 4% की गिरावट

नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक 2026 की पहली तिमाही में रेजिडेंशियल बिक्री में सालाना आधार पर 4 फीसदी और नए प्रोजेक्ट लॉन्च में 2 फीसदी की गिरावट आई है.

नहीं कम हो रही घरों की कीमत

  • रिपोर्ट में शामिल 52 फीसदी हितधारकों का मानना है कि आने वाले 6 महीनों में घरों की बिक्री में और भी गिरावट आएगी.
  • बाजार में डिमांड कम होने के बावजूद घरों की कीमतें फिलहाल कम नहीं हो रही हैं.
  • सर्वे में शामिल 73 फीसदी लोगों का अनुमान है कि कीमतें या तो स्थिर रहेंगी या फिर और बढ़ेंगी. इसका कारण स्टील, सीमेंट, लेबर और फाइनेंस का लगातार महंगा, जिसका बोझ आखिरी में घर खरीदारों पर पड़ेगा.
  • 45 फीसदी हितधारकों को लगता है कि नए रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स के लॉन्च में कमी आएगी. बिल्डर्स इस वक्त रिस्क लेने और नई सप्लाई बढ़ाने से बच रहे हैं.

रेजिडेंशियल मार्केट आउटलुक Q1 2026 (आने वाले 6 महीनों का अनुमान)

पैरामीटरबेहतरसमानखराब
रेजिडेंशियल सेल24%24%52%
रेजिडेंशियल लॉन्च31%24%45%
घरों की कीमतें27%46%27%

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जल्दबाजी नहीं इंतजार करने का वक्त

रिपोर्ट के मुताबिक ग्लोबल टेंशन, भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में करीब 70% तक के भारी उछाल के कारण महंगाई बढ़ी है. इस कारण से फिलहाल केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करने से बच रहे हैं, जिससे EMI और लोन की दरें ऊंचे स्तर पर बनी है. ऐसे में जब तक बाजार में स्थितियां स्थिर नहीं हो जाती, तब तक खरीदार का फैसला टालना बेहतर होगा. नाइट फ्रैंक इंडिया के CMD शिशिर बैजल के मुताबिक, "रियल एस्टेट सतर्कता के साथ सतर्कता के साथ नए हालात के साथ खुद को ढाल रहा है. आने वाले कुछ वक्त तक, बाजार से जुड़े लोग देश-दुनिया की आर्थिक स्थिति को समझने के लिए कोई जल्दबाजी नहीं करेंगे और केवल इंतजार करेंगे."

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