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वेट एंड वॉच की रणनीति अपना रहे हैं घर खरीदार (प्रतीकात्मक इमेज/Gemini)
पश्चिम एशिया युद्ध के कारण उपजी आर्थिक अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और बढ़ती महंगाई का असर देश के रियल एस्टेट सेक्टर पर भी दिखने लगा है. डेवलपर के संघ नेशनल रियल एस्टेट डेवलपर्स काउंसिल (NAREDCO) और नाइट फ्रैंक द्वारा जारी 2026 की पहली तिमाही के रियल एस्टेट सेंटिमेंट इंडेक्स के मुताबिक, पिछले कुछ साल से चल रही तेजी के बाद अब बाजार ठहराव के दौर से गुजर हा है. इस कारण ही घर खरीदार जल्दीबाजी में फैसला लेने के बजाए वेट एंड वॉच की रणनीति अपना रहे हैं.
NAREDCO और नाइट फ्रैंक इंडिया की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक घरों की डिमांड और बिक्री नरम हुई है, लेकिन निर्माण लागत बढ़ने से घरों की कीमत अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है.
सेंटिमेंट स्कोर में आई गिरावट
रियल एस्टेट सेंटीमेंट स्कोर में गिरावट
| क्वार्टर | करंट सेंटीमेंट स्कोर | फ्यूचर सेंटीमेंट स्कोर |
| Q1 2025 | 56 | 61 |
| Q2 2025 | 59 | 61 |
| Q3 2025 | 60 | 61 |
| Q4 2025 | 60 | 61 |
| Q1 2026 | 49 | 50 |
नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक 2026 की पहली तिमाही में रेजिडेंशियल बिक्री में सालाना आधार पर 4 फीसदी और नए प्रोजेक्ट लॉन्च में 2 फीसदी की गिरावट आई है.
नहीं कम हो रही घरों की कीमत
रेजिडेंशियल मार्केट आउटलुक Q1 2026 (आने वाले 6 महीनों का अनुमान)
| पैरामीटर | बेहतर | समान | खराब |
| रेजिडेंशियल सेल | 24% | 24% | 52% |
| रेजिडेंशियल लॉन्च | 31% | 24% | 45% |
| घरों की कीमतें | 27% | 46% | 27% |
रिपोर्ट के मुताबिक ग्लोबल टेंशन, भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में करीब 70% तक के भारी उछाल के कारण महंगाई बढ़ी है. इस कारण से फिलहाल केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करने से बच रहे हैं, जिससे EMI और लोन की दरें ऊंचे स्तर पर बनी है. ऐसे में जब तक बाजार में स्थितियां स्थिर नहीं हो जाती, तब तक खरीदार का फैसला टालना बेहतर होगा. नाइट फ्रैंक इंडिया के CMD शिशिर बैजल के मुताबिक, "रियल एस्टेट सतर्कता के साथ सतर्कता के साथ नए हालात के साथ खुद को ढाल रहा है. आने वाले कुछ वक्त तक, बाजार से जुड़े लोग देश-दुनिया की आर्थिक स्थिति को समझने के लिए कोई जल्दबाजी नहीं करेंगे और केवल इंतजार करेंगे."