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भारत के रेजिडेंशियल रियल एस्टेट बाजार ने साल 2025 की तीसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर) में मजबूती के नए संकेत पेश किए हैं. PropTiger.com की रिपोर्ट “रियल इनसाइट रेसिडेंशियल: जुलाई–सितंबर 2025” के अनुसार, देश के टॉप आठ शहरों में रेजिडेंशियल कीमतों में 7% से लेकर 19% तक की सालाना बड़ी ग्रोथ दर्ज की गई है. इनमें दिल्ली-एनसीआर ने कमाल कर दिया है. असल में इसमें दिल्ली एनसीआर सबसे आगे रहा, जहां घरों की कीमतों में 19% सालाना और 9.8% तिमाही ग्रोथ देखी गई.
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में घरों की औसत कीमत ₹7,479 प्रति वर्गफुट (Q3 2024) से बढ़कर ₹8,900 प्रति वर्गफुट (Q3 2025) पर पहुंच गई है. ऐसे में विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बढ़ोतरी मजबूत एंड-यूज़र डिमांड, लग्जरी सेगमेंट में तेजी और सीमित तैयार आवासीय आपूर्ति के चलते हुई है.
ये रिपोर्ट बताती है कि देश के टॉप आठ शहरों में नए प्रोजेक्ट लॉन्च में सालाना केवल 0.1% की मामूली गिरावट आई है, लेकिन पिछली तिमाही की तुलना में 9.1% की ग्रोथ दर्ज की गई. इसका मतलब है कि डेवलपर्स अब बैलेंस होने के साथ नए प्रोजेक्ट्स पेश कर रहे हैं. जुलाई–सितंबर तिमाही में कुल 95,547 आवासीय यूनिट्स की बिक्री हुई, जो सालाना आधार पर केवल 1% कम है.लेकिन इन बिक्री का कुल मूल्य 14% बढ़कर ₹1.52 लाख करोड़ तक पहुंच गया है ऐसे में यह संकेत है कि बाजार प्रीमियम सेगमेंट की ओर तेजी से बढ़ रहा हैय
आपको बता दें कि बेंगलुरु में आवासीय कीमतों में 15% सालाना और 12.6% तिमाही बढ़ोतरी हुई, जहां औसत कीमत ₹7,713 से बढ़कर ₹8,870 प्रति वर्गफुट हो गई. हैदराबाद में भी 13% वार्षिक और 4.6% तिमाही ग्रोथ दर्ज हुई, और कीमतें ₹6,858 से बढ़कर ₹7,750 प्रति वर्गफुट पर पहुंच गई है.
मुंबई, पुणे, चेन्नई और कोलकाता जैसे अन्य प्रमुख शहरों में भी सिंगल-डिजिट ग्रोथ देखी गई, जो यह पेश करती है कि खरीदारों और डेवलपर्स दोनों का ट्रस्ट बाजार में बना हुआ है.ऐसे में रिपोर्ट यह भी बताती है कि डेवलपर्स अब नए लॉन्च को लेकर सावधानीपूर्वक आशावादी रुख अपना रहे हैं.असल में स्थिर बिक्री, प्रीमियम घरों की बढ़ती मांग और मजबूत अर्थव्यवस्था के चलते आने वाले महीनों में रियल एस्टेट बाजार में लगातार पॉजिटिव रुझान बने रहने की संभावना है.
काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर, अमित मोदी ने कहा घर खरीदार अब गुणवत्ता, लोकेशन और सुविधाओं के लिए एक्स्ट्रा पेमेंट करने को तैयार हैं. यही रुझान आने वाले सालों में भी जारी रहेगा. गुरुग्राम और नोएडा दोनों क्षेत्रों में ब्रांडेड डेवलपर्स के नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च होने से मार्केट में ट्रांसपेरेंसी और भरोसा दोनों बढ़े हैं. एसकेए ग्रुप के डायरेक्टर संजय शर्मा कहते हैं, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद क्षेत्र NCR की हाउसिंग कहानी की नई परिभाषा गढ़ रहे हैं, और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट ही असली गेम-चेंजर साबित हुई है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, DMIC, SEZ कॉरिडोर और नई मेट्रो लाइन जैसे प्रोजेक्ट इलाके की विकास कहानी लिख रहे हैं.
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मिग्सन ग्रुप के डायरेक्टर यश मिगलानी का कहना है, इस बार का ग्रोथ पैटर्न बताता है कि भारतीय रियल एस्टेट अब सस्टेनेबल मोड में प्रवेश कर चुका है. डेवलपर्स अब बिना जरूरत के इन्वेंट्री नहीं बढ़ा रहे, बल्कि मांग के हिसाब से स्कीम पेश कर रहे हैं. इससे बाज़ार में संतुलन और मूल्य स्थिरता दोनों बनी रहेगी. अंसल हाउसिंग के डायरेक्टर कुशाग्र अंसल कहते हैं, दिल्ली-एनसीआर का रूप बहुत पॉजिटिल है. प्रीमियम सेगमेंट में जो बढ़ोतरी दिखी है, वह केवल कीमतों की नहीं बल्कि लाइफस्टाइल की क्वालिटी की भी ग्रोथ है. आने वाले सालों में यह क्षेत्र भारत के सबसे मैच्योर रियल एस्टेट मार्केट्स में से एक बनकर उभरेगा.
ओरिस ग्रुप के हेड सेल्स, विशाल सभरवाल कहते हैं, गुड़गांव और यमुना एक्सप्रेसवे के क्षेत्र NCR के सबसे शक्तिशाली विकास क्षेत्रों के रूप में उभर रहे हैं, जहां गुड़गांव के प्रीमियम लोकेशन लग्ज़री खरीदारों को पसंद आ रहे हैं, वहीं यमुना एक्सप्रेसवे बेल्ट निवेशकों के लिए हॉटस्पॉट बन रहा है, जिसके केंद्र में जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट है. सिक्का ग्रुप के चेयरमैन हरविंदर सिंह सिक्का कहते हैं, एनसीआर रियल एस्टेट का असली इंजन अब एंड यूज़र्स हैं, न कि निवेशकय यही वजह है कि घरों की कीमतों में ग्रोथ के बाद भी मांग स्थिर बनी हुई है. इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स जैसे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, नोएडा एयरपोर्ट और रैपिड रेल सिस्टम ने इस पूरे क्षेत्र को निवेश के लिए आकर्षक बना दिया है.
Top 5 FAQs :
1. 2025 की तीसरी तिमाही में रियल एस्टेट बाजार में कितना ग्रोथ दर्ज हुआ?
PropTiger की रिपोर्ट के अनुसार, देश के टॉप 8 शहरों में घरों की कीमतों में 7% से 19% तक की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
2. दिल्ली-एनसीआर में घरों की औसत कीमत कितनी बढ़ी है?
दिल्ली-एनसीआर में औसत कीमत ₹7,479 प्रति वर्गफुट से बढ़कर ₹8,900 प्रति वर्गफुट हो गई, यानी 19% की जबरदस्त ग्रोथ.
3. किस वजह से दिल्ली-एनसीआर में कीमतें इतनी बढ़ीं?
मजबूत एंड-यूज़र डिमांड, लग्जरी हाउसिंग की तेजी और सीमित सप्लाई के कारण दिल्ली-एनसीआर का बाजार सबसे तेजी से बढ़ा है.
4. किन शहरों में दो अंकों की ग्रोथ देखी गई?
दिल्ली-एनसीआर के अलावा, बेंगलुरु और हैदराबाद में भी घरों की कीमतों में 13% से 15% तक की सालाना वृद्धि दर्ज हुई है.
5. आने वाले महीनों में रियल एस्टेट बाजार का रुझान कैसा रहेगा?
विशेषज्ञों के मुताबिक, स्थिर बिक्री, प्रीमियम घरों की डिमांड और मजबूत अर्थव्यवस्था के चलते बाजार में पॉजिटिव ट्रेंड जारी रहेगा.
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