रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति का ऐलान किया है. आरबीआई ने ब्याज दरों (5.25 फीसदी) में कोई बदलाव नहीं किया है. रियल एस्टेट सेक्टर ने इस घोषणा का स्वागत किया है. रियल एस्टेट सेक्टर के एक्सपर्ट्स ने कहा है कि ब्याज दरों में बदलाव न होने से EMI स्थिर रहेगी, जिससे प्रॉपर्टी की मांग को मजबूत बनाए रखने में मदद मिलेगी. साथ ही होम बायर्स के लिए यह अच्छी खबर है,जो ज्यादा आत्मविश्वास के साथ घर खरीदने की योजना को बना सकते हैं.
5.25% पर कायम ब्याज दरें
नाइट फ्रैंक इंडिया के इंटरनेशनल पार्टनर, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर शिशिर बैजल के मुताबिक, "आरबीआई का रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर बिना बदलाव के बनाए रखने का फैसला मार्केट में स्थिरता लेकर आया है."
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वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता का माहौल
- शिशिर बैजल के मुताबिक यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में फिलहाल अनिश्चितता बनी हुई है.
- बैजल आगे कहते हैं, "भू राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और करेंसी में उतार-चढ़ाव जैसी बाहरी चुनौतियों के बीच, ब्याज दरों को स्थिर रखने से पूरी अर्थव्यवस्था को जरूरी राहत मिली है."
- रियल एस्टेट के लिए ब्याज दरों का स्थिर रहना मार्केट की मौजूदा रफ्तार को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा.
- नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन के मुताबिक कर्ज की दरें स्थिर रहने से घर खरीदारों के लिए प्रॉपर्टी उनके बजट में फिट बैठ सकती है और डेवलपर्स भी ज्यादा भरोसे के साथ नए प्रोजेक्ट्स की योजना बना सकते हैं.
- होम लोन की EMI स्थिर रहने से जो लोग घर खरीदना चाहते हैं, वे अब घर खरीदने जैसे लंबे वक्त के निवेश पर आसानी से ज्यादा भरोसे के साथ फैसला ले सकते हैं.
RBI ने रखा संतुलित और सतर्क रुख
एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी के मुताबिक पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव को देखते हुए RBI ने संतुलित और सतर्क रुख आपनाते हुए ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है.
आत्मविश्वास के साथ ले सकते हैं फैसला
- अनुज पुरी के मुताबिक अभी कई तरह की अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, लेकिन सीजफायर की घोषणा से भविष्य में नई उम्मीद जगी हुई है, भले ही छोटी अवधि में बाजार में काफी उतार-चढ़ाव बना है.
- एनारॉक के चेयरमैन आगे कहते हैं, "ब्याज दरों के स्थिर रहने का मतलब है कि मौजूदा और भविष्य के होम लोन कस्टमर्स के लिए स्थिरता बनी रहेगी. EMI में बदलाव न होने से भविष्य के लिए बजट बनाना आसान होगा.
- अनुज पुरी आगे कहते हैं कि घर खरीदने की योजना बने रहे, खरीदारों के लिए खास तौर से अच्छी खबर है. वे अब ज्यादा आत्मविश्वास के साथ कोई फैसला ले सकें.
खरीदारों का भरोसा होगा मजबूत
दिनेश गुप्ता, अध्यक्ष, क्रेडाई पश्चिमी यूपी के अनुसार रेपो दर के स्थिर रहने से रियल एस्टेट क्षेत्र में स्थिरता का स्पष्ट संदेश जाएगा. मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ब्याज दरों में बदलाव न होना खरीदारों के भरोसे को मजबूत करेगा.
मिडिल क्लास को मिलेगी ईएमआई से राहत
- सुरेश गर्ग, सीएमडी, निराला वर्ल्ड ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा दरों को यथावत रखना यह दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था संतुलित स्थिति में है. रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए यह अनुकूल संकेत है, क्योंकि मासिक किस्तों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी.
- अश्वनी नागपाल, सीओओ, डिलीजेन्ट बिल्डर्स के अनुसार वैश्विक तनाव के बावजूद रेपो दर में स्थिर रखना, घरेलू अर्थव्यवस्था को स्थिर व मजबूत बनाए रखने का प्रयास है. रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए यह भरोसे का संकेत है कि वित्तीय लागत नियंत्रण में रहेगी.
- हिमांशु गर्ग, निदेशक, आरजी ग्रुप ने कहा रेपो दर में बदलाव न होना आवासीय मांग के लिए सकारात्मक संकेत है. विशेषकर मध्यम वर्ग और किफायती आवास श्रेणी में स्थिर मासिक किस्तों से खरीदारी की गति बनी रहेगी.
घर खरीदने की योजना बना रहे खरीदारों को राहत
राकेश सिंघल, एमडी, श्री केबी ग्रुप के मुताबिक मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भारतीय रिजर्व बैंक का सतर्क रुख सराहनीय है. इससे रियल एस्टेट क्षेत्र को स्थिर ब्याज दरों का वातावरण मिलता है.
घर खरीदारों को मिलेगा फायदा
- अतुल विक्रम सिंह, फाउन्डर, विजन बिजनेस पार्क ने कहा रेपो दर के स्थिर रहने से बैंकों की ऋण दरों में भी स्थिरता बनी रहती है. इसका सीधा लाभ उन घर खरीदारों को मिलता है जो लोन चुका रहे हैं तथा घर खरीदने की योजना बना रहे हैं.
- दिनेश जैन, एमडी, एक्सोटिका हॉऊसिंग ने कहा आज के वैश्विक माहौल में स्थिरता और पूर्वानुमान सबसे बड़ी आवश्यकता है. भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा दरों को स्थिर रखने से डेवलपर्स बेहतर योजना और समयबद्ध क्रियान्वयन कर सकते हैं.
- शैलेन्द्र शर्मा, चेयरमैन, रेनॉक्स ग्रुप ने कहा ब्याज दरों में स्थिरता संस्थागत निवेशकों के लिए भी सकारात्मक संकेत है. इससे रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश का वातावरण मजबूत होता है.
विकास और महंगाई के बीच संतुलन
पंकज कुमार जैन, निदेशक, केडब्लू ग्रुप के अनुसार रेपो दर को यथावत रखना यह संकेत देता है कि भारतीय रिजर्व बैंक विकास और महंगाई के बीच संतुलन बनाए रखना चाहता है.
आर्थिक विकास को मिलेगी मजबूती
- गीतांजलि खन्ना, एमडी, रीयरको ने कहा वर्तमान वैश्विक तनावपूर्ण माहौल के बीच भारत में ब्याज दरों की स्थिरता एक महत्वपूर्ण सकारात्मक कारक है.
- इससे घर खरीदारों का विश्वास बना रहता है और रियल एस्टेट क्षेत्र में निरंतर मांग देखने को मिलती है, जो समग्र आर्थिक विकास को भी मजबूती प्रदान करती है.
- कुशमैन एंड वेकफील्ड के चीफ एग्जीक्यूटिव - इंडिया, SEA, MEA, APAC ऑफिस एंड रिटेल अंशुल जैन के मुताबिक 2025 में ब्याज दरों में लगभग 125 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई थी, इस कारण अभी भी होम लोन की दरें निचले स्तर पर हैं.
- अंशुल जैन आगे कहते हैं कि अफोर्डेबल और मिड सेगमेंट के घर खरीदारों को फायदा मिलता रहेगा. अभी के आर्थिक माहौल में भारतीय रियल एस्टेट मार्केट की लगातार ग्रोथ को बनाए रखने के लिए स्थिर और साफ नीतियों का होना जरूरी है.
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टॉप 7 शहरों में घटी घरों की बिक्री
Anarock रिसर्च के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 की पहली तिमाही में देश के टॉप 7 शहरों में लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपए की 1,01,675 मकान बेचे गए हैं. हालांकि, तिमाही आधार पर इसमें 7 फीसदी की गिरावट आई है. अनुज पुरी के मुताबिक बिक्री का यह सिलसिला दिखाता है कि मार्केट हर स्थिति से निपटने में सक्षम है. इसके फंडामेंटल्स अभी भी मजबूत हैं. जैसे-जैसे आर्थिक स्थिति ज्यादा साफ होगी और ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा, हाउसिंग मार्कट एक फिर से रफ्तार पकड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है.
टॉप 7 शहरों में घरों की बिक्री का हाल
| शहर | बिक्री (Q1 2026) | बिक्री (Q4 2025) | तिमाही बदलाव (Q-o-Q) |
| MMR (मुंबई) | 32,800 | 34,725 | -6% |
| बेंगलुरु | 16,440 | 17,250 | -5% |
| पुणे | 15,300 | 17,000 | -10% |
| दिल्ली-NCR | 15,190 | 15,190 | -8% |
| हैदराबाद | 12,425 | 12,435 | 0% |
| कोलकाता | 5,220 | 5,800 | -10% |
| चेन्नई | 5,395 | 7,515 | -28% |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल: RBI ने ब्याज दरों में कोई बदलाव किया है?
जवाब: नहीं, आरबीआई ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है.
सवाल: वर्तमान में ब्याज दर कितनी है?
जवाब: वर्तमान में ब्याज दर 5.25% है.
सवाल: ब्याज दरों में बदलाव न होने से घर खरीदारों पर क्या असर पड़ेगा?
जवाब: ब्याज दरों में बदलाव न होने से होम लोन की EMI स्थिर रहेगी.
सवाल: ब्याज दरों में बदलाव न होने से डेवलपर्स पर क्या असर होगा?
जवाब: महंगे होम लोन न होने से ज्यादा लोग घर खरीद सकेंगे. इससे डेवलपर्स नए प्रोजेक्ट लॉन्च कर सकते हैं.
सवाल: 2026 की पहली तिमाही में घरों की बिक्री की क्या स्थिति है?
जवाब: 2026 की पहली तिमाही में टॉप 7 शहरों में लगभग 1,01,675 घरों की बिक्री हुई है.