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पुणे प्रॉपर्टी मार्केट में नरमी के संकेत (प्रतीकात्मक इमेज/AI/Gemini)
देश के सबसे बड़े आईटी हब में शुमार पुणे के रियल एस्टेट मार्केट में ठहराव और सुस्ती आ रही है. एक तरफ जहां मुंबई (MMR) का प्रॉपर्टी मार्केट लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है. दूसरी तरफ पुणे में फ्लैट्स की बिक्री और नए लॉन्च नरमी के साफ संकेत मिल रहे हैं. ब्रोकरेज फर्म Emkay, प्रॉपटाइगर और कुशमैन एंड वेकफील्ड की ताजा रिपोर्ट से इस बात की तस्दीक होती है कि पुणे के रियल एस्टेट मार्केट में बायर्स अब वेट एंड वॉच की स्थिति में है. यही वजह है कि पुणे में घरो की सेल में 15 फीसदी तक की गिरावट आई है.
ब्रोकरज हाउस Emkay की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पुणे में घरों की बिक्री में साफ नरमी देखी गई है. वित्तीय वर्ष 2026 में पुणे में प्रोजेक्ट्स चला रहे कई प्रमुख डेवलपर्स की प्री-सेल्स में या तो गिरावट आई है. साथ ही ग्रोथ बेहद धीमी रही है.
10% घटी प्री- सेल्स
पुणे में प्रमुख डेवलपर्स की प्री-सेल्स (वित्त वर्ष 2026)
| डेवलपर | प्री-सेल्स FY26 (मिलियन रुपये) | सालाना वृद्धि (YoY Growth) |
| गोदरेज प्रॉपर्टीज (GPL) | 36,590 | 7% |
| लोढ़ा (LODHA) | 22,600 | -10% |
| कोल्टे पाटिल डेवलपर्स (KPDL) | 22,310 | -9% |
| आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट (ABREL) | 6,509 | 109% |
कुशमैन एंड वेकफील्ड की रिपोर्ट के मुताबिक 2026 की पहली तिमाही में पुणे में कुल 11,371 रेजिडेंशियल यूनिट्स लॉन्च की गई है. सालाना आधार पर पिछली तिमाही के मुकाबले नए लॉन्च में 2.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.
मुंबई प्रॉपर्टी मार्केट में तेजी
पुणे प्रॉपर्टी मार्केट: एक नजर में (Q1 2026)
| विवरण | आंकड़े |
| कुल बिक्री | 13,565 यूनिट्स (-21.3% YoY) |
| नई लॉन्चिंग | 11,371 यूनिट्स (-2.3% QoQ) |
| औसत कीमत | 7,957 रुपये/वर्ग फुट (+11.9% YoY) |
| औसत कैपिटल वैल्यू | 12,228 रुपये/वर्ग फुट (-0.6% QoQ) |
| मिड-सेगमेंट की हिस्सेदारी | 46% |
Proptiger की रियल इनसाइट रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, देश के टॉप मार्केट में पुणे भी उन शहरों में शामिल रहा है, जहां होम सेल्स में गिरावट देखी गई है. पुणे में फ्लैट्स की बिक्री में सालाना आधार पर 15 फीसदी तक की कमी दर्ज की गई है. प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों और सप्लाई में आए बदलाव के कारण ग्राहक अब संयम बरत रहे हैं और बाजार सामान्य होने के इंतजार कर रहे हैं. कुल मिलाकर आंकड़ों से साफ है कि पुणे का रियल्टी मार्केट फिलहाल कंसोलिडेशन और सुस्ती दौर से गुजर रहा है. कीमतों में तेजी ने खरीदार को सोचने पर मजबूर किया है, जिससे बिक्री के आंकड़े नरम पड़े हैं.