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मेट्रो सिटीज खासकर दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में बढ़ रहे प्रॉपर्टी के दाम के कारण घर आम आदमी की पहुंच से दूर हो गए हैं. हालांकि, दाम में बेतहाशा वृद्धि के बीच एक अच्छी खबर आई है. कोलियर्स की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 15 साल में भारतीय शहरों में घर खरीदना पहले से कहीं ज्यादा अफोर्डेबल हो गया है. खासतौर पर पुणे, अहमदाबाद और हैदराबाद ने दिल्ली एनसीआर और मुंबई जैसे महंगे शहरों को पीछे छोड़ दिया है.
कोलियर्स की रिपोर्ट के मुताबिक देश में औसत अफोर्डिबिलिटी का स्तर, जिसे प्राइस-टू-इनकम (P/I) रेश्यो से मापा जाता है. ये रेश्यो जितना कम होता है, उतना बेहतर अर्फडिबिलिटी होती है. 2010 में ये रेश्यो 88.5 था, जो साल 2025 में सुधरकर 45.3 हो गया है. साफ मतलब है कि लोगों की इनकम में वृद्धि, घरों की कीमतो में बढ़ोतरी की तुलना में बेहतर रही है.
कोलियर्स की रिपोर्ट के मुताबिक पुणे एक संतुलित बाजार बनकर उभरा है. यहां का P/I रेश्यो 29.9 है. कुशमैन एंड वेकफील्ड के मुताबिक, पुणे में 2025 की तीसरी तिमाही में 10,776 नए यूनिट्स आए हैं.
मिड सेगमेंट घरों की हिस्सेदारी 58%
अफोर्डेबिलिटी रिपोर्ट कार्ड (2010 vs 2025)
| शहर | P/I रेश्यो (2010) | P/I रेश्यो (2025) | निष्कर्ष |
| हैदराबाद | 25.6 | 16.3 | सबसे सस्ता (Best Buy) |
| अहमदाबाद | 43.6 | 19.8 | बेहतरीन सुधार |
| पुणे | 55.4 | 29.9 | संतुलित और किफायती |
| दिल्ली NCR | 63.8 | 27.8 | बेहतर हुआ |
| मुंबई | 120.8 | 60.6 | अब भी बहुत महंगा |
सोर्स: Colliers
पुणे की तरह ही अहमदाबाद भी मिडिल क्लास फैमिली के लिए एक सच्चा साथी बन रहा है. कोलियर्स के मुताबिक इस शहर में P/I रेश्यो गिरकर 19.8 पर आ गया है.
किस शहर में क्या ट्रेंड
| शहर | नए घर (Units) | सबसे हॉट जोन | खास बात |
| पुणे | 10,776 | NH4 बाईपास (हिंजेवाड़ी, वाकड) | 58% घर मिड-सेगमेंट के हैं. |
| हैदराबाद | 10,101 | वेस्ट जोन (कोल्लूर, नल्लागंदला) | 63% घर हाई-एंड सेगमेंट के हैं. |
| अहमदाबाद | 5,197 | वेस्ट पेरीफेरल (साउथ बोपल, शेला) | 75% घर मिड-सेगमेंट के हैं. |
सोर्स: कुशमैन एंड वेकफील्ड
हैदराबाद भी 16.3 P/I रेश्यो के साथ देश के सबसे किफायती शहर में एक बना है. 2025 की तीसरी तिमाही में यहां 10,101 यूनिट्स लॉन्च हुई है, जिसमें 63% हिस्सेदारी लग्जरी सेगमेंट की है. इसका साफ मलब है कि कम दाम में भी आपको बेहतरीन लाइफस्टाइल मिल सकती है. शहर का वेस्ट जोन सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बनकर उभरा है, जहां पर 39 फीसदी नए प्रोजेक्ट्स आए हैं. नल्लागंदला और कोल्लूर जैसे इलाके डेवलपर्स और खरीदारों की पहली पसंद हैं. यहां प्रॉपर्टी की कैपिटल वैल्यू में साल-दर-साल 6 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है.
सवाल: क्या हैदराबाद में सिर्फ महंगे घर ही मिल रहे हैं?
जवाब: भले ही हैदराबाद में 63% नए घर 'हाई-एंड' हैं, लेकिन लोगों की बढ़ती आय के कारण हैदराबाद देश का सबसे किफायती शहर है.
सवाल: किराये की इनकम से कमाई के लिए कौन सा शहर बेस्ट है?
जवाब: अहमदाबाद। यहां किराये में सालाना 22% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जो पुणे (1-3%) और हैदराबाद (5%) से काफी ज्यादा है.
सवाल: पुणे में घरों की औसत कीमत कम क्यों हुई है?
जवाब: पुणे में डेवलपर्स ने अब महंगे घरों की जगह सस्ते 'मिड-सेगमेंट' घर (58%) ज्यादा लॉन्च किए हैं, जिससे औसत कीमतों में करीब 13% की कमी दिखी है.
सवाल: अहमदाबाद में निवेश के लिए टॉप लोकेशन कौन सी है?
जवाब: 'वेस्ट पेरीफेरल' (जैसे साउथ बोपल और शेला)। शहर में बने कुल नए घरों का 62% हिस्सा इसी इलाके में है.
सवाल: क्या पिछले 15 सालों में घर खरीदना वाकई आसान हुआ है?
जवाब: 2010 के मुकाबले 2025 में घरों की कीमतें कम बढ़ी हैं (5-7%), जबकि लोगों की आय तेजी से (10%) बढ़ी है.