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भारत के आवास बाजार में प्रीमियम संपत्तियों की ओर एक मजबूत रुझान देखने को मिल रहा है. 2025 की पहली छमाही में कुल आवासीय बिक्री का 62 फीसदी 1 करोड़ रुपए से अधिक कीमत वाले घरों से दर्ज किया गया. यह जानकारी मंगलवार को आई एक रिपोर्ट में दी गई. एलएल द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, यह पिछले वर्ष की इसी अवधि के 51 फीसदी की तुलना में शानदार वृद्धि दर्शाता है, जो हाई-एंड हाउसिंग के लिए खरीदारों की बढ़ती पसंद का संकेत है.
3-5 करोड़ रुपए की रेंज वाले घरों की मांग में 14 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि 5 करोड़ रुपए से अधिक कीमत वाले घरों में 2024 की पहली छमाही की तुलना में 8 फीसदी की वृद्धि देखी गई. प्रीमियम आवास की ओर बढ़ते इस रुझान का असर नई परियोजनाओं के शुभारंभ पर भी पड़ा है. 2025 की पहली छमाही में, 1 करोड़ रुपए से अधिक कीमत वाले घरों की संख्या पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में दोगुनी से भी अधिक हो गई.
अकेले 2025 की दूसरी तिमाही में, भारत के शीर्ष सात शहरों में लगभग 70,000 घर बेचे गए,जो पिछली तिमाही की तुलना में 7 फीसदी की वृद्धि दर्शाता है. गलुरु, मुंबई, पुणे और दिल्ली-एनसीआर सबसे आगे रहे, जहां प्रत्येक शहर ने 10,000 से अधिक यूनिट की बिक्री दर्ज की. इन शहरों ने मिलकर दूसरी तिमाही में बिक्री में लगभग 77 फीसदी का योगदान दिया. ई-एंड हाउसिंग सेगमेंट में तिमाही आधार पर मजबूत वृद्धि देखी गई. 5 करोड़ रुपए से अधिक कीमत वाले घरों की मांग में 2025 की पहली तिमाही की तुलना में 42 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि 3-5 करोड़ रुपए की कैटेगरी में 28 फीसदी की वृद्धि हुई.
खरीदारों द्वारा नई लॉन्च की गई संपत्तियों को खरीदने का चलन भी बढ़ रहा है. 2025 की दूसरी तिमाही में, बेचे गए लगभग 29 फीसदी घर उसी तिमाही में लॉन्च किए गए थे, जो महामारी के बाद का एक रिकॉर्ड है. ह उन टॉप डेवलपर्स में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है, जो अपने वादों को पूरा कर रहे हैं और आकर्षक निवेश विकल्प प्रदान कर रहे हैं. एलएल इंडिया के मुख्य अर्थशास्त्री और रिसर्च हेड डॉ. सामंतक दास ने कहा कि लग्जरी आवासों में वृद्धि खरीदारों की बढ़ती समृद्धि और बदलती जीवनशैली की जरूरतों को दर्शाती है.
जेएलएल के वरिष्ठ प्रबंध निदेशक शिव कृष्णन ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कुल मिलाकर कम नई परियोजनाओं के लॉन्च के बावजूद खासकर कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु में प्रीमियम आवासों की लॉन्चिंग में तेजी आई है. ष्णन ने कहा, 2025 की पहली छमाही में कुल 1.54 लाख घर लॉन्च किए गए, जिनमें से एक महत्वपूर्ण हिस्सा हाई-एंड कैटेगरी का था. पोर्ट में कहा गया है कि 2025 की दूसरी तिमाही के दौरान भारत के सात प्रमुख शहरों में घरों की कीमतों में भी वृद्धि जारी रही.
दिल्ली एनसीआर में संपत्ति की कीमतों में सालाना आधार पर सबसे ज्यादा 17 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, उसके बाद बेंगलुरु में 14 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई.यह मूल्य वृद्धि उच्च निर्माण लागत और स्थिर मांग के कारण है. भविष्य को देखते हुए, विशेषज्ञों का मानना है कि रेपो दर में हालिया कमी और घटती मुद्रास्फीति से होम लोन सस्ते हो सकते हैं और आवास की मांग बढ़ सकती है. पोर्ट में आगे कहा गया है, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, बढ़ते शहरीकरण और उपभोक्ता खर्च में वृद्धि के साथ, आवासीय बाजार के मजबूत बने रहने की उम्मीद है.