YEIDA Plots Allocation Scheme: यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी ने जेवर एयरपोर्ट के पास 973 प्लॉट्स की योजना शुरू की है. इस योजना के तहत किसानों को आरक्षण मिलेगा. जानिए स्कीम से जुड़े नियम.
1/10जेवर एयरपोर्ट के पहले फेज के उद्घाटन के बाद यमुना एक्सप्रेसवे इंडिस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) ने रेजिडेंशियल प्लॉट स्कीम की शुरुआत की है. इस स्कीम के तहत 973 प्लॉट्स का आवंटन किया जा रहा है.
2/10YEIDA की इस स्कीम में उन किसानों के लिए 17.5 फीसदी प्लॉट्स को रिजर्व किया गया है, जिनकी जमीन यमुना एक्सप्रेसवे या जेवर एयरपोर्ट के विकास के लिए अधिग्रहित या खरीदी की गई है.
3/10YEIDA के इस योजना के ब्रोशर के मुताबिक केवल वे किसान ही आवेदन कर सकते हैं, जिनकी जमीन का कब्जा (बिना अतिक्रमण के) योजना की अंतिम तारीख (6 मई) से पहले YEIDA या जेवर एयरपोर्ट द्वारा ले लिया हो.
4/10ब्रोशर के मुताबिक अगर किसान या उनके कानूनी उत्तराधिकारी या आश्रितों को पहले ही अथॉरिटी की किसी रेजिडेंशियल योजना में प्लॉट या फ्लैट मिल चुका है तो वह इन नई योजनाओं के लिए पात्र नहीं होंगे.
5/10आरक्षित कैटेगरी के तहत सफल आवंटियों को आवंटन की तारीख से 5 साल तक अपना प्लॉट किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर या बेचने करने की परमिशन नहीं होगी.
6/10शर्तों के मुताबिक अगर जमीन के एक से ज्यादा जॉइंट खातेदार हैं, तो सभी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन एक ड्रॉ निकाला जाएगा और केवल एक को ही फाइनल ड्रॉ में शामिल किया जाएगा.
7/10ब्रोशर के नियमों के मुताबिक अगर मूल किसान की मौत हो चुकी है, तो सभी कानूनी वारिसों की सहमति से किसी एक वारिस को ही प्लॉट का आवंटन होगा.
8/10ब्रोशर के मुताबिक आवेदन किसान को अपनी अधिग्रहित जमीन का पूरा मुआवजा बिना किसी विवाद और मुकदमे के योजना की आखिरी तारीख या उससे पहले मिल चुका होना चाहिए.
9/10जिन किसानों का अथॉरिटी किसी भी जमीन पर अतिक्रमण है या जिन्होंने प्राधिकरण के खिलाफ कोई रिट या मुकदमा दायर किया, वह इस योजना के पात्र नहीं होंगे.
10/10योजना के लिए आवेदक किसान और सभी खातेदारों को एफिडेविट देना होगा कि भविष्य में मुआवजे को बढ़ाने या अतिरिक्त जमीन के दावे के लिए किसी भी कोर्ट में कानूनी मामला दर्ज नहीं करेंगे.