Published: 10:27 AM, Jun 2, 2025
|Updated: 10:32 AM, Jun 2, 2025
अपना घर खरीदना हर कोई चाहता है, लेकिन एक घर को खरीदने के लिए होम लोन, डाउन पेमेंट के अलावा रजिस्ट्री के लिए भी तगड़े पैसों की जरूरत पड़ती है. जी हां अक्सर घर की रजिस्ट्री में लगने वाले तगड़े पैसों से लोग परेशान हो जाते हैं. तो अब आप अपनी पत्नी के नाम प्रॉपर्टी खरीदेंगे तो रजिस्ट्रेशन फीस में तगड़ी बचत हो सकती है. अगर अभी भी कोई कंफ्यूजन है तो नीचे पूरी खबर को पढ़िए.

1/7
अपना घर खरीदना हर किसी का सपना होता है.कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने पर रजिस्ट्री करवाते हैं तो उसमें बहुत खर्चा आता है, लेकिन अब आप अपनी पत्नी के नाम पर प्रॉपर्टी रजिस्टर करवाकर लाखों रुपये बचा सकते हैं? जी हां अक्सर ये बात कही जाती है कि पत्नी के नाम संपत्ति खरीद कर आप लाखों रुपए बचा सकते हैं. लेकिन क्या सच में ऐसा होता है, तो चलिए इस कंफ्यूजन को हम दूर करते हैं.

2/7
असल में सरकार महिलाओं को प्रॉपर्टी खरीदने में बढ़ावा देने के लिए कई तरह के फायदे देती है.तो कोई भी प्रॉपर्टी खरीदते टाइम सबसे बड़ा खर्चा होता है स्टाम्प ड्यूटी का. तो अगर आप कोई भी प्रॉपर्टी अपनी पत्नी के नाम पर या फिर जॉइंट नाम (जिसमें पत्नी पहली ओनर हों) पर रजिस्टर करवाते हैं, तो फिर इसमें राहत मिल सकती है. क्योंकि देश के कई राज्यों में स्टाम्प ड्यूटी में करीब 1% से 6% तक की छूट मिल सकती है,तो सोचिए, अगर प्रॉपर्टी 50 लाख की है, तो करीब 1% छूट का मतलब है सीधे ₹50,000 की बचत हो जाएगी.

3/7
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश जैसे देश के कई राज्यों में महिलाओं के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदने पर स्टाम्प ड्यूटी में बड़ी राहत उनको दी जाती है.हालांकि महिलाओं को मिलने वाली ये छूट और इसके नियम हर राज्य में अलग-अलग हो सकते हैं. तो हमेशा प्रॉपर्टी खरीदने से पहले अपने राज्य के नियमों को जरूर समझिए.

4/7
आपको बता दें कि कई ऐसी बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां हैं , जो महिला को घर खरीदारों पर होम लोन की ब्याज दरों में करीब 0.05% से 0.10% तक की छूट का ऑफर मिल सकता है.भले की महिलाओं को मिलने वाली ये छूट आपको छोटी सी लगे, लेकिन लंबे लोन पीरियड में इससे भी हजारों रुपये की बचत हो जाती है.इसके अलावा महिलाओं को लोन एप्लीकेशन प्रोसेस में भी प्राथमिकता दी जाती है.

5/7
आपकी पत्नी की अगर अलग इनकम है और वह प्रॉपर्टी में सह-आवेदक (Co-applicant) और सह-मालिक (Co-owner) हैं, तो फिर पति-पत्नी दोनों को ही होम लोन के मूलधन और ब्याज पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C और 24(b) के तहत छूट भी मिल सकती है.हालांकि इसके लिए टैक्स सलाहकार से सलाह जरूर लें.

6/7
अगर मान लेते हैं कि आप दिल्ली में आपने लिए कोई 50 लाख रुपये की प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं, तो अगर आप अपने नाम इसकी रजिस्ट्री कराएंगे तो 7 फीसदी रजिस्ट्रेशन फीस लग सकती जबकि किसी महिला के नाम रजिस्ट्री कराने पर 5 फीसदी रजिस्ट्री फीस ही लगेगी.तो आप पत्नी या मां के नाम प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराकर कम से कम एक लाख रुपये तक बचा सकते हैं.

7/7
पत्नी के नाम रजिस्ट्री सिर्फ टैक्स बचाने या छूट पाने का जरिया नहीं रखें.अगर पत्नी हाउसवाइफ हैं और उनकी कोई आय नहीं है, तो प्रॉपर्टी खरीदने के लिए दिए गए पैसे को गिफ्ट माना जा सकता है या क्लबिंग ऑफ इनकम के प्रावधान लागू हो सकते हैं, इसके लिए टैक्स के नियमों को समझना होगा.इसके अलावा प्रॉपर्टी खरीदने से पहले किसी अच्छे वकील या प्रॉपर्टी सलाहकार से सलाह जरूर लें.