रियल एस्टेट सेक्टर में रेजिडेंशियल और कमर्शियल रियल एस्टेट के बीच वेयरहाउसिंग रेंटल यील्ड के मामले में निवेशकों की पसंद बना हुआ है.
1/6रियल एस्टेट में इनवेस्टमेंट करते वक्त अक्सर रेजिडेंशियल और कमर्शियल स्पेस पर आम आदमी कंफ्यूज होता है. किराये की कमाई के लिए रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी पर दांव लगाया जाता है. लेकिन ट्रेंड तेजी से बदल रहा है.
2/6रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म नाइट फ्रैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक वेयरहाउसिंग यानी गोदाम नए खिलाड़ी बनकर उभर रहे हैं. यहे रेजिडेंशियल के मुकाबले काफी अच्छा रेंटल यील्ड दे रहे हैं.
3/6नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में आठ प्रमुख बाजारों में वेयरहाउसिंग की डिमांड में सालाना आधार पर 29 फीसदी का जबरदस्त उछाल आया है. इस दौरान कुल 72.5 मिलियन वर्ग फुट (msf) ट्रांजेक्शन हुआ है.
4/6वेयरहाउस में मैन्युफैक्चरिंग, ई-कॉमर्स और थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स (3PL) जैसी बड़ी कंपनियां जगह लेती है. किरायेदार और डेवलपर्स भी लंबी अवधि को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं. इससे सुरक्षित रेंटल इनकम मिलती है.
5/6रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 के कुल ट्रांजेक्शन में 47 फीसदी की भारी हिस्सेदारी के साथ मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर सबसे ज्यादा डिमांड वाला सेक्टर बना है. ई-कॉमर्स कंपनियों की मांग में भी सालाना 56 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.
6/6रिपोर्ट के मुताबिक किरायेदार अब अच्छी सुविधाओं वाले ग्रेड ए गोदामों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिनकी लीज स्पेस में 63 फीसदी हिस्सेदारी है.