किराए का मकान लेते वक्त मकान मालिक सिक्युरिटी डिपॉजिट लेते हैं. अगर मकान मालिक डिपॉजिट नहीं वापस लौटाता तो किरायदार के पास कई कानूनी अधिकार होते हैं. जानिए ये कानूनी अधिकार.
1/8कभी नौकरी, कभी पढ़ाई के सिलसिले से अक्सर लोग अपना घर और शहर छोड़कर दूसरे शहर किराए के मकान में रहते हैं.
2/8किराए का मकान लेते वक्त मकान मालिक सिक्युरिटी डिपॉजिट लेते हैं. हर जगह ये डिपॉजिट अलग-अलग हो सकती है. हालांकि, कई बार मकान मालिक इसे वापस नहीं करते या फिर आनाकानी करते हैं.
3/8अगर मकान मालिक डिपॉजिट नहीं वापस लौटाता तो किरायदार के पास कई कानूनी अधिकार होते हैं. इन अधिकारों का इस्तेमाल करके किरायदार अपना डिपॉजिट वापस ले सकता है.
4/8मकान मालिक यदि डिपॉजिट नहीं लौटा रहा है तो आप इंडियन कॉन्ट्रैक्ट एक्ट 1872 के तहत केस कर सकते हैं. इसके अलावा कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 के तहत शिकायत दर्ज की जा सकती है.
5/8हर राज्य का रेंट कंट्रोल एक्ट भी आपकी डिपॉजिट वापस लेने में मदद कर सकता है. हालांकि,किसी कानूनी विवाद में रेंट एग्रीमेंट आपके लिए अहम दस्तावेज होगा.
6/8रेंट एग्रीमेंट बनाते वक्त सिक्युरिटी डिपॉजिट की रकम कितनी होगी, इसमें कटौती की शर्तें क्या होगी ये सभी डीटेल्स साफ-साफ लिखवाएं.
7/8रेंट एग्रीमेंट में डिपॉजिट लौटाने की समय सीमा को भी लिखवाएं. अगर मकान मालिक डिपॉजिट वापस नहीं कर रहा है तो आप पहले उसे लिखित में रिमाइंड कराएं.
8/8डिपॉजिट वापस न करने की सूरत में आप मकान मालिक को कानूनी नोटिस भी दें सकते हैं. साथ ही सिविल कोर्ट में भी केस दर्ज कर सकते हैं.