कई बार मकान मालिक एग्रीमेंट में निर्धारित राशि से ज्यादा किराया बढ़ाते हैं. न मानने की शर्त पर घर खाली करने के लिए कहते हैं. जानिए रेंट को लेकर क्या कहते हैं कानून.
1/6घर किराए में लेते वक्त मकान मालिक और किराएदार के बीच रेंट एग्रीमेंट बनाया जाता है. इस एग्रीमेंट में लिखा होता है कि हर साल रेंट में कितनी बढ़ोतरी होगी.
2/6कई बार मकान मालिक एग्रीमेंट में निर्धारित राशि से ज्यादा किराया बढ़ाते हैं. न मानने की शर्त पर घर खाली करने के लिए कहते हैं.
3/6घर का किराया बढ़ाने का भी एक तरीका होता है. ये रेंट कंट्रोल एक्ट नियम के तहत होता है, जो राज्य में अलग-अलग है.
4/6महाराष्ट्र रेंट कंट्रोल एक्ट 1999 की अधिनियम की धारा 11 के तहत मकान मालिक स्टैंडर्ड रेंट पर प्रति वर्ष 4 प्रतिशत की वृद्धि कर सकता है.
5/6दिल्ली रेंट कंट्रोल एक्ट के मुताबिक हर तीन साल में किराए में 10% तक की वृद्धि हो सकती है. हालांकि, कुछ शर्तें. वहीं, कर्नाटक के कानून के मुताबिक मकान मालिक हर साल पांच फीसदी किराया बढ़ा सकता है.
6/6केंद्र सरकार ने राज्यों के लिए एक मॉडल टेनेंसी एक्ट, 2021 प्रस्तावित किया है. यह सुझाव देता है कि किराया और उसकी वृद्धि रेंट एग्रीमेंट में मकान मालिक और किरायेदार के बीच आपसी सहमति से तय होनी चाहिए.