कीस्टोन रियल्टर्स मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) से निकलकर नागपुर, कसारा और डोंबिवली जैसे नए और तेजी से उभरते मार्केट्स में अपना विस्तार कर रही है.
1/7मुंबई के महंगे और सीमित रियल एस्टेट मार्केट से निकलकर अब कई बिल्डर्स टियर-2 और टियर-3 शहरों का रुख कर रहे हैं. इन बिल्डर्स में से एक नाम रियल्टी कंपनी कीस्टोन डेवलपर्स का भी है. (प्रतीकात्मक/AI/Gemini)
2/7कीस्टोन रियल्टर्स अब तक केवल मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) पर केंद्रित थी, लेकिन अब कंपनी ने नागपुर, कसारा और डोंबिवली जैसे नए और तेजी से उभरते मार्केट्स में मजबूत एंट्री की है. (प्रतीकात्मक/AI/Gemini)
3/7वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजों के साथ जारी इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन के मुताबिक, कंपनी ने अपने भौगोलिक विस्तार के तहत महाराष्ट्र के प्रमुख टियर-2 शहर नागपुर में एंट्री की है. नागपुर के पारडी इलाके में कंपनी नया प्रोजेक्ट ला रही है. (प्रतीकात्मक/AI/Gemini)
4/7इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन के मुताबिक, पारडी में नया प्रोजेक्ट इमर्जिंग प्रीमियम सेगमेंट का हिस्सा है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट का कुल सेलेबल एरिया 0.36 मिलियन स्क्वायर फीट तय किया गया है. (प्रतीकात्मक/AI/Gemini)
5/7कीस्टोन रियल्टर्स का विस्तार नागपुर तक सीमित नहीं है. महानगर के बाहर, कंपनी ने कसारा में पहला प्लॉटेड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट 'रुस्तमजी बेल व्यू' लॉन्च किया है, जो 88 एकड़ में फैला हुआ है. इसमें कुल 500 प्लॉट्स हैं. (प्रतीकात्मक/AI/Gemini)
6/7कसारा के अलावा डोंबिवली में मास मार्केट सेगमेंट के तहत अर्बन वुड्स प्रोजेक्ट बना रही है. इसका सेलेबल एरिया 1.62 मिलियन स्क्वायर फीट है. वहीं, कंपनी अलीबाग, कर्जत, खोपोली और इगतपुरी में वीकेंड होम्स पर फोकस कर रही है.
7/7कंपनी के मुताबिक, प्लॉटेड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट शुरू करने का मुख्य कारण इनका बिजनेस मॉडल है. इन इलाकों में कंस्ट्रक्शन का वक्त कम लगता है और कैश फ्लो तेजी से आता है. इससे डेवलपर को अपना पैसा फंसाकर नहीं रखना पड़ता है.