निवेशकों के बीच सोना और रियल एस्टेट दोनों ही भरोसेमंद निवेश माने जाते हैं.लेकिन सवाल ये है कि पिछले 10-15 सालों में किसने दिया बेहतर रिटर्न? क्या गोल्ड ने दिलाया तगड़ा मुनाफा या प्रॉपर्टी बनी असली पैसा कमाने वाली मशीन? तो जानें दोनों में निवेश के लिए कौन है बेस्ट?
1/5भारतीय निवेशकों के लिए सोना (Gold) और रियल एस्टेट (Real Estate) हमेशा से बेहतरीन इन्वेस्टमेंट ऑप्शन रहे हैं. इन्हें ना सिर्फ संपत्ति बनाने, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खास माना जाता है. लेकिन, जब पिछले 10 से 15 सालों के रिटर्न की बात की जाए, तो किसने निवेशकों को ज़्यादा मालामाल किया है सोना या फिर प्रॉपर्टी ने? असल में इन दोनों की तुलना करना दिलचस्प हो सकता है, क्योंकि अलग-अलग अवधियों में इनका प्रदर्शन अलग-अलग रहा है और इनके अपने फायदे-नुकसान हैं.
2/5पिछले 10 से 15 सालों में, सोने की ग्रोथ भी खूब दिखाई दी है. सोना ने पिछले 10 से 15 सालों में सोने ने सालाना औसतन 12% से 15% तक का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) रिटर्न दिया है. वहीं, मान लेते हैं कि अगर 15 साल पहले गोल्ड में ₹1 लाख लगाए गए होते, तो आज वह करीब ₹5 लाख हो गए होते. जबकि 10 सालों में गोल्ड का रिटर्न 12 से 14% तक मिला है. हालांकि गोल्ड ने अस्थिर बाजार स्थितियों और आर्थिक अनिश्चितता के दौरान एक सेफ्टी देने का काम किया है, जिससे इसका मूल्य बढ़ा है.
3/5वैसे रियल एस्टेट का रिटर्न लोकेशन, प्रॉपर्टी के प्रकार और मार्केट की स्थितियों पर बहुत ज्यादार निर्भर करता है.वैसे औसत रूप से, पिछले 10 से 15 सालों में रियल एस्टेट ने सालाना करीब 5% से 10% तक का रिटर्न दिया है. मान लेते हैं कि अगर 15 साल पहले आपने ₹1 लाख रियल एस्टेट में लगाए होते, तो वह ₹2.5 लाख तक ही पहुंच गए होते.मान सकते हैं कि पिछले 10-15 सालों में सोने ने रियल एस्टेट से बेहतर और अधिक विश्वसनीय रिटर्न दिया है.
4/5सोना भारतीयों के लिए ना केवल आभूषण, बल्कि सुरक्षित निवेश का प्रतीक भी है. इसकी सबसे बड़ी खासियत है जरूरत पड़ने पर इसे तुरंत बेचकर नकदी में बदला जा सकता है. साथ ही आर्थिक संकट, महंगाई या शेयर बाजार में गिरावट के दौर में सोना एक मजबूत बचाव बनकर उभरता है. इसमें न तो रखरखाव का खर्च है और न ही टैक्स की झंझट, जिससे यह लंबे समय तक सुरक्षित रहता है. हालांकि सोने से कोई नियमित आय नहीं मिल सकती और इसकी ग्रोथ सीमित हो सकती है, फिर भी विविध पोर्टफोलियो के लिए यह एक अहम विकल्प है.
5/5रियल एस्टेट में निवेश लंबे समय में संपत्ति निर्माण का एक अच्छा और स्थिर विकल्प मान सकते हैं. इससे न सिर्फ किराये की नियमित आय मिलती है, बल्कि समय के साथ संपत्ति की कीमत भी बढ़ सकती है, जिससे पूंजी वृद्धि हो सकती है.इसमें होम लोन लेने पर टैक्स छूट भी मिलती है, जो इसे और आकर्षक बनाती है. हालांकि इसमें ट्रांसपेरेंसी कम होती है और अधिक पूंजी की जरूरत होती है, रखरखाव का खर्च होता है और कानूनी प्रक्रिया जटिल हो सकती है, फिर भी यह एक मजबूत निवेश ऑप्शन है.