Ready to Move Vs Under Construction: घर खरीदते वक्त रेडी टू मूव और अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी में से एक को चुनने में बजट आड़े आता है. अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी की कीमत रेडी टू मूव के मुकाबले कम होता है. जानिए क्या है सच्चाई.
1/6घर खरीदने की प्लानिंग में सबसे पहला सवाल आता है कि क्या रेडी टू मूव लें या फिर अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी में दांव लगाएं. अक्सर रेडी टू मूव के मुकाबले अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी सस्ती होती है. लेकिन क्या यह वाकई सस्ती होती है.
2/6आप अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट खरीदते हैं तो पजेशन मिलने तक आपको इंतजार करना पड़ता है. इस दौरान आपको किराया और यदि होम लोन लिया है तो प्री EMI भी भरनी होती है. ये सभी खर्चें अंडर कंस्ट्रक्शन की लागत को बढ़ा देते हैं.
3/6मान लें आप 65 लाख रुपए की अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं. पजेशन मिलने में आपको तीन साल लगेंगे. ऐसे में यदि आप 25,000 रुपए प्रति माह किराया दे रहे हैं तो तीन साल में यह 9 लाख रुपए (₹25,000 x 12 महीने x 3 साल = ₹9,00,000) हो जाएगा.
4/6आपने यदि होम लोन लिया है और यदि प्री ईएमआई 40,000 रुपए है तो 3 साल में कुल 14.4 लाख रुपए (₹40,000 x 12 महीने x 3 साल = ₹14,40,000) देने होंगे.
5/6सभी खर्चों को यदि जोड़ दिया जाए तो घर की कुल लागत 88.4 लाख (₹65 लाख + ₹23.4 लाख = ₹88.4 लाख) हो जाएगी. यानी आपको 23.4 लाख रुपए अतिरिक्त चुकाने होंगे.
6/6मान ले रेडी टू मूव घर की कीमत 80 लाख रुपए है. ऐसे में आप 15 लाख रुपए बचाने के चक्कर में 20 लाख का घाटा उठा रहे हैं. ऐसे में आप अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं तो ऊपर बताएं गए खर्च को जरूर जोड़े. इसके बाद उसकी रेडी टू मूव से तुलना करें. यदि रेडी टू मूव प्रॉपर्टी इन खर्चों के बाद सस्ती है तो आपके लिए फायदेमंद हो सकती है.