Property TDS Rules: भारत में प्रॉपर्टी को लेकर कई नियम है, जिससे अनजान होने के कारण कानूनी मुसीबत में पड़ जाते हैं. जानिए प्रॉपर्टी और टीडीएस से जुड़े एक ऐसे ही नियम के बारे में.
1/8भारत में प्रॉपर्टी खरीदते वक्त कई नियम की अनदेखी और गलती आपको टैक्स डिफॉल्टर बना सकती है. ऐसा ही एक नियम सेक्शन 194-IA भी है, जिसकी जानकारी के आभाव में आपको भारी टीडीएस चुकाना पड़ सकता है.
2/8194-IA के तहत यदि कोई व्यक्ति या संस्था किसी भी भारतीय से प्रॉपर्टी खरीदती है, तो उसे टीडीएस काटना जरूरी होता है.
3/8सेक्शन 194-IA यह नियम तब लागू नहीं होगा यदि ये खेती की जमीन है. या फिर प्रॉपर्टी की कीमत और स्टांप ड्यूटी वैल्यू दोनों 50 लाख रुपए से कम है.
4/8धारा 194-IA के तहत प्रॉपर्टी की खरीद मूल्य या स्टांप ड्यूटी की वैल्यू जो भी ज्यादा है, केवल उस पर 1% TDS कटेगा.
5/8प्रॉपर्टी बेचने वाले के पास PAN या आधार नहीं देता तो 206AA के तहत TDS 20% होगा. यही नहीं, यदि पैन आधार से लिंक नहीं है तो भी 20 फीसदी टीडीएस लागू होगा.
6/8TDS उस समय कटेगा (जो तारीख पहले हो): जब पैसा विक्रेता के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाए. जब नकद, चेक, ड्राफ्ट और दूसरे तरीके से भुगतान किया जाए.
7/8आपको बता दें कि यदि प्रॉपर्टी बेचने वाला NRI है तो खरीदार को सेक्शन 195 के तहत TDS काटना होगा, न कि सेक्शन 194-IA के तहत.
8/8धारा 206AB जिसके तहत रिटर्न फाइल न करने वालों पर ज्यादा TDS कटता है, ये सेक्शन 194-IA पर लागू नहीं होता.