देश के ऑफिस मार्केट में ग्रेड ए स्पेस की काफी डिमांड है. हालांकि, खाली जगहों में आई कमी के कारण रेंट में जबरदस्त बढ़ोतरी हो सकती है.
1/7भारत के कमर्शियल सेगमेंट में ग्रेड ए ऑफिस सेगमेंट की भारी मांग है. प्राइम लोकेशंस पर ऑफिस स्पेस की घटती उपलब्धता के कारण किराये में बड़ी बढ़ोतरी का अनुमान है. रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म Colliers की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है.
2/7Colliers की ताजा Asia Pacific Office Market Insights रिपोर्ट के मुताबिक 2026 की पहली छमाही में मजबूत डिमांड और प्राइम मार्केट्स में सीमित सप्लाई के कारण खाली जगहों में तेजी से कमी आई है.
3/7जगह की भारी किल्लत के कारण रेंटल ग्रोथ को जबरदस्त रफ्तार मिलेगी. इस कारण हॉटस्पॉट एरिया में बेहतरीन प्रॉपर्टी वाले मालिक अब रेंटल मार्केट में फायदे की स्थिति में रहेंगे. उन्हें निवेश में मोटा रिटर्न मिल सकता है.
4/72025 में एशिया पैसिफिक रीजन के 11 प्रमुख मार्केट्स में ऑफिस स्पेस की कुल लीजिंग सालाना आधार पर 11 फीसदी बढ़कर 105.5 मिलियन स्क्वायर फीट (msf) तक पहुंच गई है. इस डिमांड का मुख्य इंजन भारत रहा है.
5/7Colliers के मुताबिक 2025 में पूरे एशिया पैसिफिक रीजन की कुल ऑफिस लीजिंग में अकेले भारत का दबदबा 68 फीसदी का रहा है. इसके अलावा भारत, मेनलैंड चीन और जापान ने मिलकर 2025 की 90 फीसदी से अधिक मांग संचालित की है.
6/72025 के दौरान 11 मार्केट में नई सप्लाई भी 19 फीसदी बढ़कर 9.6 msf रही है, जिसकी लीडरशिप भारत, मेनलैंड चीन और सिंगापुर ने किया है.