कमर्शियल रियल एस्टेट सेक्टर में कमाई के लिए अब भारी भरकम दुकानों पर दांव लगाने का वक्त पुराना हो गया है. अब मिड साइज की सबसे ज्यादा डिमांड है.
1/6कमर्शियल रियल एस्टेट में अब भारी भरकम दुकानों में निवेश अब बीते दौर की बात हो गई है. खासकर रिटेल सेक्टर में कम लागत से ज्यादा कमाई करने का नया फॉर्मूला आ गया है.
2/6Anarock की हालिया Releap H2 2025 रिपोर्ट के मुताबिक ने रिटेल बाजार की नई सच्चाई उजागर की है. रिपोर्ट के मुताबिक भारत के प्रमुख शहरों में बड़े स्टोर्स के बजाय 1 हजार से 5 हजार स्क्वायर फुट की मिड साइज दुकानों की सबसे ज्यादा डिमांड है.
3/6रिपोर्ट की मानें तो मिड साइज की इन दुकानों का फॉर्मेट इंडस्ट्री को उस डिमांड को पूरा कर रहा है, जिसमें उन्हें विस्तार योग्य और कुशल रिटेल यूनिट्स चाहिए.
4/6देश की राजधानी दिल्ली NCR का रिटेल मार्केट मिड से लेकर बड़े स्टोर फॉर्मेट में भारी एक्टिविटी का गवाह बना है. यहां पर 1000 से 2000 स्क्वायर फुट और 2000 से 5000 स्क्वायर फुट, दोनों ही सेगमेंट्स में भारी मांग दर्ज की गई है.
5/6देश के सबसे बड़े आईटी हब बेंगलुरु में 2,000 से 5,000 स्क्वायर फुट का सेगमेंट एक्टिविटी में सबसे अगे है. शहर में होने वाली लगभग 70% लीजिंग सिर्फ 1,000 से 5,000 स्क्वायर फुट की रेंज के अंदर ही केंद्रित है.
6/6रिपोर्ट के मुताबिक मिड साइज फॉर्मेट खर्चों को कंट्रोल करने, ब्रांड की अच्छी विजिबिलिटी के साथ-साथ तगड़े मुनाफे का भी स्वीट स्पॉट बन गया है. साथ ही रिटेलर्स को खर्चे के दबाव को भी कंट्रोल करने में मदद करता है.