Kolkata Real Estate: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के रियल एस्टेट मार्केट में चुनाव के कारण सुस्ती छायी रही. हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक इसमें जल्द ही रिकवरी आएगी.
1/7पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद सीएम शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा सरकार का गठन हो गया है. राज्य में चले चुनावी माहौल और राजनीतिक हलचल का असर राजधानी कोलकाता के रियल एस्टेट बाजार में भी दिखा है.
2/7PropTiger की 2026 की पहली तिमाही की रिपोर्ट के मुताबिक कोलकाता में चुनाव के कारण बायर्स ने वेट एंड वॉच की रणनीति अपनाई थी, इससे घरों की बिक्री और नई सप्लाई में बड़ी गिरावट आई है. हालांकि बाजार में यह मंदी अस्थायी है.
3/7PropTiger के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2026 की पहली तिमाही में कोलकाता में घरों की बिक्री 24.2% (YoY) गिरकर केवल 2883 यूनिट्स रह गई.
4/7रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव को देखते हुए डेवलपर्स ने भी नए प्रोजेक्ट लॉन्च करने में सतर्कता बरती है. 2026 की पहली तिमाही में नई सप्लाई 23.7% (YoY) घटकर 2697 यूनिट्स रह गई. टॉप 8 शहरों की कुल लॉन्चिंग में कोलकाता की हिस्सेदारी घटकर 2.9% रह गई.
5/7बिक्री में गिरावट के बाद प्रॉपर्टी के दाम टूटे नहीं हैं. इससे साबित होता है कि कोलकाता के मार्केट फंडामेंटल्स मजबूत हैं. प्रॉपर्टी की औसत कीमत सालाना 6.6% बढ़कर 6222 रुपए प्रति वर्ग फुट हो गई है.
6/72026 की दूसरी छमाही में जोका-एस्पलेनेड मेट्रो फेज 2 और न्यू गरिया एयरपोर्ट मेट्रो लाइन जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स शुरू होने वाले हैं. इससे साउथ कोलकाता (जोका, गरिया, बेहाला, टॉलीगंज) और ईस्ट कोलकाता (न्यू टाउन, राजारहाट, साल्ट लेक) के प्रॉपर्टी मार्केट में दबी डिमांड बाहर आएगी और इन माइक्रो मार्केट्स की तस्वीर बदलेगी.
7/7रिपोर्ट के मुताबिक कोलकाता का पुराना ट्रेंड रहा है कि यहां चुनाव खत्म होने के बाद ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में शार्प रिकवरी आती है. PropTiger के अनुमानों के मुताबिक 2026 की दूसरी तिमाही में बाजार में पोस्ट इलेक्शन डिमांड की वापसी होगी.