Kolkata Real Estate: दिल्ली, मुंबई जैसी मेट्रो सिटीज में प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों ने घर खरीदारों का सपना तोड़ दिया है. वहीं, कोलकाता इकलौती मेट्रो सिटी है जहां मिडिल क्लास के लिए घरों की कोई कमी नहीं है.
1/6दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे मेट्रो शहरों में जहां घरों की कीमत बढ़ने के कारण जहां घर खरीदारों का अपनी छत का सपना टूट रहा है. वहीं, एक मेट्रो सिटी ऐसा भी है जो मिड-सेगमेंट घरों का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बनकर उभर रहा है.
2/6Anarock की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2026 की पहली तिमाही में कोलकाता में लॉन्च हुए कुल नए घरों में से लगभग 71 फीसदी फ्लैट्स अफोर्डेबल और मिड सेगमेंट (80 लाख रुपए तक) के हैं.
3/6एनारॉक के मुताबिक कोलकाता में 80 लाख रुपए तक के घरों की बेहतरीन डिमांड को देखते हुए डेवलपर्स भी इसी सेगमेंट पर अपना दांव लगा रहे हैं.
4/6रिपोर्ट के मुताबिक 2026 की पहली तिमाही के दौरान कोलकाता में कुल 4,140 नई यूनिट्स को लॉन्च हुई है, जो पिछले पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 25 फीसदी ज्यादा.
5/6कुशमैन एंड वेकफील्ड की रिपोर्ट भी कोलकाता के मिड सेगमेंट के गढ़ होने की पुष्टि करता है. साल 2025 में नए लॉन्च में मिड सेगमेंट की कुल हिस्सेदारी 54 फीसदी थी. अफोर्डेबल सेगमेंट की हिस्सेदारी 18 फीसदी रही है.
6/6मिड सेगमेंट की सबसे ज्यादा सप्लाई नॉर्थ और साउथ कोलकाता में है. दोनों की 42-42 फीसदी हिस्सेदारी रही है. राजारहाट, जोका, बीटी रोड, NSC बोस रोज और EM बाईपास जैसे इलाकों में मिड सेगमेंट के बड़े प्रोजेक्ट्स हैं.