Jewar Airport, Noida Property Market: जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन पीएम मोदी 28 मार्च 2026 को करेंगे. जानिए कैसे यह नोएडा और एनसीआर प्रॉपर्टी मार्केट के लिए हो सकता है गेम चेंजर.
1/628 मार्च 2026 को शुरू होने वाला नोएडा इंटरनेशल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) दिल्ली एनसीआर खासकर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे और ग्रेटर नोएडा प्रॉपर्टी मार्केट के लिए संजीवनी साबित होगा.
2/6स्क्वायर यार्ड्स की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक जेवर एयरपोर्ट के आसपास के पूरे एरिया को 5 रणनीतिक जोन में बांटा गया है. हर जोन में प्रॉपर्टी के दाम अलग-अलग वक्त में बढ़ेंगे.
3/6स्क्वायर यार्ड्स की रिपोर्ट के अनुसार पहले पांच साल में एयरपोर्ट के सबसे नजदीक इलाके (एरोट्रोपोलिस) का विकास होगा. यहां कमर्शियल ऑफिस, होटल, प्रीमियम रिटेल, ट्रांजिट हब विकसित होंगे. इससे रेंटल डिमांड और प्रॉपर्टी की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है.
4/6रिपोर्ट के मुताबिक एयरपोर्ट में जैसे-जैसे लोग काम करना शुरू करेंगे, वैसे-वैसे अगले 2 से 7 साल में एक्सप्रेसवे के साथ विकसित हो रहे रिहायशी इलाकों में घरों की मांग बढ़ेगी और कीमतों में बढ़ोतरी होगी. यहां गेटेड कम्युनिटी, अस्पताल जैसी सुविधाएं आ रही हैं.
5/6एयरपोर्ट के पास लॉजिस्टिक्स पार्क, टॉय पार्क, अपैरेल पार्क, डेटा सेंटर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और वेयरहाउसिंग जैसे इंडस्ट्रियल हब विकसित हो रहे हैं. 5 से 10 साल में औद्योगिक गतिविधि बढ़ने से रोजगार बढ़ेगा इससे अफोर्डेबल हाउसिंग की मांग बढ़ेगी.
6/6जेवर एयरपोर्ट के पास विकसित होने वाली फिनटेक आईटी सिटी हाई टेक सर्विस और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स के लिए रिजर्व है. 7 से 12 साल में कॉर्पोरेट बिजनेस पार्क, सॉफ्टवेयर हब और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप होंगे. व्हाइट कॉलर प्रोफेशनल से हाई एंड रेजिडेंशियल और रेंटल मार्केट को मजबूती मिलेगी.