Property in India: रोटी-कपड़ा और मकान को हर इंसान की मूलभूत जरूरत बताया है. हालांकि, प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमत ने मिडिल क्लास को रोटी और कपड़ा कुर्बान करने के लिए मजबूर कर दिया है. जानिए क्या कहते हैं आंकड़े.
1/6भारत में अपना आशियाना लेना हर किसी का सपना होता है. लोग अपने जीवन भर की पूंजी एक अदद घर खरीदने में लगा देते हैं. हालांकि, प्रॉपर्टी के दाम में बेताशा बढ़ोतरी ने मिडिल क्लास के लिए घर खरीदना असंभव होता जा रहा.
2/6रिपोर्ट के मुताबिक मिडिल क्लास यदि बिना कुछ खाए-पिए और कोई खर्च के 20 साल तक अपनी पूरी सैलरी बचाता है तो वह घर खरीदने के बारे में सोच सकता है.
3/6रिपोर्ट के मुताबिक पिछले पांच साल में देश के शीर्ष आठ शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें दोगुनी हो गई है. 2018 में जो औसत कीमत 5500 रुपए प्रति स्क्वायर फीट थी, वह 2023 में बढ़कर 11000 रुपए प्रति स्क्वायर फीट हो गई है.
4/6रिपोर्ट के अनुसार पांच साल की अवधि में मिडिल क्लास की सैलरी में केवल 33 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. यही नहीं अब होम लोन के पारंपरिक नियम भी काम नहीं कर रहे हैं.
5/6दूसरी तरफ बाजार में टैक्स चोरी का खेल भी खुलेआम चल रहा है. यहां खरीदार प्रॉपर्टी को कम कीमत पर रजिस्टर कर बाकी पैसा कैश में देते हैं. इससे ईमानदार खरीदारों के लिए मुश्किल काफी बढ़ जाती है.
6/6अमीर निवेशक और और सट्टेबाज प्री-लॉन्च ऑफर्स में बड़ी संख्या में प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं. इससे आर्टिफिशियल मांग बढ़ रही है और कीमतें आसमान छू रही है. मुंबई और गुड़गांव जैसे भारतीय शहरों में प्रॉपर्टी की दरें न्यूयॉर्क को भी टक्कर दे रही है.